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Ghoda Ghati Balaji Temple Jodhpur

Ghoda Ghati Balaji Temple Jodhpur: मारवाड़ में आस्था का प्रमुख केंद्र बना घोड़ा घाटी बालाजी मंदिर. जोधपुर के बालसमंद स्थित घोड़ा घाटी बालाजी मंदिर, जिसे सैन्य क्षेत्रीय हनुमान जी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, इन दिनों युवाओं और श्रद्धालुओं का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है. बरसों पुराने इस स्वयंभू बालाजी मंदिर की ख्याति पूरे मारवाड़ क्षेत्र में तेजी से फैल रही है. श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां की गई सच्ची प्रार्थना न केवल मन की शांति देती है, बल्कि सरकारी नौकरी सहित जीवन की अनेक मनोकामनाएं भी पूरी करती है.

मंदिर से जुड़े पंडित एस. के. जोशी बताते हैं कि उन्होंने अपनी आंखों से सैकड़ों युवाओं को यहां पूजा करने के बाद सरकारी नौकरी पाते देखा है. उनका कहना है, “जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से बालाजी का ध्यान करता है, उसकी मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होती हैं.” यह विश्वास ही युवाओं को दूर-दूर से इस मंदिर तक खींच लाता है, जो अपने करियर के महत्वपूर्ण मोड़ पर बालाजी का आशीर्वाद चाहते हैं.

युवाओं में बढ़ रहा विश्वास, बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालु

मंदिर के पुजारी पंडित जानकीदास का कहना है कि संकटमोचक बालाजी भक्तों की कठिनाइयों को दूर करते हैं. विशेषकर युवा वर्ग बड़ी संख्या में मंदिर पहुंच रहा है और नौकरी, परीक्षाओं में सफलता तथा करियर में उन्नति के लिए आशीर्वाद मांग रहा है. भक्तों का यह भी कहना है कि मंदिर में आने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और मानसिक शांति का अनुभव होता है, जिससे करियर के तनाव में भी राहत मिलती है.

हर मंगलवार और शनिवार को लगती लंबी कतारें

बालसमंद बालाजी मंदिर में मंगलवार और शनिवार को विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. ये दोनों दिन हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं. घी के दीपक चढ़ाने और आरती में शामिल होने के लिए सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार लग जाती है. युवा, परिवार, महिलाएं और बच्चे—सभी बड़ी श्रद्धा के साथ मंदिर पहुंचते हैं, जिससे माहौल पूरी तरह भक्ति, आस्था और सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है.

पुलिस और आर्मी में मिली सफलता, बढ़ा मंदिर का विश्वास

मंदिर से जुड़े पंडितों के अनुसार केवल सरकारी नौकरी ही नहीं, बल्कि कई श्रद्धालुओं को पुलिस, आर्मी और रक्षा सेवाओं में भी सफलता मिली है. कई लोग चयन के बाद मंदिर लौटकर बालाजी को धन्यवाद देते हैं, जिससे लोगों में विश्वास और भी बढ़ गया है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां की आस्था वर्षों पुरानी है, और श्रद्धालु इसे एक आध्यात्मिक शक्ति का स्थान मानते हैं. यह आस्था ही युवाओं को उनके लक्ष्य की ओर प्रेरित करती है.

डिस्क्लेमर: यह खबर स्थानीय पंडितों और श्रद्धालुओं के अनुभव पर आधारित है। लोकल 18 न्यूज़ किसी भी प्रकार की नौकरी या सफलता की गारंटी नहीं देता। पाठक इसे केवल स्थानीय आस्था और मान्यताओं के संदर्भ में समझें।

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