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Indian Army to buy 850 Kamikaze Drones | Indian Army News- ₹2000 करोड़ के 850 आत्मघाती ड्रोन, दुश्मन के घर में घुसकर फटेंगे; सेना खड़ी कर रही ‘किलर स्क्वाड’

Last Updated:December 20, 2025, 03:51 IST

Indian Army to buy 850 Kamikaze Drones: भारतीय सेना अपनी ताकत को नई ऊंचाई देने जा रही है. ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद सेना 2000 करोड़ रुपए में 850 कामिकाजी ड्रोन खरीदेगी. ये आत्मघाती ड्रोन दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला करेंगे. हर इन्फैंट्री बटालियन में ‘अशनी प्लाटून’ बनाई जाएगी, जिससे सेना की मारक क्षमता कई गुना बढ़ेगी.

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₹2000 करोड़ के 850 आत्मघाती ड्रोन: दुश्मन के इलाके में घुसकर करेंगे तबाहीऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद भारतीय सेना 850 आत्मघाती ड्रोन खरीदने जा रही है. (फोटो Reuters)

नई दिल्ली: भारतीय सेना अब अपने दुश्मनों को संभलने का कोई मौका नहीं देना चाहती. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जबरदस्त सफलता के बाद सेना ने अपनी ताकत को कई गुना बढ़ाने का फैसला किया है. खबर है कि सेना जल्द ही 850 खतरनाक कामिकाजी (आत्मघाती) ड्रोन खरीदने जा रही है. यह पूरी डील करीब 2000 करोड़ रुपए की होगी. ये ड्रोन सिर्फ आर्मी ही नहीं बल्कि एयरफोर्स और नेवी के स्पेशल फोर्सेज के पास भी होंगे.

पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों के ठिकानों को तबाह करने के बाद सेना ने यह सबक सीखा है कि भविष्य की जंग ड्रोन से ही जीती जाएगी. पहलगाम हमले के बाद हुए एक्शन में इन ड्रोन्स ने दुश्मन की कमर तोड़ दी थी. अब हर इन्फैंट्री बटालियन में एक स्पेशल ‘अशनी प्लाटून’ होगी जो इन ड्रोन्स को ऑपरेट करेगी.

आखिर क्या है सेना का यह नया ‘सुसाइड’ प्लान जिसने बढ़ाई हलचल?

भारतीय सेना अपनी मारक क्षमता को नेक्स्ट लेवल पर ले जा रही है. एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक सेना 850 कामिकाजी ड्रोन खरीदने के अंतिम चरण में है. इन्हें लोइट्रिंग म्यूनिशंस भी कहा जाता है. ये ऐसे ड्रोन होते हैं जो हवा में काफी देर तक मंडराते हैं. और जैसे ही टारगेट दिखता है उस पर गिरकर खुद को उड़ा लेते हैं. यह प्रस्ताव इसी महीने होने वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की बैठक में पास हो सकता है. इसे फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया के तहत खरीदा जाएगा. खास बात यह है कि ये ड्रोन और इनके लॉन्चर्स स्वदेशी स्रोतों से खरीदे जाएंगे. यानी भारत अब हथियारों के मामले में आत्मनिर्भर बन रहा है.

फोटो: Reuters

ऑपरेशन सिंदूर में इन ड्रोन्स ने पाकिस्तान में कैसे मचाई थी तबाही?

सेना ने यह फैसला ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से मिले सबको के आधार पर लिया है. आपको याद होगा कि पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी. इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर कार्रवाई की थी. उस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने ड्रोन्स का भारी इस्तेमाल किया था. ऑपरेशन के पहले ही दिन भारत ने 9 में से 7 आतंकी ठिकानों को उड़ा दिया था. ये ठिकाने पाकिस्तान के अंदर थे. बाद में जब पाकिस्तान आर्मी आतंकियों को बचाने आई. तो इन ड्रोन्स ने उन पर भी कहर बरपाया था. उस हमले में दुश्मन को भारी नुकसान हुआ था. उनके कई इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह हो गए थे.

क्या अब हर बटालियन के पास होगी अपनी खुद की ‘एयरफोर्स’?

सेना अब अपने स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव कर रही है. अब सेना की हर इन्फैंट्री बटालियन में एक ‘अशनी प्लाटून’ होगी. इस प्लाटून का काम सिर्फ ड्रोन ऑपरेट करना होगा. ये ड्रोन दुश्मन के ठिकानों पर हमला करने और काउंटर-इंसर्जेंसी (CI) ऑपरेशंस में इस्तेमाल होंगे. सेना का प्लान सिर्फ 850 ड्रोन तक रुकने का नहीं है. सूत्रों के मुताबिक सेना आने वाले समय में करीब 30,000 ऐसे ड्रोन अपने बेड़े में शामिल करना चाहती है. इससे सेना के हर फाइटिंग यूनिट के पास अपनी हवाई ताकत होगी.

फोटो: Reuters

आखिर ये कामिकाजी ड्रोन युद्ध के मैदान में क्यों हैं इतने खतरनाक?
कामिकाजी ड्रोन जिसे सुसाइड ड्रोन भी कहते हैं. यह मिसाइल और सर्विलांस ड्रोन का मिक्सचर है. यह टारगेट के ऊपर तब तक मंडराता है जब तक सही मौका न मिले. यह सटीक हमला करने में माहिर है. इसमें रडार की पकड़ में न आने की क्षमता होती है. 2000 करोड़ की इस डील से भारतीय सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. खासकर पाकिस्तान सीमा पर जहां आतंकी घुसपैठ की कोशिश करते हैं. वहां ये ड्रोन गेम चेंजर साबित होंगे. अब दुश्मन बंकर में भी सुरक्षित नहीं रह पाएगा.About the AuthorSumit Kumar

सुमित कुमार हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 3 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें

First Published :

December 20, 2025, 03:51 IST

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₹2000 करोड़ के 850 आत्मघाती ड्रोन: दुश्मन के इलाके में घुसकर करेंगे तबाही

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