नाम सत्यानाषी लेकिन है बड़े काम का, औषधीय खजानों से भरपूर, मिलेगा सड़क किनारे, दिखते ही झटपट लाएं घर

Last Updated:December 15, 2025, 11:05 IST
Satyanashi Plant Health Benefits: छतरपुर जिले में ठंड के मौसम में सड़क-खेत किनारे एक ऐसा कंटीला पौधा देखने को मिल जाता है जिसे देसी दवाओं का कारखाना माना जा सकता है, क्योंकि इस प्लांट के हर हिस्से का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसे सत्यानाशी पौधा कहा जाता है, जो सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का रामबाण इलाज साबित होता है. एक्सपर्ट से जानें फायदे
Satyanashi Plant Benifits. छतरपुर जिले में ठंड सीजन में कुछ ऐसे औषधीय घास और पौधे उग आते हैं, जिनके बारे में हम नहीं जानते हैं, लेकिन यह पौधे असल में औषधीय पौधे होते हैं, जिनका जिक्र आयुर्वेद में भी मिलता है. ऐसा ही एक पौधा है सत्यानाशी पौधा, जिसे ज्यादातर लोग कांटे वाला पौधा समझ लेते हैं, लेकिन इसके उपयोग आयुर्वेद में अनेक हैं. खासकर पीलिया जैसे रोगों में यह औषधि महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
पीलिया करता जड़ से खत्म पीलिया जैसी खतरनाक बीमारी के लिए भी सत्यानाशी का पौधा रामबाण इलाज है. अगर किसी व्यक्ति को पीलिया हो गया है, तो उसे सत्यानाशी के तेल में गिलोय का रस मिलाकर सेवन करना चाहिए. इससे पीलिया जड़ से खत्म हो जाता है.
कई रोगों में फायदेमंद छतरपुर के आयुर्वेदिक डॉ. आरसी द्विवेदी लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि आयुर्वेद में केसरा या सत्यानाशी के पत्ते का रस, बीज का तेल, पत्तियों का लेप तथा फूलों से निकलने वाले दूध का इस्तेमाल कई तरीकों से किया जाता है. वैसे तो इस पौधे का इस्तेमाल मुख्य रूप से शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए किया जाता है, लेकिन इसके विभिन्न औषधीय गुण मधुमेह, पीलिया, पेट दर्द, खांसी तथा यूरिन की समस्या में भी राहत प्रदान करते हैं. दरअसल, इस पौधे में पीले रंग का द्रव्य निकलता है, जिसमें एंटी माइक्रोबियल, एंटी-डायबिटिक, एनाल्जेसिक, एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटीस्पास्मोडिक और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई गुणकारी तत्व पाए जाते हैं.
ऐसे करना है सेवन डॉ. द्विवेदी के मुताबिक, इसके सेवन के दो तरीके हैं. पहला तरीका यह कि आप सत्यानाशी के पौधे की जड़, पत्तियों एवं फूलों को पीसकर उससे निकलने वाले रस का सेवन करें या फिर आप उनकी पत्तियों को सुखाकर उसका चूर्ण बना लें और फिर उसे हर दिन सुबह-शाम पानी या दूध के साथ खाएं. ध्यान रहे कि रस के रूप में आपको उसे हर दिन अधिकतम 20 मिलीलीटर ही लेना है और चूर्ण के रूप में सुबह शाम एक-एक चम्मच का सेवन करना है.
About the Authorshweta singh
Shweta Singh, currently working with MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
Location :
Chhatarpur,Madhya Pradesh
First Published :
December 15, 2025, 11:05 IST
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नाम सत्यानाषी लेकिन है बड़े काम का, औषधीय खजानों से भरपूर, मिलेगा सड़क किनारे!
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



