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सर्दियों में छाया बाजरे का मलीदा! मिट्टी के तवे पर बना देसी स्वाद, सेहत का भी पावरहाउस

Last Updated:December 10, 2025, 19:41 IST

Bajre ki Roti ka Malida : सर्दी शुरू होते ही राजस्थान के घरों में एक देसी सुपरफूड की धूम मच जाती है – बाजरे की रोटी का मलीदा. मिट्टी के तवे पर बनी रोटी, गुड़ की मिठास और देशी घी की गर्माहट इसे सर्दियों का सबसे पौष्टिक और स्वादिष्ट व्यंजन बना देती है. गांवों से शहरों तक लोग इसे ऊर्जा और सेहत के लिए बड़े चाव से खाते हैं.सर्दियों में छाया बाजरे का मलीदा! देसी स्वाद और सेहत से भरपूर पारंपरिक व्यंजनगुड का मिलीदा 

अलवर : सर्दी का मौसम शुरू होते ही लोग अपने घरों में तरह–तरह के पौष्टिक और स्वादिष्ट व्यंजन बनाना शुरू कर देते हैं. राजस्थान में खासकर सर्दियों के दौरान बाजरे की रोटी बेहद लोकप्रिय होती है. यह न केवल स्वाद में बेहतरीन होती है, बल्कि सेहत के लिए भी अत्यंत लाभकारी मानी जाती है. जैसे ही ठंड बढ़ती है, लोग देशी घी के साथ बाजरे की रोटी का मलीदा बनाते हैं, जो स्वाद में लाजवाब और पेट के लिए भी हल्का होता है.

गांवों में मलीदा अक्सर स्वीट डिश की कमी को सहज रूप से पूरा कर देता है. कई परिवारों में भोजन के बाद इसे बड़े चाव से खाया जाता है. डॉक्टरों के अनुसार बाजरे की रोटी और उससे बना मलीदा शरीर को प्राकृतिक गर्माहट प्रदान करता है, क्योंकि इसमें बाजरा, घी और गुड़ का संयोजन होता है. गुड़ की मिठास, घी की ऊर्जा और बाजरे की गर्म तासीर सर्दियों में शरीर को मजबूत बनाती हैं और प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है.

पारंपरिक रोटी से तैयार होता देसी मलीदाअब बात करते हैं कि पारंपरिक तरीके से राजस्थान में मलीदा कैसे तैयार किया जाता है. इसे बनाने के लिए मिट्टी का तवा और चूल्हा सबसे उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि इन्हीं पर बनी बाजरे की रोटी का असली स्वाद आता है. सबसे पहले बाजरे का आटा गूंथकर मोटी रोटी तवे पर सेक लें. जैसे ही रोटी तैयार हो जाए, उसे गर्म–गर्म ही हाथ से बारीक तोड़कर मसल लें. रोटी जितनी गर्म होगी, उसे उतना ही आसानी से बारीक किया जा सकता है. इसके बाद गुड़ लें और उसे भी अच्छी तरह मसलकर महीन कर लें.

बाजरे, गुड़ और घी से बने मलीदे का असली स्वादजब रोटी और गुड़ दोनों एकसार हो जाएं, तब उसमें स्वादानुसार देशी घी डालें. मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर घी से हल्का गीला कर लें. इसके बाद आप चाहें तो इसका लड्डू बना सकते हैं या फिर इसे हलवे की तरह गर्मागर्म परोस सकते हैं. इस तरह पारंपरिक तरीके से तैयार किया गया बाजरे की रोटी का मलीदा सर्दियों में स्वाद और सेहत का अनोखा मेल पेश करता है.

About the AuthorRupesh Kumar Jaiswal

रुपेश कुमार जायसवाल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस और इंग्लिश में बीए किया है. टीवी और रेडियो जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं. फिलहाल नेटवर्क18 से जुड़े हैं. खाली समय में उन…और पढ़ें

Location :

Alwar,Rajasthan

First Published :

December 10, 2025, 19:41 IST

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सर्दियों में छाया बाजरे का मलीदा! देसी स्वाद और सेहत से भरपूर पारंपरिक व्यंजन

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