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Ground Report: करौली में मावठ की बारिश बनी वरदान, किसान बोले- गेहूं-सरसों की फसल में आई नई जान

Last Updated:November 09, 2025, 10:07 IST

Karauli Ground Reoprt: करौली जिले में हाल ही में हुई मावठ की झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरे खिला दिए हैं. गेहूं, सरसों और चना जैसी रबी फसलों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही. किसानों का कहना है कि मावठ से फसलों की ग्रोथ और पैदावार में सुधार होगा, साथ ही सिंचाई का खर्च भी बच गया है. कृषि विभाग के अनुसार जिले में सरसों की बुवाई 90,250 हेक्टेयर और गेहूं की 40,000 हेक्टेयर में पूरी हो चुकी है. यह मावठ न केवल मिट्टी की नमी बढ़ाएगी बल्कि फसलों की जड़ें मजबूत कर उपज में वृद्धि करेगी.

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करौली. पूर्वी राजस्थान के करौली जिले में बीते दिनों हुई मावठ की झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है. इस बारिश ने जहां मौसम में ठंडक घोल दी है. वहीं यह बारिश गेहूं, सरसों और चना की फसलों के लिए किसी वरदान से कम नहीं साबित हुई है. जिले के कई किसानों का कहना है कि इस मावठ से उनकी फसलों की पैदावार और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा. गौरतलब है कि कि मानसून सीजन में हुई तेज बारिश के कारण जिले में बाजरे की फसल को भारी नुकसान झेलना पड़ा था.

कई खेतों में फसलें जलमग्न हो गई थीं, जिससे किसानों को आर्थिक हानि उठानी पड़ी. लेकिन अब किसानों को उम्मीद है कि इस बार मावठ की बारिश उनके लिए राहत लेकर आई है. किसानों का कहना है कि अगर ऐसी बारिश दोबारा होती है तो यह रबी फसलों के लिए और भी ज्यादा फायदेमंद रहेगी. हालांकि सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए यह बारिश कुछ हद तक नुकसानदायक साबित हुई है. सब्जियों की खेती करने वाले किसानों का कहना है कि मावठ के बाद सब्जियों में रोग और लट पड़ने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे फसल की गुणवत्ता गिर जाती है और बाजार भाव में नुकसान झेलना पड़ता है.

सब्जियों को हुआ नुकसान तो रबी फसलों के लिए फायदेमंद

जिले के किसान हरिसिंह सैनी ने बताया कि यह मावठ सब्जियों की फसलों के लिए थोड़ी हानिकारक जरूर है, लेकिन गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों के लिए बेहद लाभदायक है. वहीं, किसान बाबूलाल माली का कहना है कि इस मावठ की बारिश ने किसानों को एक सिंचाई के खर्च से बचा लिया है. गेहूं और सरसों की बुवाई के बाद हुई यह बारिश फसलों की पहली सिंचाई के बराबर है, जिससे पौधों की ग्रोथ बेहतर होगी. किसानों का मानना है कि मावठ की पहली बारिश ने न केवल जमीन में पर्याप्त नमी बनाए रखी है, बल्कि इससे फसल की जड़ें मजबूत होंगी और उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी.

90 हजार हेक्टेयर में हुई है सरसों की बुवाई

सहायक कृषि अधिकारी धर्मसिंह मीणा ने बताया कि इस वर्ष जिले में सरसों की फसल की बुवाई का लक्ष्य 95,000 हेक्टेयर रखा गया था, जिसमें अब तक 90,250 हेक्टेयर में बुवाई पूरी हो चुकी है. इसी तरह, गेहूं की फसल का लक्ष्य 80,000 हेक्टेयर है, जिसमें आधी बुवाई पूरी हो चुकी है. वहीं, चना की फसल का लक्ष्य 8,000 हेक्टेयर रखा गया है, जिसमें अब तक 3,500 हेक्टेयर में बुवाई संपन्न हो चुकी है. कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक वी. डी. शर्मा ने कहा कि मावठ की यह पहली बारिश किसानों के लिए अमृत समान है. यह न केवल गेहूं और सरसों की फसलों को मजबूती देगी, बल्कि पूरे जिले के कृषि क्षेत्र के लिए यह बेहद फायदेमंद साबित होगी.

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दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट… और पढ़ें

Location :

Karauli,Rajasthan

First Published :

November 09, 2025, 10:07 IST

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रबी सीजन में राहत की बारिश! किसानों ने कहा- सिंचाई का खर्च बचा, पैदावार बढ़ेगी

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