धरोहर: 150 फीट ऊंचा धौलपुर का निहाल टावर – लाल पत्थर की शान और आजादी के संघर्ष का जिंदा गवाह

Last Updated:December 11, 2025, 15:10 IST
धरोहर: राजस्थान की स्थापत्य विरासत में धौलपुर का निहाल टावर एक अनोखी पहचान रखता है. 150 फीट ऊंचा यह आठ मंज़िला घंटाघर न सिर्फ लाल पत्थर की बेहतरीन कला का नमूना है, बल्कि आज़ादी के संघर्ष का गवाह भी है. 1946 में यहीं क्रांतिकारियों ने रक्त से शपथ लेकर जय हिंद संघ बनाया था. यह टावर धौलपुर के इतिहास और गौरव का सबसे चमकता प्रतीक है.
धौलपुर : स्थापत्य कला के क्षेत्र में राजस्थान बहुत संपन्न राज्य माना जाता है जैसे ही राजस्थान की स्थापत्य कला की बात आती है तो हमारे चिंतन में चित्तौड़गढ़ का विजय स्तंभ नजर आता है. चित्तौड़गढ़ के विजय स्तंभ को राजस्थान का गौरव कहा जाता है. एक ऐसा ही स्तंभ राजस्थान के धौलपुर जिले में भी है जो लगभग 150 फीट ऊंचा है और यह भारत का सबसे ऊंचा घंटाघर भी है. जिसे इतिहास के पन्नों में निहाल टावर कहा जाता है रियासत काल के समय इस स्तंभ का उपयोग समय सूचक यंत्र ( घंटाघर )के रूप में किया जाता था.
भव्य और कलात्मक तरीके से बने इस निहाल टावर का निर्माण धौलपुर रियासत के महाराजा निहाल सिंह के समय शुरू हुआ था और इसका पूरा निर्माण कार्य महाराज उदयभान सिंह ने करवाया था. इस ऐतिहासिक धरोहर को देखने से स्पष्ट होता है कि यह स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना है. इतिहासकार अरविंद कुमार शर्मा कहते हैं की यह ऐतिहासिक इमारत धौलपुर के लाल पत्थर का सबसे अद्भुत ब्रांड एंबेसडर है, यहां तक कि आप इसे लाल पत्थर से बनी भारत की सर्वश्रेष्ठ इमारत भी कह सकते हैं यह इमारत अपने आप में अद्भुत इमारत है जब इस पर दृष्टि पड़ती है तो ऐसा लगता है की इसे हम बार-बार देखते रहें.
धौलपुर का ऐतिहासिक निहाल टावरधौलपुर के गौरव पथ पर स्थित यह ऐतिहासिक इमारत बीते हुए समय के इतिहास की गाथा भी सुनाती है 1946 में इसी ऐतिहासिक इमारत के नीचे धौलपुर के क्रांतिकारियों ने जय हिंद संघ का निर्माण किया था क्रांतिकारियों ने शरीर से खून निकाल कर कागज पर हस्ताक्षर किए और यह निर्णय लिया कि हम अपने रक्त की शपथ लेकर धौलपुर की स्वाधीनता के लिए लड़ेंगे. क्रांतिकारियों के संघर्ष की गाथा को इस ऐतिहासिक निहाल टावर ने अपने नजदीक से देखा. धौलपुर का निहाल टावर न केवल भव्यतम इमारत है बल्कि यह धौलपुर के स्वाधीनता संग्राम की कहानी का भी एक अध्याय है.
निहाल टावर में गूंजती आजादीस्थानीय लोगों का कहना है जब निहाल टावर की घड़ी सही थी, तब इसके घंटे की आवाज दूर-दूर तक जाती थी. निहाल टावर की छठवीं मंजिल पर चारों दिशाओं में घड़ी लगी हुई है. धौलपुर के लाल पत्थर से निर्मित यह निहाल टावर अपनी आठ मंजिला होने के कारण देश में प्रथम स्थान रखता है. निहाल टावर की घड़ी का निर्माण इंग्लैंड की कंपनी मैसर्स जिलेट जांनसन क्रोपड्रोन ने किया था.
About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal
रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन…और पढ़ें
Location :
Dhaulpur,Rajasthan
First Published :
December 11, 2025, 15:10 IST
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