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बिना परमिशन सऊदी ले गए ये कॉमन चीज तो नहीं मिलेगी एंट्री, आई अर्जेंट एडवाइजरी

अगर आप सऊदी अरब जाने की योजना बना रहे हैं, चाहे वह हज या उमराह के लिए हो, नौकरी के लिए हो, या फिर घूमने के लिए, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपको विदेश में बड़ी मुसीबत में डाल सकती है. सऊदी अरब प्रशासन ने दवाओं को लेकर अपने नियमों को बेहद सख्त कर दिया है. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने शुक्रवार को भारतीय यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है. इसके मुताबिक, अब सऊदी अरब जाते समय अपने साथ कुछ विशेष दवाएं ले जाने के लिए आपको ऑनलाइन क्लीयरेंस लेनी होगी. अगर आप बिना अनुमति के ऐसी दवाएं ले जाते पकड़े गए, तो न केवल आपको एयरपोर्ट पर रोका जा सकता है, बल्कि वहां के सख्त कानूनों के तहत जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है.

एनसीबी ने एक बयान जारी कर बताया है कि सऊदी अरब के जनरल डायरेक्टरेट ऑफ नारकोटिक्स कंट्रोल ने औपचारिक रूप से सूचित किया है कि उन्होंने एक नया ऑनलाइन सिस्टम लागू किया है. कई ऐसी दवाएं जो भारत में मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाती हैं या डॉक्टर की पर्ची पर उपलब्ध हैं, वे सऊदी अरब में प्रतिबंधित या प्रोह‍िबिटेड श्रेणी में आ सकती हैं.

अब तक लोग डॉक्टर का प्रेस्क्रिप्शन (पर्ची) साथ रखकर दवाएं ले जाते थे, लेकिन अब नियम बदल गए हैं. सऊदी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भारत या अन्य देशों में कानूनी रूप से उपलब्ध कुछ दवाएं सऊदी अरब में बैन हो सकती हैं. इसलिए, उन्हें अपने साथ ले जाने से पहले यात्रियों को अनिवार्य रूप से अनुमति लेनी होगी.

कैसे मिलेगी परमिशन? जानें स्‍टेप बाय स्‍टेप

सऊदी अरब जाने वाले यात्रियों की सुविधा और नियमों के पालन के लिए वहां की सरकार ने एक इलेक्ट्रॉनिक सर्विस प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है.

वेबसाइट: यात्रियों को https://cds.sfda.gov.sa पर जाना होगा.

आवेदन: यदि आप कोई ऐसी दवा ले जा रहे हैं जो संदेह के दायरे में है या प्रतिबंधित सूची में हो सकती है, तो आपको इस पोर्टल के माध्यम से पहले ही आवेदन करना होगा.

कौन कर सकता है आवेदन: यह आवेदन खुद यात्री द्वारा या उनके अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा किया जा सकता है.

दस्तावेज: आपको अपनी बीमारी का सबूत, डॉक्टर का प्रेस्क्रिप्शन और दवा की मात्रा की जानकारी ऑनलाइन अपलोड करनी होगी.

एनसीबी ने अपनी एडवाइजरी में साफ कहा है, व्यक्तिगत उपयोग के लिए ले जाई जाने वाली दवाओं के लिए अनुमति ऑनलाइन मांगी जा सकती है.

तय सीमा से ज्यादा दवा ले जाना भी अपराध

अक्सर देखा जाता है कि लोग लंबी यात्रा या लंबे समय तक रुकने के इरादे से भारी मात्रा में दवाएं साथ रख लेते हैं. एनसीबी ने इसे लेकर भी चेतावनी दी है. एडवाइजरी में कहा गया है कि “निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में दवाएं ले जाने पर भी नियामक कार्रवाई की जा सकती है. सऊदी अरब में कार्रवाई का मतलब भारी जुर्माना, डिपोर्टेशन या जेल की सजा हो सकती है. सऊदी अरब अपने ड्रग्स और नारकोटिक्स कानूनों के लिए दुनिया भर में सबसे सख्त देशों में गिना जाता है. वहां नशीली दवाओं या प्रतिबंधित दवाओं को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाती है.

किन दवाओं पर हो सकती है रोक?

हालांकि एनसीबी ने हर दवा का नाम नहीं लिखा है, लेकिन आमतौर पर ऐसी दवाओं पर सख्ती होती है जिनमें, नींद की गोलियां, तेज दर्द निवारक, मानसिक रोगों की दवाएं, कुछ विशेष कफ सिरप शामिल हैं. एनसीबी ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले सऊदी अधिकारियों द्वारा जारी ‘प्रतिबंधित और निषिद्ध दवाओं की ऑफि‍श‍ियल ल‍िस्‍ट जरूर देख लें. यह सूची सऊदी फूड एंड ड्रग अथॉरिटी की वेबसाइट पर उपलब्ध होती है.

एनसीबी की यात्रियों को 5 बड़ी सलाह

मुसीबत से बचने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने भारतीय यात्रियों को ये 5 काम करने की सलाह दी है.
बैग पैक करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि जो दवा आप रख रहे हैं, वह सऊदी अरब में बैन तो नहीं है.
अगर दवा प्रतिबंधित श्रेणी में है लेकिन आपकी सेहत के लिए जरूरी है, तो ऊपर दी गई वेबसाइट पर जाकर पहले ही ‘अप्रूवल’ या क्लीयरेंस ले लें.
मेशा डॉक्टर की ओरिजिनल पर्ची यानी प्रेस्‍क्र‍िप्‍शन अपने साथ रखें, जिस पर डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर और दवा की सही डोज लिखी हो.
सिर्फ उतनी ही दवा साथ ले जाएं जितनी यात्रा के दौरान जरूरी हो. स्टॉक जमा करके न ले जाएं.
दवाओं को उनकी ओरिजिनल पैकेजिंग में ही रखें. खुली गोलियां या बिना नाम की शीशियां संदेह पैदा कर सकती हैं.

क्यों अहम है यह चेतावनी?

हर साल लाखों भारतीय हज, उमराह और रोजगार के लिए सऊदी अरब जाते हैं. कई बार जानकारी के अभाव में लोग अपने साथ ऐसी दवाएं ले जाते हैं जो भारत में तो आम हैं, लेकिन खाड़ी देशों में उन्हें ‘नशीले पदार्थ’ की श्रेणी में रखा जाता है. पूर्व में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां भारतीय नागरिकों को सिर्फ इसलिए हिरासत में लिया गया क्योंकि उनके पास कुछ प्रतिबंधित पेनकिलर्स या नींद की गोलियां मिली थीं. इस नई व्यवस्था के बाद, अब ‘मुझे पता नहीं था’ जैसा बहाना नहीं चलेगा. इसलिए, अपनी यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए इस एडवाइजरी का पालन करना बेहद जरूरी है.

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