ग्राउंड रिपोर्ट: पाली के इस एरिया में चलना है तो पहले करवा ले इंस्योरेंस, लोग बोले- न जाने कब अधिकारी लेंगे सुध

पाली. टूटी सड़कें और बहता सीवरेज का गंदा पानी इन दिनों पाली वासियों की सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है. टूटी सड़कों पर लगातार गिरते-पड़ते लोग खुद की जान को जोखिम में डालकर ही इन सड़कों से निकलने को मजबूर हैं, तो सीवरेज का गंदा पानी लोगों के स्वास्थ्य को बिगाड़ने का काम कर रहा है. मानो ऐसा लगता है कि पाली के इस क्षेत्र में रहना है तो अपनी गाड़ी से पहले खुद का इंश्योरेंस कराना जरूरी है.
हम बात कर रहे हैं पाली शहर के राजेंद्र नगर और सोमनाथ नगर की, जहां सीवरेज की नालियां ओवरफ्लो होने से गंदा पानी कच्ची सड़कों पर फैल रहा है, जिससे कीचड़ हो जाता है. इससे वाहन चालक फिसलकर अपनी जिंदगी को दांव पर लगाने को मजबूर हैं। क्षेत्र की महिलाएं अपने सुहाग की रक्षा को लेकर इतनी परेशान हो गईं कि आखिरकार शहर के जिलाधीश तक का दरवाजा खटखटाना पड़ा, ताकि उनका सुहाग न उजड़ जाए.
जिंदगी और मौत के बीच क्षेत्रवासियों का संघर्ष
पाली शहर में सीवरेज और सड़कों की परेशानी को लेकर महिलाएं कलेक्टर से मिलने पहुंचीं. इस दौरान महिलाओं ने बताया कि सीवरेज और टूटी सड़कों की वजह से भारी परेशानी हो रही है. राजेंद्र नगर की महिलाओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में बताया कि शहर के राजेंद्र नगर और सोमनाथ नगर में सीवरेज की नालियां ओवरफ्लो हो रही है. इनका गंदा पानी कच्ची सड़कों पर फैलने से कीचड़ ही कीचड़ हो रखा है. आने-जाने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.
रात के समय रोड लाइट भी रहती है बंद
सालों से टूटी सड़कों का निर्माण नहीं हो रहा. रात के समय रोड लाइट भी बंद रहती है. ऐसे में हादसा होने का डर हमेशा बना रहता है. कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इससे परेशान होकर यहां आना पड़ा. उन्होंने बताया कि नगर निगम में भी वे अपनी शिकायत लेकर गई थीं, लेकिन कुछ नहीं हुआ.
न जाने कब अधिकारी लेंगे इस मोहल्ले की सुध
जिला कलेक्टर ने उन्हें समस्या के समाधान का आश्वासन दिया. ज्ञापन देते हुए मोहल्ले की कमला, कैलाश देवी, निरमा, गीता, मीरा, लीला, नीरजा, ममता, नैना, केली बाई, शोभा, अमिया बाई सहित कई महिलाएं मौजूद रहीं. क्षेत्र के लोगों को उम्मीद जरूर है कि उनका समाधान होगा, मगर जब तक अधिकारी मौके पर पहुंचकर जायजा लेकर समस्याओं के समाधान की योजना नहीं बनाते, तब तक लोगों का यह डर बरकरार रहेगा.



