ग्राउंड रिपोर्ट: नि:स्वार्थ गौ सेवा की मिसाल बना श्री राम गौ सेवा संस्थान, युवाओं ने सैकड़ों बेजुबानों को दिया नया जीवन

करौली. राजस्थान के करौली में युवाओं द्वारा संचालित श्री राम गौ सेवा संस्थान नि:स्वार्थ सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरा है. यह युवा टीम पिछले 6-7 वर्षों से बेसहारा, बीमार और सड़क हादसों में घायल गोवंश के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है. इस टीम के युवाओं द्वारा गंभीर हालत में मिले गोवंश का सबसे पहले रेस्क्यू किया जाता है, उसके बाद विशेषज्ञों की निगरानी में इलाज किया जाता है. आज इस टीम के प्रयासों से करौली में सैकड़ों बेसहारा गोवंश को नया जीवन मिला है.
युवाओं द्वारा संचालित यह संस्थान इंसान और पशु के बीच संवेदनशीलता की एक नई परिभाषा गढ़ रहा है. करौली शहर के बीचों-बीच दुर्घटनाओं में घायल और गंभीर बीमारियों से पीड़ित गौमाता के लिए इस युवा टीम द्वारा एक सैटेलाइट अस्पताल संचालित किया जा रहा है, जहां गोवंश के जख्मों पर नियमित रूप से उपचार किया जाता है. यहां केवल गोवंश ही नहीं, बल्कि अन्य बेजुबान पशुओं का भी इलाज किया जाता है.
लंपी महामारी के दौरान मुहिम की हुई शुरूआत
शुरूआती दौर में यह टीम सड़क पर ही घायल पशुओं का उपचार करती थी. इस मुहिम की शुरूआत लंपी महामारी के दौरान हुई थी. उसी समय शुरू हुई यह सेवा आज करौली में नि:स्वार्थ गौ सेवा की पहचान बन चुकी है. करौली शहर के मेला गेट के पास स्थित पुराने औषधालय भवन में यह युवा टीम कई वर्षों से घायल और संक्रमित गोवंश का इलाज कर उन्हें नया जीवन दे रही है. संस्थान से जुड़े युवाओं के अनुसार, वे सबसे पहले सड़कों पर घायल अवस्था में मिले गोवंश का रेस्क्यू करते हैं, फिर उन्हें कैंपस लाकर विशेषज्ञ टीम की मदद से उपचार किया जाता है. वर्तमान में संस्थान में मौजूद अधिकांश गोवंश असहाय और गंभीर रोगों से ग्रसित है. कई गौमाताएं शारीरिक रूप से अपाहिज हैं, तो कुछ कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रही हैं. इसके बावजूद युवा टीम की निस्वार्थ सेवा से गोवंश में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है.
एक्सीडेंट और लाचार गोवंश से मिली प्रेरणा
संस्थान के राहुल जादौन बताते हैं कि सड़क हादसों में घायल और तड़पते गोवंश को देखकर उन्हें इस सेवा की प्रेरणा मिली. कई बार लाचार गोवंश की मौत के बाद उन्हें जानवरों द्वारा नोचते देखा गया, जिससे मन व्यथित हो उठा. इसके बाद युवाओं ने एकजुट होकर ऐसे गोवंश को बचाने और उनकी सेवा करने का संकल्प लिया.
25 युवाओं की टीम निभा रही जिम्मेदारी
श्री राम गौ सेवा संस्थान में करीब 25 युवाओं की टीम गोवंश की सेवा में जुटी है. इनमें से 15-20 युवा हर समय रेस्क्यू और इलाज के लिए तत्पर रहते हैं. सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंचकर गोवंश को सुरक्षित स्थान पर लाती है और उपचार शुरू करती है. खास बात यह है कि अधिकांश युवा विद्यार्थी या नौकरीपेशा हैं, लेकिन समय प्रबंधन कर नियमित रूप से सेवा करते हैं. संस्थान के सदस्य नीरज शुक्ला बताते हैं कि शुरुआत में फंड की कमी हमारे लिए एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन सेवा कार्य को देखकर अब लोग आर्थिक सहयोग भी करने लगे हैं.
हालांकि वाहन की कमी के कारण हमें कई बार रेस्क्यू में दिक्कत आती है और पशु एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ता है. पशुधन निरीक्षक गौरव सेन का कहना है कि लंपी काल से वे इस टीम के साथ जुड़े हैं. यहां घायल गोवंश को बेहतरीन इलाज, दवाइयां और विशेष आहार दिया जाता है, जिससे उनकी रिकवरी तेजी से होती है. अब स्थानीय लोग भी इस युवा टीम की निस्वार्थ सेवा सराहना कर रहे हैं.



