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How to stop grey hair problem: बाल सफेद क्यों होते हैं, इन्हें वाइट होने से कैसे बचाएं?

Last Updated:December 01, 2025, 00:16 IST

तनाव, पोषण की कमी और हार्मोनल असंतुलन से बाल झड़ते हैं और असमय सफेद भी होते हैं. आजकल काफी कम उम्र में ही लोगों के बाल टूटने लगते हैं, सफेद हो जाते हैं. आप भी हेयर प्रॉब्लम से हैं परेशान तो नास्या तकनीक आजमाकर देखें. यह मस्तिष्क को शांत कर तनाव कम करता है, जिससे बालों का झड़ना नियंत्रित होता है. रात में नास्या करने से नींद गहरी और बिना रुकावट वाली आती है.बाल सफेद क्यों होते हैं, इन्हें वाइट होने से कैसे बचाएं?सफेद बालों का इलाज.

बढ़ते प्रदूषण की समस्या हो या तनाव और अनिद्रा, बालों का असमय सफेद होना और झड़ना एक बड़ी समस्या बन चुके हैं. ऐसे में कई उपाय भी अपना कमाल नहीं दिखा पाते, लेकिन आयुर्वेद के पास इसका समाधान है. क्या आप जानते हैं? आयुर्वेद में कुछ प्राकृतिक उपचार और दैनिक अभ्यास समय से पहले बालों को सफेद होने से रोकने, बालों का झड़ना कम करने और आरामदायक नींद को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं.

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने नास्या थेरेपी को इसका सरल और प्रभावी तरीका बताया है. इसमें नाक में हर्बल तेल की बूंदें डालकर तन और मन दोनों को लाभ पहुंचाया जाता है. मंत्रालय के अनुसार, नास्या पंचकर्मा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें नाक को औषधीय तेल या हर्बल द्रव्यों से उपचारित किया जाता है.

नाक को शरीर का ऐसा ‘द्वार’ माना जाता है, जो सीधे मस्तिष्क से जुड़ा होता है. अनु तेल (एक विशेष आयुर्वेदिक तेल) की 2 बूंदें दोनों नासिका छिद्रों में डालने से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं. इसे सुबह या रात को सोने से पहले करना बेहतर होता है.

दो बूंद अनु तेल नाक में डालने के अनगिनत लाभ मिलते हैं. नास्या से सिर की नसें और रक्त संचार सुधरता है, जिससे बालों की जड़ें मजबूत होती हैं. समय से पहले सफेद होने की प्रक्रिया रुकती है और प्राकृतिक कालापन बना रहता है. तनाव, पोषण की कमी और हार्मोनल असंतुलन से बाल झड़ते हैं. नास्या मस्तिष्क को शांत कर तनाव कम करता है, जिससे बालों का झड़ना नियंत्रित होता है. यह थेरेपी मन को शांत करती है और चिंता और अनिद्रा दूर करती है. रात में नास्या करने से नींद गहरी और बिना रुकावट वाली आती है.

नाक के मार्ग साफ होते हैं, साइनसाइटिस में आराम मिलता है और चेहरे की चमक बढ़ती है. इससे सिर दर्द, साइनस और त्वचा की समस्याओं में राहत मिलती है. मंत्रालय सलाह देता है कि नास्या थेरेपी को आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में करना चाहिए.

About the AuthorAnshumala

अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें

First Published :

November 30, 2025, 23:59 IST

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