Ground Report : मेहनत तो लगी लाखों की, दाम मिले मुट्ठीभर… अलवर के किसानों पर टूटा प्याज का कहर!

Last Updated:November 07, 2025, 21:58 IST
Alwar News : अलवर का लाल प्याज देश भर में फेमस है. लेकिन कड़ी मेहनत कर बुआई की प्याज का जब अच्छा भाव किसानों को नहीं मिल रहा है तो वे मायूस हो गए हैं. अलवर सहित खैरथल तिजारा जिले में किसानों करीब 28 हजार हेक्टेयर में प्याज की खेती की थी. रोजाना खैरथल, अलवर, बड़ोद सहित अन्य मंडियों में हजारों कट्टे प्याज की आवक हो रही है.
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अलवर. अलवर का लाल प्याज देश भर में फेमस है. लेकिन कड़ी मेहनत कर बुवाई की गई प्याज की फसल का जब किसानों को अच्छा भाव नहीं मिल रहा है तो वे मायूस हो गए हैं. अलवर सहित खैरथल तिजारा जिले में किसानों ने करीब 28 हजार हेक्टेयर में प्याज की खेती की थी. रोजाना खैरथल, अलवर, बड़ोद सहित अन्य मंडियों में हजारों कट्टे प्याज की आवक हो रही है. लेकिन इस बार किसानों की मेहनत प्याज की फसल में रंग नहीं लाती दिखाई दे रही है.
किसानों ने बताया कि एक बीघा खेत में करीब 70 से 80 हजार रुपये तक खर्चा हो जाता है. लेकिन अभी कमजोर भाव के कारण किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है. हाल ही में मंडियों में प्याज 3 रुपए से लेकर 17 रुपए किलो तक बिक रही है. किसानों ने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि किसानों की आय दोगुनी की जाएगी, लेकिन प्याज के दाम देखकर तो किसान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं. किसान उन्नास खान ने बताया कि उनकी प्याज 11 रुपए किलो बिकी है, लेकिन उससे खेत में लगाए मजदूरों की दिहाड़ी भी नहीं निकल पा रही. किसान इशरा ने बताया कि पिछले तीन साल से वह प्याज लगा रहे हैं, लेकिन इस बार उनकी प्याज 15 रुपए किलो बिकी है, जिससे आधे से ज्यादा का नुकसान हुआ है.
महंगाई बढ़ी पर प्याज का दाम नहीं बढ़ा
किसान दीपू ने बताया कि वह मंडी में 21 कट्टे प्याज लेकर पहुंचे थे, लेकिन अच्छी क्वालिटी होने के बावजूद उनकी प्याज 16.50 रुपए किलो बिकी. उन्होंने कहा कि जिस मेहनत से प्याज की फसल तैयार की गई, उसके मुकाबले कोई मुनाफा नहीं हो रहा. किसानों ने सीधे तौर पर सरकार पर प्याज का सही दाम नहीं देने का आरोप लगाया. उनका कहना है कि अगर प्याज 40 से 45 रुपए किलो बिके तभी जाकर किसानों को कुछ हद तक मुनाफा मिलेगा.
किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य की उठाई मांगकिसान कुलदीप ने सरकार से मांग की है कि प्याज का न्यूनतम समर्थन मूल्य कम से कम 30 रुपए किलो होना चाहिए. उन्होंने बताया कि पिछली बार उन्होंने 11 बीघा खेत में प्याज की खेती की थी, उस समय अच्छा रेट मिलने से बढ़िया मुनाफा हुआ था. लेकिन इस बार उन्होंने 7 बीघा खेत में प्याज की बुवाई की थी और लागत का एक रुपए भी नहीं निकल पाया. किसानों का कहना है कि अगर सरकार ने उचित दाम तय नहीं किए तो भविष्य में वे प्याज की खेती से तौबा कर सकते हैं.
Anand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल… और पढ़ें
Location :
Alwar,Rajasthan
First Published :
November 07, 2025, 21:58 IST
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मेहनत लगी लाखों की, दाम मिले मुट्ठीभर… अलवर के किसानों पर टूटा प्याज का कहर!



