बीकानेर में 9 से 11 जनवरी तक अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव, पैरामोटरिंग और बर्ड फेस्टिवल होंगे आकर्षण!

बीकानेर. जिले में इस वर्ष 9 से 11 जनवरी तक अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव का आयोजन किया जाएगा. पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़ ने बताया कि इस बार कर्नल वी.एस. राठौड़ की विंग मास्टर्स कंपनी के सहयोग से पैरामोटरिंग का आयोजन भी किया जाएगा. यह आयोजन 10 जनवरी को सादुल क्लब ग्राउंड और 11 जनवरी को रायसर में होगा.
कर्नल वी.एस. राठौड़ ने बताया कि इस दौरान बीकानेर शहर का जॉय राइडिंग के माध्यम से एरियल एक्सपीरियंस कराया जाएगा. साथ ही स्मोक शो और फ्लावर ड्रॉप का भी आयोजन होगा. इसे लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए. इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव के पोस्टर का विमोचन भी किया.
ऊंट उत्सव के साथ होगा बर्ड फेस्टिवल का आयोजन
पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़ ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव के दौरान वन विभाग के सहयोग से 10 जनवरी को जोड़बीड़ स्थित लव-कुश वाटिका में बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा. वन विभाग के डीएफओ श्री संदीप छंगाणी ने बताया कि बर्ड फेस्टिवल के अंतर्गत लव-कुश वाटिका और जोड़बीड़ में नेचर वॉक एवं बर्ड वॉचिंग करवाई जाएगी. छंगाणी ने बताया कि जोड़बीड़ क्षेत्र में गिद्ध की 6 प्रजातियों के अलावा 10 से अधिक शिकारी पक्षी जैसे चील, बाज, शिखरा आदि पाए जाते हैं. इसके अतिरिक्त मरु लोमड़ी, चिंकारा तथा सरीसृप प्रजाति के जीव-जंतु भी बड़ी संख्या में देखने को मिलेंगे.
प्रतियोगिताओं के लिए आवेदन 6 जनवरी तक
राठौड़ ने बताया कि ऊंट उत्सव के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा. इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए आवेदन प्रपत्र 19 दिसंबर से पर्यटन सेवा केंद्र पर उपलब्ध हैं, आवेदन कार्यालय समय में स्वीकार किए जाएंगे. आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 6 जनवरी निर्धारित की गई है. पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अनिल राठौड़ ने बताया कि ऊंट उत्सव की शुरुआत 9 जनवरी से होगी. यह कार्यक्रम सुबह 8 बजे लक्ष्मीनाथ जी मंदिर से शुरू होकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित होगा, इस दौरान ऊंटों के साथ रोबिले चलते हुए नजर आएंगे.
9 जनवरी को हेरिटेज वॉक से रंगारंग शुरुआत
संयुक्त निदेशक राठौड़ ने बताया कि 9 जनवरी को “हमारी विरासत” कार्यक्रम के तहत सुबह 8 से 10 बजे तक लक्ष्मीनाथ जी मंदिर से रामपुरिया हवेली तक हेरिटेज वॉक का आयोजन किया जाएगा. यह वॉक बड़ा बाजार, मोहता चौक, हनुमानगढ़ मंदिर और असानिया चौक होते हुए रामपुरिया हवेली पहुंचेगी. इसके पश्चात सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक जिला उद्योग केंद्र द्वारा “मान-मनुहार” कार्यक्रम के अंतर्गत पारंपरिक बीकानेरी फूड फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा. सुबह 11 से शाम 5 बजे तक डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में राजस्थान राज्य अभिलेखागार द्वारा “ऊंटां रो इतिहास विरासत के साथ” विषय पर कला प्रदर्शनी का आयोजन होगा. दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक धरणीधर ग्राउंड में “प्राउड एंड प्राइड ऑफ बीकानेर” कार्यक्रम के तहत मिस्टर बीकाणा, मिस मरवण शो एवं ढोला-मारू प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी. इसके पश्चात शाम 7 से रात 10 बजे तक “बीकाणा री आवाज़” (वॉयस ऑफ बीकानेर) कार्यक्रम के अंतर्गत लोकल म्यूजिकल बैंड प्रतियोगिता होगी, जिसमें विजेता टीम अगले दिन डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में भी प्रस्तुति देगी.
10 जनवरी को एनआरसीसी व डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में कार्यक्रम
10 जनवरी को सुबह 8 से 9 बजे तक सांसोलाव तालाब के किनारे “करें योग, रहें निरोग” कार्यक्रम के तहत फ्लो योगा प्रैक्टिस करवाई जाएगी. सुबह 9 बजे से दोपहर ढाई बजे तक राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र (एनआरसीसी) में “ऊंटां री बातां” कार्यक्रम के तहत ऊंट नृत्य, ऊंट फर कटिंग, ऊंट साज-सज्जा, ऊंट दौड़ एवं घुड़दौड़ का आयोजन होगा. शाम 7 से रात 10 बजे तक डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में “बेस्ट ऑफ राजस्थान फोक नाइट” के अंतर्गत स्थानीय एवं राजस्थानी कलाकारों द्वारा भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी.
11 जनवरी को रायसर में होंगे समापन कार्यक्रम
11 जनवरी को सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक रायसर में “दम-खम ग्रामीण खेल” कार्यक्रम के अंतर्गत रस्साकशी, कुश्ती, कबड्डी, विदेशियों द्वारा पगड़ी बांधना, महिला मटका दौड़ तथा देशी-विदेशी पर्यटकों के बीच धोरों पर दौड़ आयोजित की जाएगी. दोपहर डेढ़ बजे से शाम साढ़े 6 बजे तक “रेत का समंदर” कार्यक्रम के तहत विभिन्न एडवेंचर गतिविधियां और डेजर्ट एक्सपीरियंस कराए जाएंगे. इस दौरान पुष्कर के अजय रावत द्वारा सैंड आर्ट प्रदर्शनी आयोजित होगी.
साथ ही हस्तशिल्प एवं फूड बाजार, भारतीय परंपरा अनुसार विदेशी जोड़े की शादी, कैमल सफारी, ऊंट गाड़ी सफारी और घुड़दौड़ भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे. शाम 6 से रात 10 बजे तक “रंगीलो राजस्थान” कार्यक्रम के अंतर्गत नॉर्थ ईस्ट, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, बंगाल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब सहित देशभर से आए लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी. अंत में जसनाथी संप्रदाय द्वारा अग्नि नृत्य की प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का समापन होगा.



