Ground Report : प्रशासन का नहीं है ध्यान! स्टेशन पर घूम रहे हैं आवारा पशु! सांड़ के हमले में पहले जा चुकी है एक जान

सिरोही:- राजस्थान के प्रसिद्ध हिल स्टेशन माउंट आबू के रेलवे स्टेशन आबूरोड को आदर्श रेलवे स्टेशन की श्रेणी का माना जाता है, लेकिन यहां की व्यवस्थाएं आदर्श श्रेणी की नजर नहीं आ रही है. पिछले दिनों यहां एक सांड़ द्वारा 2 साल की बच्ची को कुचलने के बाद बालिका की जान चली गई थी. इस दुखद घटना के तुरंत बाद आबूरोड उपखंड अधिकारी शंकरलाल मीणा ने नगरपालिका और रेलवे अधिकारियों को इस प्रकार की घटना न हो, इसलिए आवारा पशुओं की रोकथाम के निर्देश दिए थे, लेकिन आज भी रेलवे स्टेशन पर आवारा सांड़ और कुत्ते घूमते नजर आ रहे हैं. ऐसे में ये जानवर यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं.
लोकल-18 ने रेलवे स्टेशन की स्थिति का जायजा लिया, तो स्टेशन परिसर में सांड़ घूमते नजर आए और जगह-जगह कुत्ते परिसर में घूमते दिखाई दिए. आवारा पशुओं को रोकने के लिए मुख्य गेट पर काऊ कैचर लगा हुआ है, वहीं दूसरे एंट्री गेट पर लगे काऊ कैचर का काम जारी है. इन दो जगहों पर पहले भी काऊ कैचर लगे हुए थे, लेकिन आवारा पशु यहां आराम से घूमते दिखाई देते हैं.जिनकी रोकथाम के लिए ना तो रेलवे प्रशासन और ना ही स्थानीय नगरपालिका प्रशासन द्वारा कोई पुख्ता इंतजाम किया जा रहा है.
रेलवे बता रहा नगरपालिका की जिम्मेदारी मामले में रेलवे स्टेशन अधीक्षक महेंद्र प्रताप यादव का कहना है, कि रेलवे स्टेशन से बेसहारा पशुओं को हटाने का काम नगरपालिका प्रशासन का है. उन्होंने जिला कलेक्टर को इस संबंध में पत्र लिखा था. स्थानीय नगरपालिका ही इस पर कार्रवाई कर सकती है. वहीं पालिका प्रशासन का कहना है कि पशुओं को पकड़वाने के लिए टेंडर निकाले गए थे, लेकिन संबंधित फर्म ने किसी कारण काम करने से मना कर दिया. दोबारा नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया करवाकर कार्रवाई की जाएगी.
रेलवे स्टेशन के सामने ही भिड़ गए दो सांड 2 वर्षीय बालिका की मौत के दूसरे ही दिन रेलवे स्टेशन के सामने मुख्य मार्ग पर शुक्रवार को दो सांड़ बीच सड़क पर भिड़ गए. सांडों की लड़ाई में एक दुकानदार का भी नुकसान हो गया. तीन दिन में लगातार दूसरी घटना के बावजूद जिम्मेदार आवारा पशुओं से हो रहे हादसों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं.
बड़े हादसे का है इंतजार स्थानीय निवासी नवीन सांखला ने बताया, कि बालिका की मौत बहुत ही दर्दनाक घटना थी. ऐसी घटना दोबारा ना हो इसके लिए सभी को आवाज उठानी चाहिए. वह खुद भी इस समस्या के लिए धरने पर बैठे थे, और तीन दिन का अल्टीमेटम दिया था. तब उपखंड अधिकारी ने आश्वासन दिया था, लेकिन कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं की गई. रेलवे स्टेशन पर आज भी आवारा सांड घूम रहे हैं. प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है. स्टेशन पर किसी पर्यटक के साथ कोई हादसा हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा. शहरवासी गोविंद प्रसाद अग्रवाल ने बताया, कि इस गरीब परिवार के साथ हुए हादसे के बाद भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया है. गरीब परिवार की बच्ची के साथ ये घटना हुई, इसलिए इसे गंभीरता से नहीं लिया गया.
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FIRST PUBLISHED : January 1, 2025, 19:01 IST