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किशनगढ़ एयरपोर्ट पर बड़े विमानों की राह खुली: ILS को मिली मंजूरी, रनवे बढ़ने पर उतर सकेंगे एयरबस जैसे विमान

Last Updated:November 16, 2025, 10:36 IST

किशनगढ़ एयरपोर्ट बड़े विमानों के संचालन की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ा है. एएआई ने यहां इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) लगाने के लिए साइट प्लान को मंजूरी दे दी है, जिससे धुंध और कम दृश्यता में भी सुरक्षित लैंडिंग संभव होगी. डीएमई की मदद से पायलट लगभग 50 किलोमीटर पहले ही रनवे की सेंटर लाइन पकड़ सकेंगे.

अजमेर. राजस्थान की हवाई कनेक्टिविटी को एक और उड़ान मिलने जा रही है. किशनगढ़ एयरपोर्ट अब बड़े विमानों के लिए पूरी तरह तैयार होने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ चुका है. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के कम्युनिकेशन नेवीगेशन सिस्टम योजना निदेशालय ने एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) लगाने के लिए साइट प्लान को हरी झंडी दे दी है.

यह आधुनिक प्रणाली धुंध, कोहरे और कम दृश्यता की स्थिति में बड़े विमानों को सुरक्षित लैंडिंग और उड़ान भरने में मदद करेगी. खास बात ये है कि DME की मदद से पायलट लगभग 50 किलोमीटर पहले ही रनवे की सेंटर लाइन पकड़ सकेगा, जिससे हर मौसम में लैंडिंग और भी सुरक्षित हो जाएगी.

50 किलोमीटर की दूरी से दिखेगी सेंटर लाइनइस प्रणाली के तहत रनवे पर लोकलाइजर, ग्लाइड पाथ, डीएमई (डिस्टेंस मेजरिंग इक्विपमेंट) और एप्रोच लाइटें स्थापित की जाएंगी. लोकलाइजर सरदारसिंह की ढाणी की ओर, एप्रोच लाइटें रामनेर की ओर, जबकि ग्लाइड पाथ और डीएमई रनवे के किनारे लगाए जाएंगे. डीएमई की मदद से पायलट को लगभग 50 किलोमीटर की दूरी से ही रनवे की सेंटर लाइन दिख सकेगी, जिससे किसी भी मौसम में विमानों की सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित होगी.

2017 से अब तक किशनगढ़ से सिर्फ छोटे विमान उड़ान भर रहेकिशनगढ़ एयरपोर्ट के विस्तार की उम्मीदों के बीच वर्तमान स्थिति ये है कि किशनगढ़ से फिलहाल केवल छोटे विमान ही उड़ान भरते हैं. किशनगढ़ हवाईअड्डा 2017 में शुरू हुआ था, अब तक यहां से एटीआर-72 जैसे छोटे विमान विभिन्न शहरों के लिए उड़ान भरते और लैंड करते हैं. वर्तमान में स्टार एयर और इंडिगो के विमान एक दर्जन से ज्यादा शहरों के लिए रोजाना उड़ान भरते हैं. एयरपोर्ट के रनवे की मौजूदा लंबाई 2000 मीटर (6561 फीट) है, जो छोटे विमानों के लिए तो उपयुक्त है, लेकिन बड़े विमानों के संचालन के लिए पर्याप्त नहीं है. यही वजह है कि ILS और रनवे विस्तार की प्रक्रिया को यात्री सुविधा के लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है, आने वाले समय में यह एयरपोर्ट बड़े विमानों की लैंडिंग के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है.

रनवे की लंबाई बढ़ाने से एयरबस जैसे विमान उतर सकेंगेकिशनगढ़ एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने की दिशा में अब बड़ा कदम उठाए जाने की चर्चा तेज है. रनवे की लंबाई बढ़ाने पर विचार लंबे समय से चल रहा है. बड़े विमानों के संचालन के लिए रनवे के विस्तार के प्रयास कुछ साल पहले शुरू किए गए थे. रनवे संख्या 5 और 23 दो हिस्सों में विभाजित है. रनवे संख्या 23 के दोनों ओर ऊंची पहाड़ियां (टूंकड़ा) मौजूद हैं, जिन्हें बड़े विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ के लिए खतरा माना गया था.

एएआई का मानना है कि यदि रनवे की लंबाई 3000 मीटर हो जाती है, तो एयरबस 320 जैसे बड़े विमान भी यहां उतर सकेंगे. अगर यह विस्तार योजना मंजूर हो जाती है, तो किशनगढ़ एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी और एयर ट्रैफिक दोनों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

Monali Paul

Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें

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Location :

Ajmer,Rajasthan

First Published :

November 16, 2025, 10:36 IST

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किशनगढ़ एयरपोर्ट पर ILS सिस्टम से बड़े विमानों की लैंडिंग होगी आसान

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