हनुमानगढ़ एथनॉल फैक्ट्री बवाल लाइव: हिंसक हुई महापंचायत, फैक्ट्री को लगाई आग, 1 दर्जन वाहनों फूंके

हनुमानगढ़. हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी इलाके में एथनॉल फैक्ट्री के विरोध ने आज भयावह रूप ले लिया, जब महापंचायत के बीच किसानों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया और भीड़ ने निर्माणाधीन फैक्ट्री को तहस नहस कर दिया. सुबह तक शांत दिखाई दे रही स्थिति अचानक दोपहर बाद बिगड़ गई, जब हजारों किसान फैक्ट्री की ओर कूच कर गए. देखते ही देखते भीड़ ने फैक्ट्री पर कब्जा कर लिया, दीवारें तोड़ दीं और परिसर में खड़ी जेसीबी मशीनों व अन्य वाहनों को आग के हवाले कर दिया. फैक्ट्री के कार्यालय में भी आग लगा दी गई और पूरे क्षेत्र में धुआं और अफरा तफरी का माहौल बन गया.
टिब्बी में होने वाली इस महापंचायत को लेकर प्रशासन पहले से अलर्ट था. राठीखेड़ा गांव में करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से एशिया की सबसे बड़ी एथनॉल फैक्ट्री बनाई जा रही है, जिसका ग्रामीण लंबे समय से विरोध कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री से गंभीर प्रदूषण फैलेगा, जबकि जिला प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन का दावा है कि ऑनलाइन मॉनिटरिंग के जरिए प्रदूषण पर पूरी तरह नियंत्रण रहेगा और रोजगार के बड़े अवसर भी मिलेंगे. लेकिन ग्रामीण आश्वस्त नहीं हुए. 18 नवंबर से टिब्बी क्षेत्र में धारा 163 लागू है और बीती रात से इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई थीं, ताकि किसी भी भड़काऊ सूचना के प्रसार को रोका जा सके.
महापंचायत बेकाबू, पुलिस को करनी पड़ी कार्रवाईइसके बावजूद आज महापंचायत के दौरान हालात अचानक हिंसक हो गए. भीड़ को शांत कराने की पुलिस की कई कोशिशें असफल रहीं, जिसके बाद आंसू गैस के गोले दागे गए और लाठीचार्ज किया गया. स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को रबर की गोलियां तक चलानी पड़ीं. इस टकराव में विधायक अभिमन्यु पुनिया घायल हो गए और कई पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए. घटनास्थल पर मौजूद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, दो डीएसपी और कई मजिस्ट्रेट हालात पर लगातार नजर बनाए हुए थे.
फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्तकिसानों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ने के बाद फैक्ट्री परिसर का बड़ा हिस्सा नुकसानग्रस्त हो गया. कई दीवारें तोड़ दी गईं और किसानों की भीड़ लंबे समय तक परिसर के भीतर डटी रही, जबकि पुलिस बाहर मोर्चाबंदी किए हुए थी. करीब एक घंटे तक क्षेत्र का माहौल युद्ध जैसा बना रहा. तलाशी और सुरक्षा जांच जारी रहने के बाद स्थिति शाम तक कुछ हद तक नियंत्रित हो सकी.
समस्या का समाधान नहीं, आंदोलन और उग्र
ग्रामीण इससे पहले भी कई दौर की वार्ताओं में फैक्ट्री को रोकने की मांग उठा चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया. प्रशासन और प्रबंधन द्वारा आश्वासन दिए जाते रहे, लेकिन ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता गया. आज की घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है और प्रशासन की चिंता कई गुना बढ़ा दी है.
तनाव बरकरार, इंटरनेट बंदफिलहाल टिब्बी क्षेत्र में तनाव बना हुआ है. पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और इंटरनेट सेवाएं अगले आदेश तक बंद रखी गई हैं. पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि एथनॉल फैक्ट्री को लेकर ग्रामीणों का रोष चरम पर है और हालात काबू में रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.



