Rajasthan

साइबर क्राइम पर हाईकोर्ट का बड़ा कदम, राइड ऐप्स में 15% महिला ड्राइवर अनिवार्य, हर थाने में तैनात होंगे आईटी इंस्पेक्टर

जयपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने साइबर ठगी और महिलाओं की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार को बड़े और सख्त आदेश दिए हैं. ये आदेश जोधपुर में जस्टिस रवि चिरनिया की बेंच ने दिए. कोर्ट दो गुजराती लोगों की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिन पर एक बुजुर्ग दंपति से 2.02 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी करने का आरोप है. कोर्ट ने उनकी जमानत खारिज करते हुए कुल 35 निर्देश दिए. कोर्ट ने साइबर अपराध को तेजी से बढ़ता और रोकना मुश्किल खतरा बताया.

कोर्ट ने कहा कि 2019 में साइबर की सिर्फ 26 हजार शिकायतें थीं, अब 20 लाख से ज्यादा हो गई हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर पर एफआईआर तक नहीं दर्ज होती.इसलिए अब सख्त कदम उठाने का समय आ गया है. सबसे बड़ा आदेश है कि राजस्थान में जल्द ही एक अलग साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर बनेगा, जैसे केंद्र सरकार का I4C है. राज्य में पहले ही डीजी साइबर क्राइम का पद बना है, लेकिन अभी तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं बनी, इसकी कोर्ट ने आलोचना की.

सिम कार्ड के नियम भी बदलेंगे

कोर्ट ने सिम कार्ड के नियम में भी बदलाव लाने को कहा है. अब एक व्यक्ति को सिर्फ तीन सिम ही मिलेंगी. चौथी सिम लेनी हो तो बहुत सख्त जांच होगी. इसका मकसद ठगों का फर्जी नंबर से खेल खत्म करना है. डिलीवरी ब्वॉय, कैब ड्राइवर और सभी गिग वर्कर्स के लिए 1 फरवरी 2026 से नया नियम लागू होगा. सबको रजिस्ट्रेशन कराना होगा. ड्यूटी के दौरान एक ही तरह का यूनिफॉर्म पहनना होगा, उस पर QR कोड लगा होगा. साथ में आईडी कार्ड रखना जरूरी होगा. गाड़ी पर कमर्शियल नंबर प्लेट लगानी होगी. कोई मांगे तो आईडी दिखाना पड़ेगा. पुराने मोबाइल, लैपटॉप की खरीद-बिक्री पर भी नए नियम आएंगे ताकि चोरी के फोन का गलत इस्तेमाल न हो.

महिला चालक की संख्या बढ़ाने का निर्देश

महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोर्ट ने राइड बुकिंग ऐप्स (उबर, ओला, रैपिडो वगैरह) को साफ आदेश दिया है कि अगले छह महीने में उनके यहां कम से कम 15 प्रतिशत महिला ड्राइवर होने चाहिए. दो-तीन साल में यह संख्या 25 प्रतिशत तक ले जानी है. साथ ही ऐप में ऐसा ऑप्शन डालना होगा कि महिला यात्री चाहे तो पहले महिला ड्राइवर ही चुन सके. वहीं बैंकों को भी सख्ती बरतने को कहा गया है. पुराने और निष्क्रिय पड़े खातों की दोबारा फिजिकल जांच होगी. जिन खातों में तीन साल से 50 हजार रुपये से कम का लेन-देन हुआ हो, उन पर खास नजर रखी जाएगी. संदिग्ध खातों से ऑनलाइन बैंकिंग बंद कर दी जाएगी. बैंकों को RBI का ‘म्यूल हंटर’ नाम का AI टूल इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा ताकि ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाले म्यूल अकाउंट पकड़े जा सकें.

हर जिले में आईटी इंस्पेक्टर की करें तैनाती

हर जिले में साइबर केस लड़ने के लिए तकनीकी ज्ञान वाला स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और आईटी इंस्पेक्टर नियुक्त करने को कहा गया है. स्कूलों में भी बदलाव आएगा. कक्षा 9 तक या 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के सख्त नियम और दिशा-निर्देश जल्द जारी होंगे. कोर्ट ने राज्य सरकार, बैंक, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग और ई-कॉमर्स कंपनियों को ये सारे नियम जल्द लागू करने को कहा है. माना जा रहा है कि ये आदेश राजस्थान में साइबर ठगी और महिलाओं की सुरक्षा के लिए अब तक का सबसे बड़ा और सख्त कदम है.

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