असम में 40% होंगे बांग्लादेशी मुसलमान, हिमंत बिस्वा सरमा के दावे से मचा हड़कंप, राज्य की पहचान खतरे में?

Last Updated:January 09, 2026, 02:06 IST
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आबादी में बदलाव को लेकर अपनी चिंता जाहिर की. (फाइल फोटो)
गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को अपने इस दावे को दोहराया कि राज्य में डेमोग्राफिक बदलाव से इसकी आबादी का प्रोफाइल काफी बदल सकता है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि अगली जनगणना में असम की आबादी में ‘बांग्लादेशी मुसलमानों’ की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत हो सकती है. सीएम सरमा ने एक सरकारी कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आने वाली जनगणना असम के लिए ‘दुर्भाग्यपूर्ण खबर’ लाएगी, और आरोप लगाया कि बांग्लादेशी मूल के मुसलमानों की आबादी दशकों से लगातार बढ़ रही है.
उन्होंने आगे कहा, “जनगणना से पता चलेगा कि बांग्लादेशी मुसलमानों की संख्या राज्य की आबादी के लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच सकती है.” मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि पिछले साल जुलाई में उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर मौजूदा विकास दर जारी रही, तो 2041 तक असम में मुस्लिम आबादी हिंदुओं की आबादी के लगभग बराबर हो सकती है. 2011 की जनगणना के अनुसार, असम की कुल आबादी 3.12 करोड़ थी, जिसमें मुसलमानों की संख्या 1.07 करोड़ थी, जो 34.22 प्रतिशत थी, जबकि हिंदुओं की संख्या 1.92 करोड़ या 61.47 प्रतिशत थी.
देशव्यापी जनगणना, जो मूल रूप से 2021 में होने वाली थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी, अब दो चरणों में आयोजित की जाएगी. मकानों की सूची और आवास जनगणना अप्रैल और सितंबर 2026 के बीच होगी, जिसके बाद फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना होगी. मुख्यमंत्री सरमा ने असम में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन का भी जिक्र किया और कहा कि सभी भाजपा विधायकों और बूथ-स्तरीय एजेंटों को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किसी भी ‘संदिग्ध व्यक्ति’ को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है.
उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि संदिग्ध मुस्लिम वोटों की पहचान की जाए और उन्हें हटाया जाए. विधायकों और बूथ स्तर के एजेंटों से औपचारिक रूप से आपत्तियां उठाने के लिए कहा गया है.” विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करते हुए कि भाजपा का समर्थन न करने वाले मतदाताओं को जानबूझकर सूची से हटाया जा रहा है, सीएम सरमा ने कहा कि अगर किसी राजनीतिक दल को लगता है कि योग्य मतदाताओं को बाहर कर दिया गया है, तो उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बजाय संबंधित फॉर्म जमा करके अधिकारियों से संपर्क करना चाहिए.
सीएम सरमा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पार्टी ने असम में अपनी प्रासंगिकता खो दी है. उन्होंने टिप्पणी की, “अवैध बांग्लादेशियों को छोड़कर, कौन से स्वदेशी लोग कांग्रेस को वोट देंगे?” उन्होंने यह भी दावा किया कि मार्च-अप्रैल 2026 में होने वाले आगामी राज्य विधानसभा चुनावों में विपक्ष का बहुत कम प्रभाव होगा, और दावा किया कि वे जमीनी स्तर पर सक्रिय नहीं हैं. आने वाले असम चुनावों में सीट-शेयरिंग के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा इस पर 15 फरवरी तक आखिरी फैसला ले लेगी.
About the AuthorRakesh Ranjan Kumar
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
Location :
Guwahati,Kamrup Metropolitan,Assam
First Published :
January 09, 2026, 02:06 IST
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असम में 40% होंगे बांग्लादेशी मुसलमान, हिमंत बिस्वा सरमा के दावे से मचा हड़कंप



