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इस जगह 17 दिन रुके थे भीलवाड़ा में गुरु गोबिंद सिंह, खालसा पंथ की याद में गुरुद्वारों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़!

Last Updated:January 06, 2026, 18:16 IST

सिख पंथ में गुरु गोबिंद सिंह का अत्यधिक महत्व है, दक्षिण यात्रा के दौरान वह भीलवाड़ा जिले के बागोर साहिब में 17 दिन रुके थे. 1699 में उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की और गुरु ग्रंथ साहिब को सिखों का गुरु घोषित किया. आज भी बागोर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गुरुद्वारा है, जहां देशभर के लोग अरदास करने आते हैं और मन्नत मांगते हैं. भीलवाड़ा में उनके प्रकाश पर्व के अवसर पर सिंधू नगर गुरुद्वारे में कीर्तन, कथा और अटूट लंगर का आयोजन किया. इसमें सिख समुदाय के साथ-साथ अन्य धर्मों के लोग भी शामिल हुए.

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भीलवाड़ा. सिख पंथ में गुरु गोबिंद सिंह का बहुत बड़ा महत्व है, गुरु गोबिंद सिंह दक्षिण की यात्रा में भीलवाड़ा जिले के बागोर साहिब भी आए थे. वह वहां 17 दिन रुके थे. साल 1699 में गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी, यह सिखों के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है. गुरु गोबिंद सिंह ने ही गुरु ग्रंथ साहिब को सिखों का गुरु घोषित किया था. आज भी भीलवाड़ा के बागोर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गुरुद्वारा स्थित है, जहां पूरे देश से सिख धर्म के साथ-साथ अन्य धर्मों के लोग भी पहुंचते हैं और अपनी अरदास लगाते हैं. मान्यता है कि यहां मन्नत मांगने वाले हर व्यक्ति की मनोकामना पूरी होती है.

भीलवाड़ा में सिख पंथ के दसवें गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह का प्रकाश पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. इसके तहत शहर के सिंधू नगर में स्थित गुरुद्वारे में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें विशेष कीर्तन दीवान सज रहे हैं और अटूट लंगर का भी आयोजन हो रहा है. इसमें भीलवाड़ा शहर सहित जिले भर से सिख और अन्य समुदायों के लोग शामिल हो रहे हैं.

गुरुद्वारा गुरुनानक सभा के सचिव ऋषिपाल सिंह ने बताया कि सिख पंथ के दसवें गुरु, गोबिंद सिंह जी के पावन पर्व पर सिंधू नगर गुरुद्वारे में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. पिछले कई दिनों से प्रभात फेरी का आयोजन हो रहा है, इस शुभ अवसर पर गुरुद्वारा गुरुनानक सभा में कथा और कीर्तन समागम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें ज्ञानी करनैल सिंह जी (भीलवाड़ा वाले) और अमनदीप सिंह जी (लुधियाना वाले) कीर्तन कर रहे हैं. सिख समाज के साथ-साथ अनेक अन्य समुदायों के लोग भी गुरुद्वारे में पहुंच रहे हैं, गुरु का अटूट लंगर वितरित किया गया.

भीलवाड़ा में 17 दिन रुके थे गुरु गोबिंद सिंह सचिव ऋषिपाल सिंह ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह दक्षिण की यात्रा में भीलवाड़ा जिले के बागोर साहिब आए थे और वहां 17 दिन रुके थे. साल 1699 में गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना की थी. यह सिखों के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है, गुरु गोबिंद सिंह ने गुरु ग्रंथ साहिब को सिखों का गुरु घोषित किया था. आज भी बागोर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का गुरुद्वारा है, जहां देशभर से सिख धर्म के अनुयायी और अन्य धर्मों के लोग अरदास करने आते हैं. यहां मन्नत मांगने वालों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

About the AuthorMonali Paul

Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें

Location :

Bhilwara,Rajasthan

First Published :

January 06, 2026, 18:16 IST

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गुरु गोबिंद सिंह का ऐतिहासिक प्रवास और प्रकाश पर्व समारोह बागोर साहिब

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