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घर पर ग्वार फली कैसे उगाएं | How to Grow Gwar Phali in Kitchen Garden.

Last Updated:January 01, 2026, 10:38 IST

How to Grow Gwar Phali in Kitchen Garden: किचन गार्डन में ग्वार फली उगाना बेहद आसान और फायदेमंद है. इसे कम देखभाल, कम पानी और छोटे गमलों में भी उगाया जा सकता है. सही मिट्टी और पर्याप्त धूप के साथ आप 2-3 महीनों में घर की ताजी और पौष्टिक ग्वार फली प्राप्त कर सकते हैं.bhilwara

भीलवाड़ा के बागवानी प्रेमियों के लिए घर के किचन गार्डन में ताजी और पौष्टिक सब्जी उगाने की चाह रखने वालों हेतु ग्वार फली एक बेहतरीन विकल्प है. ग्वार फली न केवल स्वाद में अच्छी होती है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इसमें प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. खास बात यह है कि ग्वार का पौधा कम देखभाल में भी अच्छी पैदावार देता है. इसे सीमित जगह, गमले या छोटी क्यारी में भी आसानी से उगाया जा सकता है. सही जानकारी और थोड़ी मेहनत से कोई भी व्यक्ति अपने घर में ग्वार फली की सफल खेती कर सकता है.

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ग्वार फली उगाने के लिए सबसे पहले अच्छे और स्वस्थ बीजों का चयन जरूरी होता है. बेहतर परिणाम के लिए बाजार से प्रमाणित बीज लें या पिछली फसल से सुरक्षित रखे गए बीजों का उपयोग करें. इसके लिए मिट्टी हल्की, भुरभुरी और सही जल निकास वाली होनी चाहिए. किचन गार्डन में मिट्टी तैयार करते समय उसमें गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट मिलाना काफी फायदेमंद रहता है, क्योंकि इससे पौधों को आवश्यक पोषण मिलता है. गमले या क्यारी की गहराई कम से कम 8 से 10 इंच होनी चाहिए, ताकि जड़ें अच्छे से फैल सकें और पौधा मजबूत बन सके.

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ग्वार फली की बुवाई के लिए आमतौर पर फरवरी से मार्च और जून से जुलाई का समय सबसे बेहतर रहता है. बीज बोने से पहले उन्हें 6 से 8 घंटे पानी में भिगो देने से अंकुरण (Germination) की प्रक्रिया तेज और अच्छी होती है. बीजों को लगभग 1 से 1.5 इंच गहराई में बोना चाहिए और दो पौधों के बीच 8 से 10 इंच की दूरी रखनी चाहिए. इससे पौधों के विकास के लिए पर्याप्त जगह मिलती है. बुवाई के तुरंत बाद हल्का पानी जरूर दें, ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे और बीज आसानी से अंकुरित हो सकें.

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ग्वार फली के पौधों को बहुत ज्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन नियमित सिंचाई करना जरूरी है. सप्ताह में दो से तीन बार हल्का पानी देना पौधों के लिए पर्याप्त रहता है. सिंचाई के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखें कि मिट्टी में पानी जमा न हो, अन्यथा जड़ों के सड़ने का खतरा बना रहता है. पौधों के बेहतर विकास के लिए उन्हें भरपूर धूप मिलनी चाहिए; प्रतिदिन कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप इनके लिए अनिवार्य होती है. इसके अतिरिक्त, गमले या क्यारी से समय-समय पर खरपतवार निकालते रहें और जैविक खाद का उपयोग करें, जिससे पौधों की बढ़वार अच्छी होती है और फलियों की गुणवत्ता भी बढ़ती है.

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किचन गार्डन में उगाई गई ग्वार फली में कभी-कभी कीट और रोग लग सकते हैं. यदि पत्तियों पर कीड़े या पीले धब्बे दिखाई दें, तो उन पर तुरंत ध्यान देना आवश्यक है. स्वास्थ्य की दृष्टि से रासायनिक दवाओं के बजाय नीम का तेल या नीम की खली का प्रयोग करना सबसे बेहतर रहता है. यह न केवल पर्यावरण के लिए सुरक्षित होता है, बल्कि इससे प्राप्त सब्जी भी पूरी तरह शुद्ध और रसायनों से मुक्त रहती है. सप्ताह में एक बार पौधों पर हल्के नीम तेल का स्प्रे करने से कीट दूर रहते हैं. इसके अलावा, पौधों के आसपास साफ-सफाई रखने और संतुलित खाद देने से भी पौधे स्वस्थ रहते हैं और उनमें रोग लगने की संभावना कम हो जाती है.

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ग्वार फली का पौधा लगभग 45 से 60 दिनों में फल देना शुरू कर देता है. जब फलियां नरम और हरी हों, तभी उनकी तुड़ाई करना सबसे अच्छा रहता है. देर से तुड़ाई करने पर फलियां सख्त हो सकती हैं, जिससे उनका स्वाद और गुणवत्ता प्रभावित होती है. नियमित तुड़ाई करने से पौधे में नई फलियां आती रहती हैं और उत्पादन में भी बढ़ोतरी होती है. घर के किचन गार्डन में उगी ताजी ग्वार फली स्वाद में बाजार से कहीं बेहतर और पूरी तरह रसायन मुक्त होती है. इसे उगाकर न केवल पैसों की बचत की जा सकती है, बल्कि यह सेहतमंद जीवन की ओर भी एक प्रभावी कदम है.

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January 01, 2026, 10:38 IST

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कम मेहनत, ज्यादा फायदा: घर की सब्जी घर में ही! किचन गार्डन में ग्वार फली…

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