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कैसे समझें आपको तुरंत ब्रेक की है जरूरत? 5 लक्षणों से करें पहचान, Mental Exhaustion को न लें हल्‍के में

Signs You are Mentally Exhausted: क्या आप भी इन दिनों भावनात्मक और मानसिक रूप से थकान महसूस करते हैं? अकेले में रोने का मन करता है? हर काम मुश्किल लगने लगता है और बस चाहते हैं कि सब कुछ अच्छा हो जाए! दरअसल, आजकल महिलाओं में यह समस्या काफी देखने को मिलती है. खासतौर पर अगर वे घर, परिवार, बच्चों की परवरिश, बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल के अलावा दफ्तर का काम भी करती हैं. तमाम जिम्मेदारियों को परफेक्‍ट तरीके से निभाने के चक्कर में तनाव इतना अधिक हो जाता है कि यह मानसिक थकान की वजह बन जाता है.

वेबएमडी के मुताबिक, मानसिक थकान शारीरिक थकान की तरह ही है, बस इसमें मांसपेशियों की जगह दिमाग थक जाता है. यह तब दिखाई देता है जब आप लंबे समय तक किसी कठिन काम को निपटाने में लगे हैं और एक साथ कई तरह के तनाव को झेल रहे होते हैं. इस दौरान आपका दिमाग हर वक्त अलर्ट रहता है और आप नींद भी भरपूर नहीं ले पाते. अगर आप इन लक्षणों को महसूस कर रहे हैं तो आपको एक अच्छे ब्रेक की जरूरत है. आइए जानते हैं मानसिक थकान होने पर शरीर में क्‍या लक्षण दिखते हैं.

मानसिक थकान के लक्षण(Signs Of Mental Exhaustion):

इमोशन पर कंट्रोल न होना: अगर आप मानसिक रूप से थके हुए हैं तो इस वजह से आपका मूड हर वक्त ऑफ रहने लगता है. हर वक्त आप इर्रिटेट महसूस करते हैं, छोटी सी बात पर लोगों को जवाब देते हैं. यही नहीं, खुद को कंट्रोल में रखना आपके लिए मुश्किल हो जाता है.

काम का परफॉर्मेंस खराब होना: हर किसी की प्रोडक्टिविटी कभी अच्छी रहती है तो कभी खराब. यह अप्स एंड डाउन हर किसी के जीवन का हिस्सा है. लेकिन जब आप मेंटली एग्जॉस्ट होते हैं तो आसानी से आपका ध्यान भटक जाता है, यह आपके मोटिवेशन को कम करता है, आसानी से आप डिस्ट्रैक्ट हो जाते हैं जिससे डेडलाइन मिस होने लगती है.

खोए-खोए रहना: कई बार आप दूसरी दुनिया में चले जाते हैं और एब्सेंट माइंड में आपका काम प्रभावित होने लगता है. आप किसी नतीजे पर तुरंत नहीं पहुंच पाते, निर्णय लेने में परेशानी होती है और कई सिचुएशन में ये खतरनाक हो सकता है, जैसे ड्राइविंग.

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नींद गायब हो जाना: आप यह सोचकर सोने जाते हैं कि मानसिक रूप से थकान महसूस हो रही है, लेकिन दिमाग इतना अधिक थका रहता है कि नींद तक नहीं आती. दरअसल, शोध में यह पाया गया कि जिन लोगों को सोचने या प्लानिंग वाले काम अधिक करने पड़ते हैं उन लोगों को नींद न आने की परेशानी अधिक होती है. इस नींद की कमी से मानसिक थकान और बढ़ने लगती है.

बुरे खयाल आना:ऐसे हालात में इंसान डिप्रेशन, एंग्जायटी महसूस करने लगता है, हर वक्त उसे किसी अनहोनी की चिंता लगी रहती है, वह हर चीज के लिए इतना अधिक सोचने लगता है कि पैनिक अटैक का डर बन जाता है, फिजिकल एक्टिविटी का मन नहीं करता, अनहेल्दी चीजों को खाकर पेट भर लेने का मन होता है.

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Tags: Health, Lifestyle, Mental Health Awareness

FIRST PUBLISHED : July 16, 2024, 18:49 IST

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