Confirmed, Twitter users need to spend so much money for Blue Tick | कन्फर्म हो गया, ब्लू टिक के लिए ट्विटर यूजर्स को खर्च करने होंगे सालाना करीब 7500 रुपए…एलन मस्क का ऐलान

शिकायत करते रहो, पर भुगतान तो करना होगा पिछले एक दो दिनों में ट्विटर पर ही चली बहस के बाद ही मस्क ने ऐलान कर दिया है कि वेरिफाइड यूजर्स को Twitter पर रहने के लिए पैसे खर्च तो करने ही होंगे। पहले मस्क इसके लिए 20 डॉलर प्रतिमाह लेने की बात कर रहे थे, पर अब वे 8 डॉलर प्रति माह पर अड़ गए हैं। मस्क ने ट्वीट किया है कि शिकायत करने वालों का स्वागत है। पर ब्लू टिक के लिए 8 डॉलर प्रति माह का भुगतान तो करना हो होगा। यही नहीं मस्क ने अब अपना प्रोफाइल भी फिर से बदल कर Twitter Complaint Hotline Operator कर दिया है। पहले इसे Chif Twit किया था। अब इस बदल कर कंप्लेन ऑपरेटन कर दिया है। हालांकि मर्जर की शर्तों के अनुसार अब मस्क कंपनी के सीईओ के रूप में काम कर रहे हैं।
To all complainers, please continue complaining, but it will cost $8
— Elon Musk (@elonmusk) November 2, 2022
सिर्फ विज्ञापन के भरोसे नहीं चल सकता काम
दरअसल, इसके पूर्व एलन मस्क ने स्टीफन किंग नामक बेस्ट ऑथर के ब्लू टिक को लेकर सवाल पर जवाब दिया था। स्टीफन ने कहा था कि, ”ब्लू टिक को बरकरार रखने के लिए हर महीने 20 डॉलर देने होंगे? ****, बल्कि उन्हें (ट्विटर) मुझे पैसे देने चाहिए। अगर यह सच होता है तो ट्विटर का हाल भी एनरॉन की तरह ही होगा।” स्टीफन के इस ट्वीट पर एलन मस्क ने रिप्लाई किया था। उन्होंने लिखा, ” आखिर हमें भी अपने बिल भरने होते हैं। ट्विटर सिर्फ एडवर्टाइजर्स के भरोसे नहीं चल सकता है। आठ डॉलर की राशि कैसी रहेगी?” अब मस्क इसी आठ डॉलर पर जाकर अड़ गए हैं कि वेरिफाइड यूजर्स को आठ डॉलर्स तो देने ही होंगे।


Twitter’s current lords & peasants system for who has or doesn’t have a blue checkmark is bullshit.
Power to the people! Blue for $8/month.
— Elon Musk (@elonmusk) November 1, 2022
This will also give Twitter a revenue stream to reward content creators— Elon Musk (@elonmusk) November 1, 2022
There will be a secondary tag below the name for someone who is a public figure, which is already the case for politicians— Elon Musk (@elonmusk) November 1, 2022
भुगतान के बदले दिया जाएगा रिवार्ड
देखना होगा कि मस्क इस वेरिफाइड यूजर्स की भुगतान प्रणाली को कैसे लागू करते हैं। अगर प्रतिमाह 8 डॉलर की राशि यूजर्स से ली जाती है तो भारत जैसे देश में ये राशि करीब 650 रुपए महीना और 7500 रुपए सालाना ठहरेगी। इतना भुगतान करके तो भारत में गिने-चुने लोग ही वेरिफाइड ट्विटर यूजर्स बनना चाहेंगे। मस्क ने संकेत दिया है कि इसके लिए वे कंटेंट क्रिएटर्स को रिवार्ड भी देंगे। इसके अलावा वेरिफाइड यूजर्स को भी कुछ सुविधाएं देने की बात चल रही है। अब सबकी नजर इस पर है कि इस मुद्दे पर भी मस्क को क्या फिर से अपनी बात से पीछे हटना होगा या फिर मस्क इसे लागू कर इस नए प्रयोग पर आगे बढ़ेंगे।
भारत के लिए मौका वहीं टेक दिग्गजों का मानना है कि ये भारत जैसे देशों के लिए मौका होगा। अगर ट्विटर यूजर्स के लिए फीस चार्ज करता है तो दूसरे ट्विटर जैसे प्लेटफार्म के लिए ये मौका होगा कि वे अपनी तरफ यूजर्स को आकर्षित करें। विशेषकर भारत के लोग पहले से ही मौजूद कू सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर स्विच कर सकते हैं।