Rajasthan

प्राचीन पेड़ में मिली हनुमान प्रतिमा

कोटा. शहर के दशहरा मैदान क्षेत्र के बड़ा रामद्वारा आश्रम के पास रविवार को एक अद्भुत व रोमांचक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को आस्था, आश्चर्य और उत्सुकता से भर दिया. वर्षों से खड़ा एक प्राचीन और विशाल वृक्ष जब धीरे-धीरे हटाया जा रहा था, तो उसके भीतर से हनुमान जी की लगभग साढ़े तीन से चार फीट ऊंची प्रतिमा दिखाई दी. प्रतिमा का दर्शन होते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और लोग इसे चमत्कार मानकर पूजा-अर्चना करने लगे.

स्थानीय लोगों के अनुसार बड़ा रामद्वारा क्षेत्र स्थित साधु-संतों का यह आश्रम करीब 300 से 400 वर्ष पुराना माना जाता है. आश्रम परिसर में स्थित यह वृक्ष कई वर्षों से सूखा हुआ था और अब केवल उसका तना ही बाकी रह गया था. रविवार को आश्रम में सफाई का काम चल रहा था, जिसके तहत तने के ऊपरी हिस्से को जलाया जा रहा था. अचानक जलते तने के भीतर से प्रतिमा जैसी आकृति दिखाई देने पर लोगों ने तुरंत आग बुझाई और बिना नुकसान पहुंचाए तने को सावधानीपूर्वक काटना शुरू किया.

अंदर मिली 4 फीट की प्राचीन प्रतिमाधीरे-धीरे जब तना हटाया गया, तो उसमें छिपी हुई हनुमान जी की मूर्ति स्पष्ट रूप से सामने आ गई. प्रतिमा लगभग 4 फीट की दिखाई दे रही है, जिसे देखकर लगता है कि इसे विशेष रूप से लकड़ी के भीतर रखा गया था. स्थानीय लोगों का अनुमान है कि मूर्ति इससे भी बड़ी हो सकती है, क्योंकि निचला हिस्सा अभी भी लकड़ी के भीतर सुरक्षित है और उसे बिना क्षति बाहर निकालने का काम अभी जारी है.

आश्रम से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यपूर्व वार्ड पार्षद धीरेंद्र चौधरी ने बताया कि यह आश्रम सदियों पुराना है और यहां ऐसे प्राचीन पेड़ व संरचनाएं पहले भी देखी गई हैं. इलाके के बुजुर्गों के अनुसार यह वृक्ष विशेष धार्मिक मान्यता रखता था.

चौधरी ने यह भी कहा कि पुराने समय में अक्सर साधु-संत महत्वपूर्ण प्रतीक या प्रतिमा को पेड़ों में सुरक्षित रखते थे ताकि वे प्राकृतिक आपदाओं या आक्रमण के दौरान सुरक्षित रहें. इस घटना ने इस क्षेत्र के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है.

पुरातत्व विभाग की जांच शुरूघटना की सूचना मिलते ही किशोरपुरा थाना पुलिस, साधु-संत समाज और पुरातत्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने भीड़ नियंत्रण के लिए व्यवस्था की और प्रतिमा की सुरक्षा सुनिश्चित की. पुरातत्व विभाग की टीम प्रतिमा की प्राचीनता, कालखंड और ऐतिहासिक महत्व की जांच करेगी, ताकि यह पता चल सके कि इसे पेड़ के अंदर कब और क्यों रखा गया था.

श्रद्धालुओं की भीड़ और भक्ति का माहौलप्रतिमा मिलने की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और क्षेत्र में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने लगी. लोग फूल, माला चढ़ा रहे हैं, हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं और इसे चमत्कारिक घटना के रूप में देख रहे हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि यह घटना शुभ संकेत है और यह हनुमान जी का स्वयं प्रकट होना है. कोटा शहर में इसे एक अद्भुत धार्मिक खोज माना जा रहा है, जिसने लोगों के मन में आस्था और उत्साह का नया संचार किया है.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj