फरीदाबाद में आपका घर, तो NCR में काम करना होगा आसान, जान लें 2026 में क्या मिलने जा रहा तोहफाfaridabad namo bharat rrts corridor will boosts real estate property demand in 2026 residents can commute in ncr easily

Faridabad Namo Bharat RRTS Corridor: अगर आपका घर फरीदाबाद में है या इस शहर में घर खरीदने का प्लान कर रहे हैं तो आपके लिए फायदे का सौदा हो सकता है क्योंकि इस नए साल में फरीदाबाद एनसीआर का न केवल सबसे चमकता शहर बनने जा रहा है बल्कि यहां आ रहा नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर इस शहर के लोगों को पूरे एनसीआर में पहुंचने की सुविधा भी देने जा रहा है. खासतौर पर गुरुग्राम और नोएडा व ग्रेटर नोएडा के लिए.
बता दें कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा को जोड़ने वाला प्रस्तावित 15,000 करोड़ रुपये का नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर इस शहर को नई ऊंचाई पर ले जा सकता है. अभी तक गुरुग्राम और नोएडा से सीधी कनेक्टिविटी के लिए इंतजार कर रहा फरीदाबाद अब दिल्ली-NCR क्षेत्र का एक लैंडमार्क सिटी बनने की दिशा में बढ़ रहा है.
NCRTC द्वारा नमो भारत आरआरटीएस के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) फाइनल कर दी गई है. इससे साल 2026 में बनने की पूरी संभावना है. ऐसे में फरीदाबाद से गुरुग्राम और नोएडा व ग्रेटर नोएडा की दूरी इस एलिवेटेड, हाई-स्पीड कॉरिडोर से 1 घंटे से भी कम समय में पूरी होने की उम्मीद है, जिससे रीजनल मोबिलिटी में काफी बदलाव आने वाला है, और यह आने वाले समय में फरीदाबाद शहर के लिए एक गेम चेंजर बनने वाला है.
यह कॉरिडोर गुरुग्राम में, RRTS NH-8, द्वारका एक्सप्रेसवे, मेट्रो नेटवर्क और सदर्न पेरिफेरल रोड जैसे मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ आसानी से जुड़ जाएगा. बेहतर रीजनल मोबिलिटी से इसके कॉर्पोरेट हब के लिए रेजिडेंशियल एरिया बढ़ने की उम्मीद है, जिससे प्रोफेशनल्स गुरुग्राम में काम करते हुए फरीदाबाद या नोएडा में रह सकेंगे. नमो भारत कॉरिडोर के पिछले अनुभव से पता चलता है कि स्टेशन अक्सर लोकल डेवलपमेंट को बढ़ावा देते हैं, जिससे हाउसिंग, रिटेल और फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस की मांग को सपोर्ट मिलता है.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा, जो पहले से ही मजबूत मेट्रो और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी से जुड़े हैं, उन्हें गुरुग्राम और फरीदाबाद तक तेज, सीधे एक्सेस से फायदा होगा. जैसे-जैसे आने-जाने का समय कम होगा और ज्यादा भरोसेमंद होगा, घर खरीदने वाले, खासकर युवा प्रोफेशनल, दूरी के बजाय किफायत और लाइफस्टाइल को प्राथमिकता दे सकते हैं, जिससे मिड-इनकम, अपर मिड-इनकम और रेंटल हाउसिंग सेगमेंट में डिमांड बढ़ेगी.
सैम चोपड़ा, प्रेसिडेंट और कंट्री हेड, ईएक्सपी रियल्टी इंडिया, कहते हैं कि गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत RRTS कॉरिडोर के लिए DPR का फाइनल होना NCR के शहरी और रियल एस्टेट विकास के अगले चरण के लिए एक अहम पल है. जैसे-जैसे NCR के प्रमुख हब में कनेक्टिविटी मजबूत होगी, डिमांड स्वाभाविक रूप से उभरते, ट्रांजिट-लिंक्ड कॉरिडोर की ओर बढ़ेगी.
ट्रांसपोर्टेशन के अलावा, यह कॉरिडोर हाउसिंग प्रेफरेंस, प्राइसिंग ट्रैजेक्टरी और लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट सेंटिमेंट को प्रभावित करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. तेज, प्रेडिक्टेबल क्रॉस-सिटी ट्रैवल घर खरीदने वालों को सिर्फ निकटता के बजाय लाइफस्टाइल, स्पेस और अफोर्डेबिलिटी को प्रायोरिटी देने की सुविधा देता है, जबकि इन्वेस्टर आमतौर पर अच्छी तरह से कनेक्टेड ट्रांजिट कॉरिडोर के साथ लगातार वैल्यू क्रिएशन देखते हैं.



