जोधपुर में मेडिकल चमत्कार: गर्भ में ही शिशु की जान बचाई, एक्सिट सर्जरी से डॉक्टरों ने लिखा इतिहास

Last Updated:December 05, 2025, 13:31 IST
AIIMS Jodhpur :एम्स जोधपुर के डॉक्टरों ने गर्भ में पल रहे शिशु के गले की गंभीर बीमारी का जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर इतिहास रच दिया. दुर्लभ जन्मजात परेशानी में शिशु का सांस मार्ग ब्लॉक होने का खतरा था. EXIT तकनीक से उसे आंशिक रूप से गर्भ से निकालकर वायुमार्ग सुरक्षित किया गया. यह उपलब्धि जटिल प्रसूति उपचार में नई उम्मीद जगाती है.
जोधपुर एम्स में सफलतापूर्वक किया ऑपरेशन
जोधपुर : एम्स जोधपुर के डॉक्टरों ने एक बार फिर मेडिकल विज्ञान में नया कीर्तिमान स्थापित किया है. गर्भ में पल रहे शिशु के गले की गंभीर बीमारी का जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर चिकित्सा जगत को चौंका दिया. एम्स जोधपुर में डॉक्टरों ने गर्भ में पल रहे शिशु के गले में हुई बीमारी का सफलतापूर्वक इलाज किया है. गर्भस्थ शिशु में दुर्लभ जन्मजात परेशानी थी, जिसमें शिशु का एयरवे (सांस नली) ब्लॉक हो सकता था. ऑपरेशन के दौरान शिशु मां की नाल से जुड़ा रहा. डॉक्टरों ने उसे आंशिक रूप से गर्भाशय से निकालकर ऑपरेट किया. फिर नाल काटकर उसे नीओनेटल आईसीयू में भर्ती कर लिया. इस प्रक्रिया को एक्स इंट्रापॉर्टम ट्रीटमेंट (EXIT) कहा जाता है. इस पूरी टीम का यह साहसिक कदम न सिर्फ एम्स जोधपुर की क्षमता को दर्शाता है, बल्कि देशभर के जटिल प्रसव मामलों के लिए नई उम्मीद भी जगाता है.
गर्भस्थ शिशु में जन्म से पहले ही था सिस्टिक हाइग्रोमा डॉक्टर्स ने महिला की जांच में गर्भस्थ शिशु में जन्म से पहले बड़ा सिस्टिक हाइग्रोमा (Cystic Hygroma) पाया. इसमें डॉक्टर्स ने शिशु को आंशिक रूप से गर्भाशय से बाहर निकाला. इस दौरान शिशु मां की प्लेसेंटा से जुड़ा रहा और उसी से ऑक्सीजन प्राप्त करता रहा. यह सफल प्रक्रिया न सिर्फ शिशु के जीवन की रक्षा बनी, बल्कि जटिल प्रसूति उपचार में एम्स जोधपुर की विशेषज्ञता भी साबित की. इस उपलब्धि ने ऐसे दुर्लभ मामलों के इलाज के लिए नई उम्मीद और नई दिशा प्रदान की है. इसी दौरान डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी और एंडोट्रैकियल इंट्यूबेशन कर शिशु के वायुमार्ग को सफलतापूर्वक सुरक्षित किया. वायुमार्ग सुरक्षित होते ही नाल को क्लैंप किया. इसके बाद शिशु को सुरक्षित रूप से नीओनेटल आईसीयू (NICU) में भर्ती कर लिया गया. जहां विशेषज्ञों की टीम उसकी निगरानी कर रही है.
EXIT प्रक्रिया अत्यंत विशेष तकनीकएम्स जोधपुर के कार्यकारी निदेशक डॉ. गोवर्धन दत्त पुरी ने बताया- EXIT प्रक्रिया अत्यंत विशेष तकनीक है. इसमें शिशु को गर्भ के बाहर ऑक्सीजन सप्लाई बनाए रखते हुए वायुमार्ग को सुरक्षित किया जाता है. हॉस्पिटल के स्त्री रोग, ईएनटी, एनेस्थीसिया और नीओनेटोलॉजी विभागों की जॉइंट टीम ने मिलकर ऑपरेशन किया.
डॉक्टर्स की ये टीम रही शामिलस्त्री रोग विभाग की प्रो. प्रतिभा सिंह, डॉ. मीनाक्षी गोठवाल, डॉ. जेरिन, डॉ. हरीनी, ईएनटी विभाग की डॉ. अमित गोयल, डॉ. विहु शर्मा, डॉ. रिनचेन अंगमो, डॉ. लानू अनुता, एनेस्थीसिया टीम में डॉ. शिल्पा गोयल, डॉ. मनोज कमल, डॉ. विद्या, डॉ. दिव्या और नीओनेटोलॉजी टीम में डॉ. प्रशुपति और डॉ. रोमा शामिल रहे.
About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal
रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन…और पढ़ें
Location :
Jodhpur,Rajasthan
First Published :
December 05, 2025, 13:31 IST
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एम्स जोधपुर ने गर्भस्थ शिशु की दुर्लभ बीमारी का किया सफल इलाज



