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मध्यम वर्ग पर IVF इलाज का खर्च भारी बोझ: ICMR-NIRRCH अध्ययन

Last Updated:December 07, 2025, 00:00 IST

भारत में इनफर्टिलिटी का इलाज परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ डाल रहा है. ICMR-NIRRCH के अध्ययन में पता चला कि IVF करा रहे 90% जोड़े गंभीर खर्च के दबाव में हैं. सार्वजनिक अस्पतालों में एक चक्र का खर्च औसतन 1.1 लाख और निजी में 2.30 लाख रुपये तक है. आधे से अधिक जोड़ों को कर्ज लेना पड़ रहा है और सिर्फ 5% के पास बीमा कवरेज है. शोधकर्ताओं ने IVF को PM-JAY में शामिल करने और तीन चक्रों तक पुनर्भुगतान की सिफारिश की है.बच्चे की चाहत में बिक रहे घर-बार, IVF ने 90% कपल्स को कर्ज में डुबोयानई रिसर्च में यह जानकारी सामने आई.

नई दिल्‍ली. एक बच्‍चे की चाहत हर मां की होती है. यही चाहत मध्‍यम वर्गीय परिवारों को कर्ज के जाल में धकेल रही हैं. ऐसा हम नहीं कर रहे हैं बल्कि नई स्‍टडी में यह खुलासा हुआ है. भारत में असुरक्षित प्रजनन क्षमता यानी इनफर्टिलिटी का इलाज परिवारों पर एक बड़ा वित्तीय संकट डाल रहा है. एक नए मल्टी-सेंटर अध्ययन से पता चला है कि IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) करा रहे लगभग 90% जोड़े भारी खर्च के बोझ तले दब रहे हैं. यह संकट तब सामने आया है जब देश में अनुमानित 3.9% से 16.8% भारतीय जोड़े बांझपन से प्रभावित हैं. अध्ययन ने सार्वजनिक अस्पतालों में भी खर्च के बड़े पैमाने को उजागर किया है. यह शोध ICMR-NIRRCH के HTA रिसोर्स हब द्वारा डॉ. बीना जोशी के नेतृत्व में किया गया है.

सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में खर्च का बोझइस अध्ययन में पाया गया कि एक IVF चक्र के लिए जेब से किया गया खर्च (OOPE – Out-of-Pocket Expenditure) सार्वजनिक अस्पतालों में औसतन 1.1 लाख रुपये है जबकि निजी अस्पतालों में यह खर्च 2.30 लाख रुपये तक पहुंच जाता है.• कर्ज लेने को मजबूर: यह भारी खर्च आधे से अधिक जोड़ों को पैसा उधार लेने के लिए मजबूर करता है.• बीमा कवरेज की कमी: चौंकाने वाली बात यह है कि केवल 5% जोड़ों के पास IVF के लिए कोई बीमा कवरेज था, और जिन्हें कवरेज मिला भी, उन्हें सीमित समर्थन ही मिला.

PM-JAY में शामिल करने की सिफारिशशोधकर्ताओं ने एक IVF चक्र की स्वास्थ्य-प्रणाली लागत (Health-system cost) 81,332 रुपये अनुमानित की है.• पुनर्भुगतान दर: इस आधार पर अध्ययन ने सिफारिश की है कि अगर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) में IVF को जोड़ा जाता है तो योजना 81,332 रुपये को पुनर्भुगतान पैकेज दर के रूप में अपना सकती है.• सुधार की जरूरत: शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि अधिकांश खर्च OPD देखभाल के तहत आते हैं, और PM-JAY की वर्तमान संरचना में OPD लागत को शामिल नहीं किया जाता. IVF कवरेज को सार्थक बनाने के लिए PM-JAY को अपनी संरचना में संशोधन करने की आवश्यकता होगी.• चक्रों की संख्या: CGHS मानदंडों और NICE दिशानिर्देशों के अनुरूप, शोधकर्ताओं ने तीन IVF चक्रों तक के पुनर्भुगतान पर विचार करने का सुझाव दिया है.

जीवन की गुणवत्ता और तनाववित्तीय तनाव केवल IVF तक ही सीमित नहीं है. PCOS, एंडोमेट्रियोसिस, ट्यूबल रोग जैसी गैर-IVF स्थितियों के लिए इलाज करा रहे लगभग 25% जोड़ों ने भी भारी खर्च का अनुभव किया.• तनाव: इलाज करा रहे जोड़ों, विशेषकर IVF करा रहे जोड़ों के बीच जीवन की गुणवत्ता काफी खराब पाई गई.• भावनात्मक प्रभाव: महिलाओं ने अत्यधिक दर्द, चिंता और अवसाद की सूचना दी, जबकि पुरुषों में भी चिंता स्कोर बढ़ा हुआ पाया गया.

About the AuthorSandeep Gupta

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्‍त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्‍कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें

First Published :

December 06, 2025, 23:56 IST

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बच्चे की चाहत में बिक रहे घर-बार, IVF ने 90% कपल्स को कर्ज में डुबोया

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