भरतपुर की पहाड़ियों में ‘बेरों की बहार’! लाल-पीले फलों ने लूटी धूम, स्वाद और सेहत का बना संगम!

Last Updated:November 06, 2025, 12:16 IST
Bharatpur News Hindi : भरतपुर के डांग क्षेत्र की पहाड़ियों में इन दिनों प्रकृति ने बिखेरी है अपनी अनोखी रंगत. लाल-पीले जंगली बेर न सिर्फ स्वाद का तोहफा बने हैं बल्कि सेहत का खजाना भी हैं. बच्चे, महिलाएं और ग्रामीण पहाड़ियों पर बेर तोड़ने में मशगूल हैं, जिससे सर्दियों का मौसम अब और भी स्वादिष्ट हो गया है.
भरतपुर में सर्दियों की दस्तक के साथ ही भरतपुर के पहाड़ी इलाकों में इन दिनों प्राकृतिक खूबसूरती का नजारा देखने लायक है. पहाड़ों पर हरियाली के बीच अब जंगली बेरों ने अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है. स्थानीय लोग इसे पहाड़ों का बादशाह भी कहते हैं. क्योंकि यह फल न केवल स्वाद में लाजवाब होता है. बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है.

भरतपुर के डांग क्षेत्र बयाना के आसपास के पहाड़ी इलाकों में इन दिनों जंगली बेर के पेड़ फलों से लदे हुए नजर आ रहे हैं. यह बेर लाल और पीले रंग के होते हैं. जो दिखने में बेहद आकर्षक और खाने में खट्टे-मीठे स्वाद के कारण लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं. बच्चे महिलाएं और ग्रामीण इन बेरों को तोड़ने के लिए पहाड़ों की ओर जा रहे हैं और प्राकृतिक स्वाद का आनंद ले रहे हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगली बेर हर साल नवंबर महीने से लगना शुरू होता है और करीब डेढ़ से दो महीने तक उपलब्ध रहता है. इस दौरान इसका स्वाद सबसे बेहतर होता है. ग्रामीण इलाकों में यह बेर सिर्फ खाने के लिए ही नहीं बल्कि दिखने में भी काफी सुन्दर नजर आता है. कई लोग इसे सुखाकर सर्दियों में खाने के लिए रख लेते हैं.

जंगली बेर में भरपूर मात्रा में विटामिन सी, आयरन और फाइबर पाया जाता है. यह शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है और पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है. यही कारण है कि गांवों में इसे सर्दियों का काफी अच्छा फल मानते है. यहां अब भी बच्चे स्कूल जाते वक्त पेड़ों से बेर तोड़ते हुए खाते है.

जब जंगली बेर पकने लगते हैं तो पहाड़ी रास्तों पर बच्चों बेर तोड़ते हुए और खाते हुए देखे जाते हैं. जंगली बेर न केवल स्वाद का आनंद देता है. बल्कि यह भरतपुर के पहाड़ी इलाकों की जीवंतता और प्राकृतिक सौंदर्य का प्रतीक भी है. कुछ स्थानीय किसान अब इन बेरों को बाजारों में बेचने लगे हैं. जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी का स्रोत भी मिल रहा है.

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि भरतपुर के पहाड़ों में आई यह बेरों की बहार न सिर्फ स्वाद का तोहफा है. बल्कि यह लोगों को प्रकृति से जोड़ने का भी एक सुंदर माध्यम बन चुकी है.अब यह फल भरतपुर की मंडी में नजर आने लगा है. वह लोग भी इसको खूब पसंद कर रहे हैं. यह खट्टा मीठा फल खाने में काफी स्वादिष्ट होता है. जो लोगों को काफी अधिक पसंद आ रहा है.
First Published :
November 06, 2025, 12:16 IST
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भरतपुर की पहाड़ियों में ‘बेरों की बहार’! लाल-पीले फलों ने मचाई धूम!



