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भारत-पाकिस्तान सीजफायर उल्लंघन: LOC पर तनाव और आतंकवाद की बढ़ती घटनाएं

Last Updated:April 02, 2025, 06:52 IST

CHIEF ON PAK: जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाया गया. घाटी में शांति की बयार है. लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनावों में लोगों की भागीदारी ने भी यह संदेश पूरी दुनिया में दिया है, कि पाकिस्तान का कश्मीर को लेकर …और पढ़ें4 साल बाद पाकिस्तान ने तोड़ा सीज फायर, सवाल है आखिर क्यों?

पाकिस्तान ने फिर तोड़ा सीजफायर

हाइलाइट्स

पाकिस्तान ने पुंछ के केजी सेक्टर में सीजफायर तोड़ा.भारतीय सेना ने पाकिस्तानी गोलीबारी का माकूल जवाब दिया.पाकिस्तान बलूचिस्तान से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है.

CEASEFIRE VIOLATION: 24/25 फरवरी 2021 की दरमियानी रात को भारत और पाकिस्तान ने LOC पर फायरिंग बंद करने को राजी हुआ. दोनों पक्षों समझौतों का कड़ाई से पालन के लिए सहमती जताई. छुट पुट फायरिंग की घटनाओं को छोड़कर LOC पर शांति छायी रही. भारत की तरफ से सीजफायर का पालन शिद्दत से किया गया. लेकिन पाकिस्तान अपनी आदत से कैसे बाज आने वाला था. आंतकियों की घुसबैठ कराने और LOC पर फाायरिंग, IED से हमले करने की वारदातों में एक दम से बढ़ोतरी हुई है. पिछले कुछ महीने के भीतर जम्मू इलाका फिर से एक्टिव होती नजर आ रही है. 1अप्रैल को भी ऐसा ही हुआ और पाकिस्तान से सीज फायर को तोड़ दिया. सेना ने बयान जारी करके कहा कि पाकिस्तान ने पुंछ के केजी सैक्टर में सीजफायर का उलंघन किया. जिसका भारतीय सेना ने माकूल जवाब दिया. पाकिस्तान की गोलीबारी में किसी भी तरह की कोई जान माल का नुकसान नहीं हुआ. सूत्रों की माने तो केजी सेक्टर से आतंकीयों की घुसबैठ कराने के मकसद से पाक ने सीजफायर का उलंघन किया. इस कोशिश को सेना ने नाकाम कर दिया. इस जवाबी कार्रवाई में घुसबैठ की कोशिश कर रहे 4-5 आतंकियों के मारे जाने की भी खबर है. हांलाकि सेना की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. पिछले महीन ही LOC के इलाके में हुई घटनाओं के बाद दोनों देशों के सेना के बीच बॉर्डर फ्लैग मीटिंग भी बुलाइ गई थी.

बलूचिस्तान से ध्यान भटकाने का जरिया?बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों पर जिस तरह से अटैक हो रहे हैं उससे सेना पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. कोई दिन ऐसा नहीं होता जब पाक फौज पर कोई हमला ना हो रहा हो. रोज सैनिकों के जनाजे रोज उठ रहें हैं. पाक सरकार और फौज को अपनी आवाम के समने मुंह दिखाना भारी पड़ रहा है. ऐसे में अपनी फजीहत से बचने के लिए पाक जो पहले करता आया है. अब भी वही कर रहा है. एक बार फिर से जम्मू कश्मीर में घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया. जानकारों के मुताबिक कश्मीर को लेकर वहां कि आवाम को बरगलाना पाकिस्तानी सरकार और फौज का पुराना हथकंडा है. जैसी ही पाक फौज के उपर दबाव बढ़ता है वो जम्मू कश्मीर को एक्टिव करना शुरू कर देता है. कश्मीर में हालात सामान्य है और लोग विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं. यही पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ी मुसीबत है. गर्मियों के आते ही फिर से पाकिस्तान अपने पुराने ढर्रे में आ गया.

पाकिस्तान जम्मू में बढ़ा रहा है आतंकवादपिछले साल पाकिस्तान ने जम्मू में आतंकी घटनाओं को बढ़ाया था. खुद थलसेना प्रमुख ने पाकिस्तान का नाम लेते हुए साफ कहा था कि जम्मू कश्मीर में हिंसा सिर्फ पाकिस्तान फैला रहा है. जम्मू में बढ़ी घटनाओं के मद्देनजर पिछले साल 15 हज़ार से ज्यादा ट्रुप को डिप्लॉय किया था. इससे आतंकवाद की घटनाओं में कमी आई थी.भारतीय सेना ने ऑपरेशन ऑलआउट के तहत ऐसा शिकंजा कसा की सभी आतंकी तंजीम कमांडर घोषित करने से डरने लगा है. पहले हर तंजीम घायी में आतंकी घटनाओं के लिए अपने कमॉंडर बनाया करती थी. पिछले कुछ साल से सेना ने ऐसा डर बैठाया कि एक भी कमॉंडर कश्मीर में दिखाया नहीं देता. पिछले साल भर में जम्मू कश्मीर में कुल 73 आतंकियों को अलग अलग एनकाउंटर में ढेर किया गया. जितने भी आतंकी अभी मौजूद है उन्में से 80 फीसदी पाकिस्तानी है. एलओसी के पार आतंकी इंफ्रास्ट्रकचर अभी भी बने हुए है. घुसबैठ की कोशिशें लगातार जारी है. ड्रोन के जरिए हथियार और ड्रग्स भेजने की कोशिश भी जारी है.

घाटी में भर्ती सिंगल डिजिट मेंकश्मीर से धारा 370 में बदलाव के बाद से जो सबसे बड़ा बदलाव देखा गया है वो है आंतिकी गतिविधियों में शामिल होने वाले कश्मीरी युवाओं का आतंकी तंजीमे से किनारा करना. जो युवा आतंक का दामन थामने लगते थे अब वो रोजगार से व्यस्त है. कश्मीरी युवाओं को बरगलाने में पाकिस्तानी आंतकी आका नाकाम हो रहे हैं. थलसेना प्रमुख ने भी इस बात की तसदीक की थी कि आतंकी तंजीमों में शामिल होने वाले कश्मीरी युवाओं की संख्या में काफी गिरावट आई है. अगर पिछले सालों में आंतकी तंजीमों में भर्ती के आंकडों की बात करें तो पहले यह भर्ती ट्रिपल डिजिट में होती थी. अब वह सिमट कर सिंगल डिजिट में रह गई है. साल 2024 में 4, साल 2022 ये आकंडा 121, साल 2021 में ये आंकड़ा 149 और साल 2020 में 191 युवाओं ने आंतकी तंजीमों को ज़्वाइन किया था.

First Published :

April 02, 2025, 06:52 IST

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4 साल बाद पाकिस्तान ने तोड़ा सीज फायर, सवाल है आखिर क्यों?

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