How to Grow Grapes at Home . Balcony Gardening Tips

Last Updated:December 14, 2025, 11:42 IST
How to Grow Grapes at Home: अंगूर की बेल को घर पर, खासकर छत या बालकनी में, आसानी से उगाया जा सकता है. इसके लिए 6-8 घंटे की धूप वाली जगह, बड़े कंटेनर, उपजाऊ दोमट मिट्टी और ऊपर चढ़ने के लिए ट्रेलिस (जाली) जैसे सहारे की ज़रूरत होती है. अच्छी फसल के लिए नियमित छंटाई (प्रूनिंग) और संतुलित पानी का प्रबंधन आवश्यक है.

अंगूर न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इनमें एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि आप अपने घर की छत पर भी आसानी से अंगूर की बेल लगा सकते हैं. इसे उगाना अधिक मुश्किल नहीं है और इसे घर की बालकनी, छत या गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है. होम गार्डनिंग की आज की इस खबर में, हम आपको आसानी से घर में अंगूर की बेल लगाने के तरीके के बारे में विस्तार से बताएंगे.

गार्डनिंग एक्सपर्ट रमेश कुमार ने बताया कि घर पर गमले में अंगूर उगाने की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ज्यादा खर्च नहीं आता. थोड़ी सी देखभाल, सही मिट्टी और नियमित पानी देने से अंगूर की बेल अच्छी तरह विकसित हो जाती है. यह उन शहरी लोगों के लिए जिनके पास जगह कम है और जो पेड़-पौधे लगाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है. कोई भी व्यक्ति अंगूर की बेल को सही तकनीक अपनाकर अपने घर पर ही ताजे, रसायन-मुक्त अंगूर प्राप्त कर सकता है, जो सेहत के लिए बहुत अच्छे होते हैं.

गार्डनिंग एक्सपर्ट के अनुसार, गमले में अंगूर उगाते समय कीट नियंत्रण पर विशेष ध्यान देना बहुत ज़रूरी होता है. इसके लिए वे नीम के तेल के उपयोग की सलाह देते हैं. इस उपाय के तहत, आप नीम के तेल को पानी और थोड़ा सा माइल्ड लिक्विड साबुन मिलाकर एक घोल तैयार करें और इसे शाम के समय पौधे पर स्प्रे करें. इस घोल का छिड़काव विशेष रूप से पत्तियों के नीचे करना चाहिए. यह घोल एफिड्स, मीलीबग्स और मकड़ी जैसे हानिकारक कीटों को दूर रखने में मदद करता है और सबसे अच्छी बात यह है कि यह पौधे को किसी भी प्रकार का नुकसान भी नहीं पहुँचाता है.
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कीटों को नियंत्रित करने के लिए अन्य आसान और जैविक तरीके भी अपनाए जा सकते हैं. एक तरीका यह है कि पौधे पर साफ़ पानी की तेज़ धार डालकर कीटों को हटाया जाए; इससे कीट पत्तियों और तनों से बहकर नीचे गिर जाते हैं. इसके अलावा, लहसुन और लाल मिर्च का घोल भी एक बहुत प्रभावी घरेलू उपाय है. इस घोल को बनाने के लिए लहसुन और लाल मिर्च को पीसकर पानी में मिलाएँ और रात भर के लिए छोड़ दें. अगले दिन इसे छानकर पौधे पर स्प्रे किया जाता है. यह तरीका पूरी तरह से जैविक (ऑर्गेनिक) है और यह पौधे की सेहत को बनाए रखने में भी मदद करता है.

गार्डनिंग एक्सपर्ट रमेश कुमार ने बताया कि अंगूर की बेल के लिए गमला तैयार करते समय सबसे पहले बड़ा और गहरा गमला चुनना चाहिए, ताकि बेल की जड़ें अच्छे से फैल सकें. गमले के नीचे जल निकासी के लिए छेद होना बहुत ज़रूरी है, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके. इसके बाद, गमले में उपजाऊ मिट्टी भरें और उसमें थोड़ी जैविक खाद मिलाएँ. बीज बोने से पहले, उन्हें कुछ घंटों के लिए पानी में भिगो दें, ताकि बीज की बाहरी परत नरम हो जाए और अंकुरण जल्दी हो सके.

गमला तैयार करने के बाद, अब बीज को मिट्टी में लगभग 1 से 2 इंच गहराई पर लगाएं और हल्के हाथों से मिट्टी से ढक दें. इसके बाद, थोड़ा सा पानी छिड़कें, ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे. ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा पानी देने से बचें, क्योंकि इससे बीज सड़ सकते हैं. कुछ ही दिनों में अंकुर निकलने लगेंगे और धीरे-धीरे अंगूर की बेल बढ़ने लगेगी. शुरुआत के समय पौधे की नियमित देखभाल करें, क्योंकि इससे पौधा मजबूत बनता है.

गार्डनिंग एक्सपर्ट के अनुसार, जब अंगूर की बेल बड़ी हो जाए तब इसकी नियमित छंटाई (Pruning) करना भी बहुत ज़रूरी है. छंटाई से हवा का संचार अच्छा रहता है और नमी कम होती है, जिससे फंगस और कीटों का खतरा घटता है. अगर कोई संक्रमित पत्ता या तना दिखे तो उसे तुरंत काटकर पौधे से दूर फेंक दें. इसके अलावा, गमले के आसपास गिरे सूखे पत्ते और खरपतवार हटाते रहें. गमले को ऐसी जगह रखें, जहाँ रोज़ाना 6 से 7 घंटे धूप मिले. सही देखभाल से लगभग 60 से 70 दिनों में फल आने लगते हैं.
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December 14, 2025, 11:42 IST
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अब घर पर आसानी से उगाएं अंगूर की बेल, मिट्टी से लेकर छंटाई तक, जानिए तरीका



