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मुझे सुहागरात चाहिए, लेकिन पति को भजन! बार-बार मंदिर जाने से परेशान पत्नी को कोर्ट से मिला तलाक

Last Updated:March 29, 2025, 23:34 IST

केरल हाईकोर्ट के सामने एक अजीबोगरीब केस आया. एक महिला की शिकायत थी कि उसके पति को सेक्स में कोई दिलचस्पी नहीं है, और वह बस मंदिर जाने में लगा रहता है. महिला ने तलाक मांगा तो कोर्ट ने मंजूर कर दिया.प्यार नहीं, बस पूजा-पाठ! पत्नी ने कहा- शादी में रोमांस चाहिए और पहुंच गई कोर्ट

सांकेतिक तस्वीर (Created with Gen AI)

हाइलाइट्स

केरल हाईकोर्ट ने एक महिला की तलाक की अर्जी को मंजूर किया.पति के धार्मिक जुनून को कोर्ट ने मानसिक क्रूरता माना.पति की वजह से विवाह टूट चुका, कोर्ट ने तलाक जायज ठहराया.

कोच्चि: केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महिला के तलाक को मंजूरी दी. महिला ने शिकायत की थी कि उसका पति शारीरिक संबंधों और पारिवारिक जीवन में कोई दिलचस्पी नहीं लेता.इसके बजाय, वह बल्कि मंदिरों और आश्रमों के चक्कर लगाने में ही व्यस्त रहता है. कोर्ट ने इस आचरण को ‘मानसिक क्रूरता’ मानते हुए तलाक को सही ठहराया. ‘बार एंड बेंच’ की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों की 2016 में शादी हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे रिश्ता खराब हो गया. पत्नी ने आरोप लगाया कि पति सिर्फ धार्मिक गतिविधियों में लगा रहता, उसके साथ समय बिताने या बच्चे पैदा करने में कोई रुचि नहीं दिखाता. वह उसे जबरदस्ती मंदिर ले जाता और उसकी पढ़ाई (पोस्टग्रेजुएशन) में भी रुकावट डालता. 2019 में पहली बार तलाक के लिए अर्जी दी, लेकिन पति के बदलने के वादे पर वापस ले ली. 2022 में फिर से तलाक मांगा, क्योंकि पति का व्यवहार नहीं बदला.

कोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस देवन रामचंद्रन और जस्टिस एमबी स्नेहलता की बेंच ने कहा, ‘शादी किसी को दूसरे पर अपनी मान्यताएं थोपने का लाइसेंस नहीं देती.’ अदालत ने कहा कि पति का अत्यधिक धार्मिक जुनून और पत्नी को मजबूर करना मानसिक क्रूरता है. वैवाहिक कर्तव्यों की अनदेखी और शारीरिक संबंधों से इनकार तलाक का वैध आधार है. बेंच ने कहा, ‘पति की वजह से विवाह टूट चुका है, इसलिए तलाक जायज है.’

पति ने कोर्ट में दलील दी कि उसके धार्मिक विश्वासों को गलत समझा गया. उसने यह भी कहा कि पत्नी खुद पढ़ाई पूरी करने तक बच्चे नहीं चाहती थी. लेकिन कोर्ट ने पत्नी के सबूतों को अधिक विश्वसनीय माना.

क्या होता है ‘मानसिक क्रूरता’?

हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 13(1)(ia) के तहत, अगर एक पति/पत्नी दूसरे के साथ लगातार उपेक्षापूर्ण व्यवहार करता है, भावनात्मक रूप से प्रताड़ित करता है या वैवाहिक कर्तव्यों से मुंह मोड़ता है, तो इसे मानसिक क्रूरता माना जाता है.

Location :

Kochi,Ernakulam,Kerala

First Published :

March 29, 2025, 23:33 IST

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