माउंट आबू की नक्की लेक में काई और कचरे का साम्राज्य! करोड़ों की कमाई के बावजूद प्रशासन मौन, पर्यटक परेशान

Last Updated:November 05, 2025, 19:33 IST
Public Opinion : राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू की शान मानी जाने वाली नक्की लेक इन दिनों गंदगी और काई की चपेट में है. करोड़ों की आय देने वाली यह झील सफाई के अभाव में बदहाल हो चुकी है. प्रशासन की लापरवाही से नाराज स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों ही झील की बिगड़ती हालत पर चिंता जता रहे हैं.
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सिरोही : राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में प्रदेश की सबसे ऊंची झील नक्की लेक बारिश के बाद काई जमने और सफाई की कमी के कारण पर्यटकों के आइ परेशानी का सबब बन चुकी है. नक्की लेक में होने वाले बोटिंग ठेकों से माउंट आबू नगर पालिका को करोड़ों की आय होती है. इसके बावजूद इसकी सफाई को लेकर प्रशासन की ओर से कोई पुख्ता कार्यवाही नहीं की जा रही है. नतीजतन पर्यटक नक्की झील की यह हालत देखकर हिल स्टेशन की खराब छवि लेकर लौटते हैं. Local 18 ने इस समस्या को लेकर आमजन से बातचीत की, तो उन्होंने अपनी राय खुलकर रखी.
महाराणा प्रताप सेना के जिलाध्यक्ष और स्थानीय रहवासी संजय जानी ने बताया कि नक्की लेक से प्रशासन को करोड़ों की आय होती है. इसके बाद भी उसका कुछ प्रतिशत ही यहां की सफाई और व्यवस्था पर खर्च होता है. नक्की लेक के परिक्रमा पथ पर कई जगह सुरक्षा दीवार टूट रही है. सीवरेज चेम्बरों से भी कई बार गंदा पानी झील में जाता है. इसके बावजूद प्रशासन इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है.
सफाई अभियान केवल नाम मात्रस्थानीय रहवासी दीपक जानी में बताया कि माउंट आबू की नक्की झील पर्यटक स्थल होने के साथ-साथ धार्मिक और ऐतिहासिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है. पिछले दिनों प्रशासन ने सफाई अभियान चलाया था, लेकिन नक्की झील में कचरे की स्थिति अभी भी वैसी ही है नक्की झील की खराब स्थिति को देखकर पर्यटक भी यहां की खराब छवि लेकर वापस लौटते हैं ऐसे में प्रशासन को माउंट आबू का पर्यटन बचाने के लिए नक्की झील के विकास और सफाई पर खास ध्यान देना चाहिए.
प्लास्टिक और कचरे से मिले मुक्ति स्थानीय रहवासी लाभशंकर पुरोहित ने बताया कि माउंट आबू की नक्की लेक पर देश से लाखों पर्यटक बोटिंग करने और घूमने आते हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन की अनदेखी की वजह से इस झील में जगह-जगह कचरा, प्लास्टिक देखने को मिल रहा है. इससे उठने वाली दुर्गंध यहां बोटिंग के लिए आने वाले पर्यटकों को काफी परेशान कर देती है.
रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन…और पढ़ें
रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन… और पढ़ें
Location :
Sirohi,Rajasthan
First Published :
November 05, 2025, 19:33 IST
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नक्की लेक में काई और कचरे का अंबार, करोड़ों की कमाई पर भी प्रशासन मौन!



