इन 4 बीमारियों में भूलकर भी न खाएं ये प्रोटीन रिच फूड, पेट का बज जाएगा बाजा! ब्लड फ्लो में भी होगी परेशानी

Egg Side Effects: सेहतमंद रहने के लिए प्रोटीन रिच फूड्स का सेवन फायदेमंद है. फूड सप्लीमेंट्स के तौर पर लोग अंडे खाते हैं. दरअसल, अंडा प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता है. इसके अलावा, अंडे में कैल्शियम, विटामिन, मिनरल्स जैसे कई गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को ढेरों लाभ पहुंचाने की क्षमता रखते हैं. इसके सेवन से शरीर को एनर्जी मिलती है. इसको स्वास्थ लाभ के लिए ब्रेकफास्ट से लेकर लंच और डिनर तक में शामिल किया जा सकता है. लेकिन कुछ बीमारियों में अंडा खाना काफी नुकसानदायक हो सकता है. अब सवाल है कि आखिर, किन मरीजों को अंडे का सेवन नहीं करना चाहिए और नुकसानदेह कैसे? आइए जानते हैं इस बारे में-
किन परेशानियों में अंडा नहीं खाना चाहिए?
पेट से जुड़ी परेशानी:मायो क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, अंडे का सेवन हमारे डाइजेशन सिस्टम पर सीधा असर डालता है. ऐसे में यदि आप पाचन संबंधी समस्या का सामना कर रहे हैं तो अंडे का सेवन नुकसानदायक हो सकता है. दरअसल, अंडा धीरे से पचता है, जिससे पाचन की समस्या को बढ़ा सकता है. इसके अलावा, अंडे खाने से कई बार अपच, उल्टी, जी मिचलाना, सिरदर्द, पेटदर्द जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.
हाई कोलेस्ट्रॉल: शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर भी अंडे का सेवन करने से बचना चाहिए. यदि आप खाते भी हैं तो याद रहे कि अंडे का पीला हिस्सा हटा देना है. दरअसल, इसके सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल हाई हो सकता है जिससे दिल संबंधी बीमारियों के होने का खतरा काफी बढ़ सकता है.
दिल से जुड़ी परेशानी: हार्ट से संबंधित परेशानी होने पर भी अंडे के सेवन से बचना चाहिए. ऐसे मरीजों को अंडा परहेज के रूप में लेना चाहिए. दरअसल, अंडे का सेवन करने से ब्लड सर्कुलेशन में रुकावट पैदा होने का खतरा बढ़ सकता है.
दस्त होने पर: यदि किसी व्यक्ति को दस्त की समस्या है तो आप भूलकर भी अंडे का सेवन ना करें. ऐसा करने से आपकी परेशानी बढ़ सकती है. बता दें कि, अंडे की तासीर गर्म होती है, जो पेट खराब होने पर और परेशानी बढ़ाती है.
इंसुलिन रेसिस्टेंस: कई लोग आमलेट में या फिर उबालकर एक साथ कई अंडे खा लेते हैं. लेकिन ऐसा गलत है. ऐसा करने से शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है. अधिक अंडे खाने से हार्ट डिजीज के ट्रिगर होने का रिस्क अधिक बढ़ जाता है. इसके साथ ही शरीर का इंसुलिन रेसिस्टेंस हो सकता है.



