Rajasthan

सिरोह में यहां 22 किलोमीटर लंबी गुफा के मुख पर विराजमान हैं मां चामुंडा, मोर-मोरनी के जोड़े की होती है पूजा, जानें मान्यता

Last Updated:April 05, 2025, 15:23 IST

Sirohi News: हिल स्टेशन माउंट आबू के प्रवेशद्वार कहे जाने वाले आबूरोड के तलहटी क्षेत्र में अतिप्राचीन मुखरी माता मंदिर स्थित है. यहां चामुंडा माता विराजमान है. यहां एक गुफा बनी है, जो माउंटआबू के जालंधरनाथ की च…और पढ़ेंX
पहाड़ी
पहाड़ी की गुफा में बना मुखरी माता मंदिर

देवनगरी के नाम से प्रसिद्ध सिरोही जिले में कई प्राचीन और अनोखे मंदिर है. नवरात्रि में मां की पूजा अर्चना का विशेष महत्व है. आज हम आपको एक ऐसे माता के मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो करीब 22 किलोमीटर लंबी गुफा के मुख पर विराजमान है. हिल स्टेशन माउंट आबू के प्रवेशद्वार कहे जाने वाले आबूरोड के तलहटी क्षेत्र में अतिप्राचीन मुखरी माता मंदिर स्थित है.

यहां चामुंडा माता विराजमान है. इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां एक गुफा बनी है. जो माउंटआबू के जालंधरनाथ की चोटी के आसपास निकलती है. मंदिर माउंटआबू का प्रवेश द्वार था. सुरक्षा के लिहाज से पिछले कई वर्ष से ये गुफा बंद कर रखी है. स्थानीय भक्त गणेश बंजारा ने बताया कि मुखरी माता मंदिर को लेकर जिले के भक्तों की गहरी आस्था है. ये मंदिर काफी प्राचीन है. पहले इस गुफा से साधु संत गुजरते थे, जो माउंट आबू में निकलते थे.

मोर-मोरनी का भी है मंदिरमंदिर पृसर में ही एक मोर मोरनी का मंदिर भी बना हुआ है, जिसको लेकर्क एक दंतकथा भक्तों में प्रसिद्ध है. इस कहानी के मुताबिक कुछ साल पहले शाम होते ही एक मोर-मोरनी का जोड़ा मंदिर में रात्रि विश्राम करने आता था. ये मोर-मोरनी बड़े तपस्वी हुआ थे. उनकी इच्छा थी अंतिम समय इसी मंदिर में व्यतीत हो सके. एक दिन सुबह के समय दोनों मोर मोरनी एक साथ मंदिर परिसर में ही मृत अवस्था में मिले. उस समय एक संत के कहने पर मोर मोरनी की इच्छानुसार यहां उनकी समाधि बनाई गई.

श्रद्धालु करवाते हैं प्रसादी का आयोजनइस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको  जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर आबूरोड के तलेटी से माउंट आबू जाने वाले मार्ग के समीप तलहटी मुख्य तिराहा आना होगा. यहां से करीब 50 मीटर की दूरी पर मंदिर का मुख्य गेट से प्रवेश करने के बाद 500 मीटर की दूरी पर पहाड़ी के ऊपर यह मंदिर बना हुआ है. यहां से सीढ़ियों से या फिर खुद के वाहनों से मंदिर तक पहुंचा जा सकता है. आबूरोड रेलवे स्टेशन एवं बस स्टेंड से मंदिर की दूरी 5 किलोमीटर है. मंदिर में बीते कई सालों से निर्माण एवं विस्तार का कार्य करवाया जा रहा है. मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए करीब एक दर्जन कमरे एवं बरामदा भी बना हैं. मंदिर में मन्नत करने के बाद लोगों की मनोकामना पूर्ण होने पर यहां प्रसादी का आयोजन किया जाता है.

Location :

Sirohi,Rajasthan

First Published :

April 05, 2025, 15:23 IST

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यहां 22 किलोमीटर लंबी गुफा के मुख पर विराजमान हैं मां चामुंडा, जानें मान्यता

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