Rajasthan

Indian Air Force AFCAT Story: यूपी पुलिस में पिता, बेटे ने 8वीं बार में पाई सफलता, अब बनेंगे IAF Officer

Last Updated:May 09, 2025, 12:38 IST

Indian Air Force AFCAT Story: कहते हैं न कि इंसान असफलता से ही सफलता का मूलमंत्र सिखता है. ऐसी ही कहानी एक लड़के की है, जो 8वीं में SSB क्रैक करके AFCAT में सफलता हासिल की हैं.UP Police में पिता, बेटे ने 8वीं बार में पाई सफलता, अब बनेंगे IAF Officer

Indian Air Force AFCAT Story: भारतीय वायुसेना में ऑफिसर बने हैं.

हाइलाइट्स

8वीं बार में SSB परीक्षा पास की.IAF AFCAT में 32वीं रैंक हासिल की.पिता यूपी पुलिस में कार्यरत हैं.

Indian Air Force AFCAT Story: अगर आप लगातार किसी भी काम को पूरी लगन के साथ करते हैं, तो उसे पूरा होने से कोई नहीं रोक सकता है. इसे सही साबित एक लड़के ने कर दिखाया है. वह आठवीं बार में SSB परीक्षा पास करके भारतीय वायुसेना में ऑफिसर बने हैं. उन्होंने IAF AFCAT की परीक्षा में 32वीं रैंक हासिल की हैं. हम जिनके बारे में बात कर रहे हैं, उनका नाम काशीनाथ यादव (Kashinath Yadav) है.

IAF AFCAT में हासिल की 32वीं रैंकउत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से आने वाले काशीनाथ यादव ने आठवें प्रयास में एसएसबी परीक्षा को पास कर यह सिद्ध किया कि असली सफलता हार के बाद उठ खड़े होने से मिलती है. उन्होंने AFCAT परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 32 हासिल करते हुए फ्लाइंग ब्रांच में अपनी जगह बनाई हैं.

वर्दी का सपना और पिता का आदर्शकाशीनाथ के जीवन का लक्ष्य भारतीय सशस्त्र बलों की वर्दी पहनना था. उनके पिता उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) में कार्यरत हैं और उन्होंने अपने बेटे के भीतर अनुशासन और समर्पण का बीज बोया है. अपने किसान परिवार की पृष्ठभूमि से आगे बढ़ते हुए काशीनाथ ने इस प्रतिष्ठित सेवा का हिस्सा बनने के लिए स्वयं को पूरी तरह समर्पित कर दिया है.

NDA, TES में असफल AFCAT में कामयाबकाशीनाथ ने एनडीए और टीईएस की जानकारी स्कूल समय में ही प्राप्त कर ली थी और 11वीं कक्षा से ही अपनी तैयारी शुरू कर दी थी. कक्षा 12वीं के बाद एनडीए पास किया, लेकिन एसएसबी में सफलता नहीं मिली. इसके बाद उन्होंने ग्रेजुएशन पूरी की और AFCAT की दिशा में प्रयास शुरू किया.

बदलाव की शुरुआतAFCAT में सफलता हासिल करने वाले काशीनाथ ने 21-दिवसीय SSB कोर्स जॉइन किया है. उन्होंने अनुशासित वातावरण और समान विचारधारा वाले छात्रों की संगति ने उनके आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी. उन्होंने CDS, NDA, TES सहित कई परीक्षाएं दीं और अंततः AFCAT फ्लाइंग ब्रांच के लिए चुने गए हैं.

आठ बार की असफलता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. उनकी यह सफर केवल परीक्षा पास करने की नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, धैर्य और जुनून की मिसाल है.

authorimgMunna Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव. दूरदर्शन, ज़ी मीडिया और के साथ काम किया है. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत दूरदर्शन दिल्ली से की, बाद में ज़ी मीडिया से जुड़े और वर्तमान में Hin…और पढ़ें

पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव. दूरदर्शन, ज़ी मीडिया और के साथ काम किया है. इन्होंने अपने करियर की शुरुआत दूरदर्शन दिल्ली से की, बाद में ज़ी मीडिया से जुड़े और वर्तमान में Hin… और पढ़ें

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UP Police में पिता, बेटे ने 8वीं बार में पाई सफलता, अब बनेंगे IAF Officer

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