Rajasthan

गलघोंटू बीमारी बढ़ी: बीकानेर में एडवाइजरी जारी

Last Updated:November 22, 2025, 10:42 IST

Galghotu Disease In Animals: बीकानेर में पशुओं में गलघोंटू बीमारी तेजी से फैल रही है. एडवाइजरी में प्रभावित पशुओं को अलग करने, स्वच्छता बनाए रखने, कृमिनाशक दवाएं देने और खनिज मिश्रण खिलाने की सलाह दी गई है. यह बैक्टीरिया से फैलने वाला जानलेवा रोग है और समय पर इलाज न मिलने पर 24 घंटे में पशु की मौत हो सकती हैI

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बीकानेर में गलघोंटू के बढ़ते केस, दुधारू पशुओं को बचाने के लिए जारी निर्देशबीकानेर में गलघोंटू का प्रकोप बढ़ा, पशुपालकों के लिए एडवाइजरी जारी

बीकानेर. बीकानेर जिले सहित ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों पशुओं में गलघोंटू बीमारी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. यह संक्रामक बीमारी न केवल तेजी से फैल रही है, बल्कि समय पर इलाज न मिलने पर 24 घंटे में घातक साबित हो सकती है. इसी को देखते हुए क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक एवं ग्रामीण कृषि मौसम सेवा ने पशुपालकों के लिए एडवाइजरी जारी की है.

पशुपालकों को सावधान रहने की सलाहएडवाइजरी में स्पष्ट कहा गया है कि गलघोंटू से ग्रसित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से तुरंत अलग कर दें ताकि संक्रमण न फैले. आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते मामलों के कारण पशुपालन विभाग भी अलर्ट मोड में है और पशुपालकों को समय पर इलाज व स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी जा रही है.

बेहतर पोषण और स्वच्छता से नियंत्रित हो सकता है संक्रमणएडवाइजरी के अनुसार—

ग्रसित पशु को अलग स्थान पर रखें.
स्वच्छता और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें.
बछड़ों और गैर गर्भवती दुधारू गायों को एंडो-परजीवियों के खिलाफ कृमिनाशक दवा दें.
दुधारू पशुओं को उनके वजन के अनुसार 20 से 50 ग्राम खनिज मिश्रण प्रतिदिन खिलाएं ताकि दूध बुखार, प्रोलैप्स और कमजोरी जैसी समस्याओं से बचा जा सके.
बीमारी दिखते ही तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें.

अधिकारियों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने पर बीमारी पर नियंत्रण संभव है, लेकिन देरी करना पशु की जान को खतरे में डाल सकता है.

क्या है गलघोंटू बीमारी?गलघोंटू एक गंभीर और जानलेवा संक्रामक रोग है जो मुख्य रूप से गाय, भेड़, बकरी और हिरण जैसे पशुओं को प्रभावित करता है. यह पास्चुरेला मल्टोसिडा नामक बैक्टीरिया से फैलता है और अधिकतर बरसाती मौसम में तेजी से फैलाव देखा जाता है.

गलघोंटू के प्रमुख लक्षणतेज उच्च बुखार
गले के नीचे सूजन
सांस लेने में कठिनाई
नाक व मुंह से लार या स्राव निकलना
पशु का खाना छोड़ देना
अत्यधिक सुस्ती

विशेषज्ञों के अनुसार, यह रोग अक्सर इतनी तेजी से बढ़ता है कि 24 घंटे के भीतर मृत्यु तक की स्थिति बन जाती है, इसलिए जागरूकता और समय पर इलाज बेहद जरूरी है.

Location :

Bikaner,Bikaner,Rajasthan

First Published :

November 22, 2025, 10:42 IST

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बीकानेर में गलघोंटू के बढ़ते केस, दुधारू पशुओं को बचाने के लिए जारी निर्देश

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