बांसवाड़ा का दर्दनाक हादसा: ड्राइवर ने एंबुलेंस में पहुंचाया शव… तभी पता चला मृतक उसका बेटा!

Last Updated:October 24, 2025, 18:03 IST
Banswara News: भगतपुरा गांव में दो बाइकों की टक्कर से तीन युवकों की मौत हुई, जेफरीन ने एंबुलेंस से शव पहुंचाए, बाद में पता चला उनमें उसका बेटा ऐरोन भी था. गांव में शोक और जांच जारी है.
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आकाश सेठिया/बांसवाड़ा. गुरुवार शाम बांसवाड़ा जिले के भगतपुरा गांव के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में तीन युवकों की मौत हो गई, और यह हादसा उन लोगों के लिए और भी भयावह बन गया जो मौके पर मौजूद थे. इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू एंबुलेंस चालक जेफरीन के लिए था. जेफरीन ने शवों को अस्पताल मोर्चरी तक पहुंचाने में मदद की, लेकिन उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि उन शवों में उसका 17 साल का बेटा ऐरोन भी शामिल है.
हादसा शाम के समय हुआ जब दो बाइकों की टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवक मौके पर ही काल के गाल में समा गए. आसपास मौजूद लोग लाशों को देखकर स्तब्ध रह गए. जेफरीन भी मदद के लिए आगे बढ़ा और शवों को एंबुलेंस में रखकर अस्पताल ले गया. लेकिन जैसे ही उसने अपना काम पूरा किया और घर की ओर बढ़ा, तभी थाने से फोन आया. पुलिस ने बताया कि हादसे में उसका बेटा भी शिकार हुआ है. यह सुनते ही जेफरीन के पैरों तले जमीन खिसक गई. वह समझ ही नहीं पा रहा था कि जिस शव को उसने अभी-अभी अस्पताल मोर्चरी पहुंचाया, वह उसका अपना बेटा है.
गांव में शोक और राहत कार्यइस हृदय विदारक हादसे ने गांव के लोगों के दिलों को झकझोर दिया. भगतपुरा गांव के समाजसेवी हरिश्चंद्र कलाल ने घायलों और मृतकों को अस्पताल तक पहुँचाने में मदद की. मृतक युवकों में जेफरीन का बेटा ऐरोन और दो अन्य युवक शामिल थे. स्थानीय लोग हादसे के बाद सदमे में हैं और सभी शोक व्यक्त कर रहे हैं.
जांच और प्रशासनिक कदमपुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसे का कारण सड़क पर लापरवाही और दोनों बाइकों की आमने-सामने की टक्कर रही. प्रशासन ने भी राहत कार्य और घायलों की मदद के लिए तुरंत कदम उठाए. यह हादसा न केवल सड़क सुरक्षा की गंभीर स्थिति को उजागर करता है, बल्कि एक पिता के जीवन का सबसे दर्दनाक क्षण भी साबित हुआ. जेफरीन ने अपने हाथों से अपने बेटे को अस्पताल पहुंचाया, यह सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं कि कितनी निर्दयता से कभी-कभी नियति अपने खेल दिखाती है. एक पिता की आंखों के सामने अपने ही बच्चे का खोना उस परिवार के लिए अमिट पीड़ा छोड़ गया.
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल… और पढ़ें
Location :
Banswara,Rajasthan
First Published :
October 24, 2025, 18:03 IST
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बांसवाड़ा हादसा: ड्राइवर ने एंबुलेंस में पहुंचाया शव…पता चला मृतक उसका बेटा!



