India first female spy | spy who killed her husband to serve country | jailer cut neera arya breast | Netaji Subhas Chandra bose | भारत की पहली फीमेल जासूस | देश के लिए पति तो मारने वाली जासूस | नेताजी सुभाष चंद्र बोस

दुनिया में कई जांबाज और देश के लिए जान हथेली पर लेकर घूमने वाले एजेंट्स हैं. इनमें से एक जासूस ऐसी ही भी है, जिसने अपने मिशन के लिए देश के महान फ्रीडम फाइटर की रक्षा के लिए पति की हत्या तक कर दी थी. उस बेखौफ एजेंट को ना जान की परवाह थी और ना ही पकड़े जाने का डर. सिर्फ यही नहीं इस फीमेल स्पाई को एक वक्त पर पकड़ भी लिया गया था और राज उगलवाने के लिए उनके साथ ऐसा अत्याचार किया गया था, जो आम इंसान बर्दाश्त तो क्या सुनने की भी ताकत नहीं रखता है.
कौन है भारत की वो जासूस?
ये कहानी है नीरा आर्या की, जो भारत की पहली जासूस मानी जाती हैं. उनकी वीरता सुनकर हर किसी का हाथ सैल्यूट में उठ जाएगा. 1902 में जन्मी नीरा, उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की रहने वाली थीं. उनके पिता व्यापारी थे और कारोबार शिफ्ट होने की वजह से नीरा कोलकाता में पली-बढ़ीं थी. इंटेलीजेंस में अच्छे-अच्छों को मात देने वाली नीरा के अंदर देशभक्ति भी कूट-कूट कर भरी थी. उनकी शादी CID इंस्पेक्टर के साथ हुई थी, जो अंग्रेजी हुकूमत के लिए काम करते थे. उनकी सोच भी कुछ अग्रेजों की तरफ झुकी हुई थी, जो नीरा और उनके पति के बीच झगड़े की वजह बनती थी.
नीरा के पति ने कैसे की गद्दारी?
नीरा पर देश के लिए कुछ करने की धुन सवार हुई और उन्होंने आजाद हिंद फौज ज्वाइन कर ली. वो झांसी रेजीमेंट से जुड़ी थी. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की इस रेजीमेंट पर अंग्रेजों के लिए चिंता का विषय थी और उन्हें हर वक्त डर लगा रहता था कि कहीं उनकी जासूसी तो नहीं हो रही? अंग्रेजों ने इस रेजीमेंट पर नजर रखने का काम नीरा के पति को ही दिया और एक मिशन भी दिया गया, जो नेताजी सुभाष चंद्र बोस की हत्या का था.
कर डाली पति की हत्या
नीरा का पति गिद्ध की तरह आंखें गड़ाए रहता था और एक दिन उसे मौका मिल गया. उसने नेता जी पर गोली चला दी. हालांकि, ये गोली उनके ड्राइवर को लगी. नीरा ने जांबाजी दिखाते हुए पति की चाकू मारकर हत्या कर दी, नेताजी की जान बचाने के लिए नीरा ने खुद की कुर्बानी दे दी. इसके बाद अंग्रेजों ने नीरा को गिरफ्तार कर लिया. अंग्रेजों के चंगुल में नीरा के साथ भयानक टॉर्चर हुआ.
जेल में झेला भयानक टॉर्चर
अंग्रजों ने किया भयावह टॉर्चर
बताया जाता है कि अंग्रेजी सैनिक बार-बार नीरा को नेताजी के बारे में जानकारी देने के लिए मजबूर करते थे, उसे जेल से छोड़ने का लालच भी देते थे. नीरा फिर भी नहीं टूटी और बोलती रहीं कि ‘उनकी हवाई दुर्घटना में उनकी मौत हो गई’. अंग्रेज इस बात को सच नहीं मानते थे और नीरा को टॉर्चर करते हुए दोबारा पूछते थे तो नीरा से मुंह से एक ही वाक्य निकलता था ‘वो मेरे दिल में है’.
काटा गया शरीर…नहीं खुला मुंह
अंग्रेज कई कोशिशों के बाद भी जब नीरा के नहीं तोड़ पाए तो वो हैवानियत पर उतर आए. अंग्रेजी जेलर ने जब नीरा के मुंह से सुना ‘वो मेरे दिल में है’ तो उसने कहा ‘ठीक है तो तुम्हारा दिल ही निकाल देते हैं’… ये बोलते हुए उसने स्तन काटने का आदेश दे दिया और हैवानों ने ब्रेस्ट रिपर के जरिए नीरा के दाएं स्तन को काट गय और वो भी जिंदा हालत में. इसके बाद उन्हें इसी हालत में बंद कर दिया गया.
जब देश हुआ आजाद
जब तुछ सालों बाद देश आजाद हुआ तो नीरा ने भी खुला हवा में सांस ली. इस देशभक्त जासूस ने अपना बाकी का जीवन और हैदराबाद में फूल बेचकर काट दिया और 1998 में दुनिया छोड़कर चली गईं. उन्होंने इससे पहले ‘मेरा जीवन संघर्ष’ नाम से एक किताब लिखी थी, जिसमें अपने साथ हुए अत्याचारों के बारे में खुलकर बताया था.



