IAS Tina Dabi: बाड़मेर को मिले 2 करोड़ के राष्ट्रीय जल संरक्षण पुरस्कार पर अफवाहें, कलेक्टर ने बताया सच, जानें क्या है हकीकत

Last Updated:December 31, 2025, 06:10 IST
IAS Tina Dabi: राष्ट्रीय जल संरक्षण पुरस्कार को लेकर बाड़मेर जिले में फैल रही अफवाहों पर जिला कलेक्टर आईएएस टीना डाबी ने विराम लगा दिया है. उन्होंने प्रेस वार्ता कर साफ किया कि बाड़मेर को मिला 2 करोड़ रुपये का पुरस्कार पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया और सत्यापित आंकड़ों के आधार पर दिया गया है. सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे आरोपों को उन्होंने भ्रामक, असत्य और तथ्यहीन बताया.
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बाड़मेर. राजस्थान के बाड़मेर जिले को मिले 2 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय जल संरक्षण पुरस्कार को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों ने तूल पकड़ लिया है. इन भ्रामक पोस्टों पर विराम लगाते हुए जिला कलेक्टर आईएएस टीना डाबी ने प्रेस वार्ता कर सच्चाई सामने रखी और स्पष्ट किया कि अवार्ड पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत प्रदान किया गया है.
राष्ट्रीय जल संरक्षण पुरस्कार को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे आरोपों और टिप्पणियों को जिला कलक्टर टीना डाबी ने पूरी तरह भ्रामक, असत्य और तथ्यहीन बताया है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग गलत आंकड़े और फोटो प्रसारित कर न केवल आमजन को गुमराह कर रहे हैं बल्कि जिला प्रशासन की छवि को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं.
18 नवंबर को मिला था 2 करोड़ का इनाम
जिला कलक्टर टीना डाबी के मुताबिक, जल संचय जन भागीदारी कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बाड़मेर जिले को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है. यह सम्मान 18 नवंबर 2025 को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रदान किया गया था. इसके साथ ही जिले को 2 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि भी प्राप्त हुई थी.
JSJB और JSA-CTR पोर्टल है अलग-अलग
पुरस्कार का आधार जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी) कार्यक्रम का पोर्टल है, जहां ब्लॉक और जिला स्तर पर सत्यापित आंकड़े और फोटो अपलोड किए जाते हैं जबकि सोशल मीडिया पर कुछ लोग जल शक्ति अभियान कैच द रेन (जेएसए-सीटीआर) पोर्टल के स्क्रीनशॉट दिखाकर फोटो फर्जी होने का दावा कर रहे हैं. जेएसजेबी पोर्टल पुरस्कार का आधार है जबकि सीटीआर पोर्टल केवल सूचनात्मक और प्रदर्शनीय उद्देश्य के लिए है. इसका राष्ट्रीय जल संरक्षण पुरस्कार से कोई संबंध नहीं है.
79 हजार से अधिक जल संरक्षण कार्य दर्ज किए गए
उन्होंने बताया कि यह अभियान 6 सितंबर 2024 से 31 मई 2025 तक चला. जिसमें इस अवधि में पूर्ण हुए सभी जल संरक्षण कार्य शामिल किए गए है. इसी आधार पर जिले में 79 हजार से अधिक जल संरक्षण कार्य दर्ज किए गए. जिनमें मनरेगा, वित्त आयोग, एफएफसी, मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन, कृषि विभाग सहित अन्य योजनाओं के कार्य शामिल हैं.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
Location :
Barmer,Rajasthan
First Published :
December 31, 2025, 06:10 IST
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2 करोड़ के जल संरक्षण पुरस्कार पर उठे सवाल, कलेक्टर टीना डाबी ने बताई सच्चाई



