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positive thoughts effects on body| पॉजिटिव विचार आपके सेहत को कैसे फायदा पहुंचाते हैं

Last Updated:December 11, 2025, 23:21 IST

How Positive Thoughts Affect Health: सकारात्मक सोच सिर्फ आपको मानसिक रूप से जीवन की कठिनाईयों को पार करने के लिए ही नहीं तैयार करता है. बल्कि ये आपके इम्यूनिटी को भी बूस्ट करता है, जिससे आप जल्दी बीमार होने से बचते हैं.
हमेशा अच्छी बातें सोचने के लिए क्यों कहा जाता है?

हमारी सोच सीधे हमारे तन और मन पर असर डालती है. जब हम नकारात्मक सोचते हैं, तो दिमाग में हलचल बढ़ जाती है और तनाव भी. हर छोटी-बड़ी घटना के नतीजों को लेकर ज्यादा चिंता करने से तनाव बढ़ता है, लेकिन अगर हम सोच को सकारात्मक बनाए रखें, तो तनाव अपने आप कम होने लगता है.

इसके साथ ही नींद भी बेहतर होती है. जब मन शांत और खुश होता है, तो रात में आरामदायक नींद आती है, जबकि नकारात्मक सोच और चिंता से नींद खराब हो जाती है.

इम्यूनिटी भी बढ़ती हैसकारात्मक सोच का असर हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी पड़ता है. जब हम सकारात्मक सोचते हैं, तो शरीर बीमारियों से बेहतर तरीके से लड़ सकता है. इसके अलावा, जब मन शांत और संतुष्ट होता है, तो हम जीवन की छोटी-छोटी खुशियों को देख पाते हैं और दूसरों में अच्छाइयां आसानी से नजर आती हैं. यही सोच हमें खुशमिजाज बनाती है. ऐसे लोग हर काम खुशी-खुशी करते हैं और उनके आसपास का माहौल भी खुशहाल और सकारात्मक बन जाता है. जो लोग दूसरों की खुशी में खुश रहते हैं, वे सभी को अच्छे लगते हैं.

सकारात्मक बनने के लिए कुछ आसान उपाय

ध्यान या मेडिटेशन करें- किसी शांत जगह बैठकर आंखें बंद करें और गहरी सांस लें. ध्यान को अपनी सांस पर केंद्रित रखें. इसके अलावा, नकारात्मक चीजों पर ध्यान जल्दी जाता है, इसलिए जानबूझकर केवल सकारात्मक चीजों पर ध्यान दें.

गाना सुनें- गाना सुनने से भी मूड में सुधार होता है. जैसे यदि आप ट्रैफिक में फंसे हुए हैं और आपको गुस्सा आ रहा है, तो अपना पसंदीदा गाना सुनने लगे या गुनगुनाने लगें.

रोजाना कुछ मिनट लिखने की आदत डालें- अध्ययन बताते हैं कि लिखते रहने से जीवन के प्रति दृष्टिकोण सकारात्मक बनता है. छोटे-छोटे कदम, जैसे ध्यान, मुस्कान, खुशमिजाज लोगों के साथ समय बिताना और सकारात्मक चीजें लिखना, हमारी सोच को सकारात्मक बनाने में बेहद मदद करते हैं. जब सोच सकारात्मक होगी, तो शरीर, मन और जीवन सभी बेहतर महसूस करेंगे.

About the Authorशारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

First Published :

December 11, 2025, 23:21 IST

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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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