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Last Updated:January 07, 2026, 12:45 IST
Hyderabad History Books: हैदराबाद केवल एक शहर नहीं, बल्कि इतिहास, सियासत और साहित्य का जीवंत संगम है. किताबों के पन्नों में निज़ामों का दौर, दक्कनी संस्कृति, राजनीतिक बदलाव और साहित्यिक समृद्धि साफ झलकती है. ऐतिहासिक दस्तावेज़ों से लेकर आधुनिक लेखन तक, ये किताबें हैदराबाद की आत्मा को समझने का मौका देती हैं. पाठक इनके माध्यम से शहर के गौरवशाली अतीत, सामाजिक परिवर्तन और सांस्कृतिक विरासत को गहराई से जान सकते हैं.
हैदराबाद का जिक्र होते ही अक्सर जहन में चारमीनार और बिरयानी की तस्वीर उभरती है, लेकिन इस शहर की रूह यहां के साहित्य और इतिहास की परतों में छिपी है. अक्सर हम जिस शहर में रहते हैं, उसकी गहरी कहानियों से अनजान रह जाते हैं. अगर आप 2026 में अपनी रीडिंग लिस्ट तैयार कर रहे हैं और हैदराबाद को करीब से महसूस करना चाहते है तो ये 6 किताबें आपके लिए बेहतरीन चुनाव हो सकती हैं

गोलकोंडा बागनगर हैदराबाद: वरिष्ठ पत्रकार सेरिश नानीसेट्टी की यह किताब 1518 से 1687 के कुतुब शाही दौर का जीवंत दस्तावेज है. नक्शों और शोध के जरिए यह किताब बताती है कि कैसे मध्यकालीन हैदराबाद वैश्विक व्यापार और संस्कृति का केंद्र बना. यह उन पुरानी धारणाओं को भी चुनौती देती है जो अब तक इतिहास का हिस्सा रही हैं.

द हैदराबादीज़: यह किताब किताबी तारीखों के बजाय 10 लोगों के निजी अनुभवों के जरिए 1947 से अब तक के हैदराबाद को बयां करती है. 1948 का रियासती विलय हो या 2014 में तेलंगाना का गठन, दानीश मजीद ने साक्षात्कारों के माध्यम से दिखाया है कि बदलते राजनीतिक हालातों ने यहां के समुदायों को कैसे प्रभावित किया इसके लेखक दानीश मजीद है.
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हैदराबाद दक्कन: दक्कन आर्काइव की यह प्रस्तुति एक विजुअल ट्रीट है. मेहदी साजिद के चित्रों और सिबघतुल्लाह खान के शोध से सजी यह किताब शहर की उन इमारतों और विरासतों को सामने लाती है जो या तो लुप्त हो रही हैं या हमारी नजरों से ओझल हैं. स्थापत्य कला प्रेमियों के लिए यह एक अनिवार्य संग्रह है.

द सायरन्स ऑफ सितंबर: 1948 के विलय की उथल-पुथल पर आधारित यह ऐतिहासिक उपन्यास एक किशोर फरिश्ते अली खान की कहानी है. जासूसी, प्रेम और राजनीति के ताने-बाने से बुना यह उपन्यास उस दौर के भावनात्मक और ऐतिहासिक संघर्ष को खूबसूरती से दर्शाता है. इसकी लेखिका ज़ीनत खान जी है.

Beyond Biryani: The Making of a Globalised: जैसा कि नाम से जाहिर है यह किताब बिरयानी से आगे बढ़कर हैदराबाद के एक ‘ग्लोबल हब’ बनने की कहानी कहती है. पत्रकार दिनेश सी शर्मा ने औपनिवेशिक काल से लेकर आज के आईटी युग तक के आर्थिक और संस्थागत बदलावों का बारीकी से विश्लेषण किया है. इसके लेखक दिनेश सी शर्मा है.
First Published :
January 07, 2026, 12:45 IST
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शहर जो किताबों में ज़िंदा है! इतिहास और साहित्य के पन्नों में बसा हैदराबाद



