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How to Identify Pure vs Fake Milk | नकली और असली दूध की पहचान के 5 आसान तरीके

Tricks To Check Adulterated Milk At Home: दूध हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है, लेकिन जब इसमें मिलावट कर दी जाती है, तब इससे शरीर के लिए गंभीर खतरे पैदा हो जाते हैं. आजकल मिलावटी और नकली दूध बेचने के मामले बढ़ गए हैं. कई लोग सिर्फ केमिकल्स से नकली दूध तैयार कर देते हैं और उसमें एक बूंद भी असली दूध नहीं होता है. अगर कोई शख्स इस दूध को पिएगा, तो उसकी सेहत बिगड़ जाएगी. इसके अलावा दूध में डिटर्जेंट, रिफाइंड ऑयल, स्टार्च और यूरिया भी मिला दिया जाता है, ताकि उसकी मात्रा बढ़ाई जा सके. बाजार में दूध के नाम पर यह सफेद जहर बेचा जा रहा है, जिससे बचना सभी के लिए बेहद जरूरी है. आज आपको बताएंगे कि घर बैठे आप असली और नकली दूध की पहचान कैसे कर सकते हैं.

असली-नकली दूध पहचानने की आसान ट्रिक्स

पानी की मिलावट ऐसे पहचानें : दूध में सबसे कॉमन मिलावट पानी की होती है. इसकी जांच करने के लिए एक आसान तरीका है बूंद टेस्ट. एक साफ सतह पर दूध की एक बूंद डालें. असली दूध धीरे–धीरे फैलता है और सफेद निशान छोड़ता है. जबकि मिलावटी दूध तेजी से फैल जाता है और कोई निशान नहीं छोड़ता है. यह ट्रिक बेहद आसान है.

ऐसे पहचानें डिटर्जेंट की मिलावट : कई बार दूध को गाढ़ा दिखाने के लिए उसमें डिटर्जेंट मिलाया जाता है. इसे परखने के लिए थोड़ा दूध एक बोतल में डालकर हिलाएं. असली दूध हल्की झाग बनाता है, जो जल्दी गायब हो जाता है. डिटर्जेंट मिला दूध बहुत ज्यादा झाग बनाता है और वह देर तक बना रहता है. अगर ऐसा हो तो दूध तुरंत इस्तेमाल करने से बचें.

स्टार्च की मिलावट पहचानने का टेस्ट : स्टार्च मिलाकर दूध को गाढ़ा दिखाया जाता है. यह जांचने के लिए दूध को हल्का गर्म करें और ठंडा होने पर उसमें कुछ बूंदें आयोडीन डालें. असली दूध का रंग वही रहेगा और अगर दूध में स्टार्च मिला होगा, तो उसका रंग नीला हो जाएगा. यह घरेलू टेस्ट सरल और विश्वसनीय माना जाता है.

सिंथेटिक दूध की पहचान करने का तरीका : सिंथेटिक दूध में केमिकल और साबुन जैसे तत्व मिलाए जाते हैं, इसलिए उसका स्वाद और गंध असली दूध से अलग होते हैं. इसका स्वाद हल्का कड़वा या साबुन जैसा लगता है. उबालने पर उसमें अजीब गंध आने लगती है. ठंडा होने पर ऊपर से हल्की परत जम सकती है, जो प्राकृतिक क्रीम जैसी नहीं होती है. दूध में ऐसा कुछ दिखे, तो उसे यूज न करें.

उबालने पर झाग और क्रीम से पहचान : असली दूध उबलने पर ऊपर क्रीम की पतली और मुलायम परत बनाता है. नकली दूध उबालने पर या तो परत नहीं बनती, या बहुत मोटी और अजीब तरह की परत बनती है, क्योंकि फैट सिंथेटिक होता है. बार–बार उबालने पर भी असली दूध का रंग हल्का क्रीमी बना रहता है, जबकि सिंथेटिक दूध का रंग भी थोड़ा बदल जाता है.

सुरक्षित दूध कैसे चुन सकते हैं?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार पैक्ड दूध हमेशा खराब नहीं होता है, क्योंकि इसकी मिल्क टेस्टिंग लैब में होती है. हालांकि लोकल सप्लाई या बिना भरोसे वाले डेयरी से दूध खरीदते समय सावधानी जरूरी है. भरोसेमंद डेयरी से दूध लें और ब्रांडेड और FSSAI प्रमाणित पैकेजिंग देखें. बच्चों और बुजुर्गों को केवल भरोसेमंद दूध ही दें. सही दूध ही सेहत को फायदा देता है, इसलिए जागरुकता बेहद जरूरी है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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