शेखावाटी की ऐतिहासिक विरासत और पर्यटन केंद्र.

Last Updated:December 15, 2025, 15:11 IST
शेखावाटी की हवेलियां केवल इमारतें नहीं, बल्कि इतिहास, कला और संस्कृति की जीवंत पहचान हैं. चूरू जिले के सरदारशहर स्थित लगभग 150 वर्ष पुरानी श्यामशुखा हवेली अपनी भव्य संरचना, इटली के रंगों से सजी भित्ति-चित्रकारी और बेल्जियम ग्लास की बारीक नक्काशी के कारण आज भी देश-विदेश के सैलानियों को आकर्षित कर रही है. पीढ़ियों से संजोई गई यह विरासत शेखावाटी के गौरवशाली अतीत और समृद्ध स्थापत्य कला की अनूठी कहानी बयान करती है.
चूरू. शेखावाटी का चूरू अपनी आसमान से बातें करती ऊंची हवेलियों, अद्भुत भित्ति-चित्रों और स्थापत्य कला के लिए दुनिया भर में मशहूर है. विदेशी पर्यटक हों या देशी सैलानी, यहां की हवेलियां सभी को अपनी ओर आकर्षित कर लेती हैं. ऐतिहासिक धरोहरों में से एक प्रमुख हवेली है सरदारशहर की लगभग 150 वर्ष पुरानी श्यामशुखा हवेली, जो आज भी अपनी भव्यता और शिल्पकला के दम पर लोगों को अपनी ओर खींच रही है.
स्वर्गीय मूलचंद और नेमचंद्र श्यामशुखा द्वारा लगभग 150 वर्ष पूर्व बनवाई गई यह हवेली नायाब कला का जीता-जागता उदाहरण है. राकेश श्यामशुखा बताते हैं कि इस हवेली में दो ऐसे कमरे हैं, जिन्हें देखकर आज भी लोग हैरान रह जाते हैं. एक कमरे की दीवारों पर इटली के रंगों से बनी पेंटिंग है, जबकि दूसरे कमरे में बेल्जियम ग्लास की बारीक नक्काशी आज भी चमक बिखेर रही है.
हवेली अब है विरासत
स्वर्गीय मूलचंद–नेमचंद्र श्यामशुखा परिवार के सदस्य रतनलाल श्यामशुखा बताते हैं कि इस हवेली से हमारी पीढ़ियों की यादें जुड़ी हुई हैं. हम चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियां भी इस गौरव को महसूस करें. इसी उद्देश्य से हम समय-समय पर हवेली की देखभाल करने यहां पहुंचते रहते हैं. शेखावाटी की हवेलियां न केवल ऐतिहासिक धरोहर हैं, बल्कि पर्यटन, रोजगार और फिल्म शूटिंग का बड़ा केंद्र भी बन सकती हैं. राजस्थान के बाहर से आने वाले कई पर्यटक शेखावाटी की हवेलियों और धार्मिक स्थलों के वैभव से पूरी तरह परिचित हुए बिना ही लौट जाते हैं. विशेष रूप से चूरू जिले में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं, जिन्हें आगे बढ़ाने की आवश्यकता है.
राज्य सरकार ने शेखावाटी की खंडहर होती धरोहरों को बचाने के लिए एक विशेष मुहिम शुरू की है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हाल ही में चूरू, सीकर और झुंझुनूं के कलेक्टरों को हेरिटेज हवेलियों के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं. शेखावाटी की हवेलियां सिर्फ इमारतें नहीं हैं, बल्कि इतिहास, कला और संस्कृति की जीवंत मिसाल हैं. सरदारशहर की श्यामशुखा हवेली इस विरासत का शानदार उदाहरण है, जो आज भी अपने भीतर सदियों पुरानी कहानी संजोए खड़ी है.
About the AuthorMonali Paul
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें
Location :
Churu,Rajasthan
First Published :
December 15, 2025, 15:11 IST
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जानिए शेखावाटी की शान, चूरू की 150 साल पुरानी सुंदरता श्यामशुखा हवेली



