जैकी श्रॉफ का ‘भाई’, बनने आया हीरो, जिंदगी भर बना रहा सपोर्टिंग एक्टर, 1 धोखे ने चौपट किया लीड एक्टर बनने का सपना

Last Updated:October 15, 2025, 11:41 IST
ये वो एक्टर हैं, जिनका नाम उन कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने लीड नहीं, बल्कि सपोर्टिंग रोल्स से पहचान बनाई. ब्लॉकबस्टर फिल्मों में उनके किरदार आज भी याद किए जाते हैं. लेकिन, एक धोखे ने उन्हें तोड़ दिया था. जानते हैं वो कौन है? 
जैकी श्रॉफ के साथ फिल्म में आया ये एक्टर इंडस्ट्री में अगला बड़ा सितारा माना जा रहा था. लुक्स, टैलेंट और चार्म…सब कुछ था, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया. नामी सितारों के साथ काम किया, लेकिन सिर्फ सपोर्टिंग एक्टर ही बनकर ही रह गया. फिल्मों में लीड बनने का सपना उसने देखा जरूर, लेकिन एक बड़े धोखे ने सब कुछ बदल दिया। सपोर्टिंग रोल्स में सिमटकर रह गया वो एक्टर, जिसने 80 और 90 के दशक में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया. आज भी वो बॉलीवुड का एक ऐसा नाम है, जिसे देखकर लोग कहते हैं- ‘अगर किस्मत साथ देती तो ये हीरो सबसे आगे होता.’ जानते हैं ये एक्टर कौन है?

ये एक्टर और कोई नहीं बल्कि दीपक तिजोरी हैं, जिनकी जिंदगी बॉलीवुड के संघर्ष, हिम्मत भरे फैसलों और निजी ड्रामे का अनोखा मेल है. उन्होंने छोटे किरदारों से शुरुआत की और बाद में डायरेक्टर बनकर बोल्ड फिल्मों का निर्देशन किया. (Image: Instagram)

28 अगस्त 1961 को मुंबई में जन्मे दीपक बचपन से ही फिल्मों की ओर आकर्षित थे. उन्होंने नरसी मोनजी कॉलेज से पढ़ाई की और एक थिएटर ग्रुप से जुड़े, जिसमें आमिर खान और आशुतोष गोवारिकर जैसे भविष्य के सितारे शामिल थे. (Image: Instagram)

उनकी पहचान 90 के दशक की कुछ हिट फिल्मों से बनी: (Image: Instagram)<br />आशिकी (1990): राहुल रॉय के दोस्त के रूप में वफादारी और भावनाओं से भरा किरदार निभाया.<br />खिलाड़ी (1992): अक्षय कुमार के कॉलेज फ्रेंड के रूप में कहानी में जोश और मस्ती जोड़ी.<br />जो जीता वही सिकंदर (1992): आमिर खान के बड़े भाई रतन की भूमिका में अनुशासन और त्याग का सुंदर मेल दिखाया.<br />कभी हां कभी ना (1994): शाहरुख खान के बैंडमेट बनकर फिल्म को दिलचस्प बनाया.<br />गुलाम (1998): फिर आमिर खान के साथ स्क्रीन शेयर की और अंडरवर्ल्ड की दुनिया में दोस्ती का रूप दिखाया. (Image: Facebook)

साइड रोल्स के बावजूद दीपक तिजोरी अपनी स्मार्ट पर्सनालिटी और कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों के दिलों में बस गए. उन्होंने Oops! (2003) जैसी बोल्ड फिल्म से निर्देशन की दुनिया में कदम रखा, जो पुरुष स्ट्रिपर्स पर आधारित थी. (Image: IMDb)

इसके बाद उन्होंने फरेब, खामोश… खौफ की रात, टॉम, डिक एंड हैरी और फॉक्स जैसी थ्रिलर फिल्में बनाईं. उनकी टीवी मिनी-सीरीज फरेब को 2001 में इंडियन टेलीविजन एकेडमी अवॉर्ड मिला. उनकी आखिरी निर्देशित फिल्म दो लफ्जों की कहानी (2016) थी, जिसमें रणदीप हुड्डा नजर आए. फिल्म ‘आईना’ में दीपक ने जैकी श्रॉफ के भाई का रोल निभाया था. (Image: IMDb)

दीपक की शादी शिवानी तिजोरी से हुई थी, लेकिन रिश्ता विवादों में रहा. उनकी बेटी समारा तिजोरी अब एक्ट्रेस हैं. फिलहाल दीपक फिटनेस कोच मंदीप को डेट कर रहे हैं.(Image: Instagram)

फिल्म ‘बाजीगर’ दीपक का आइडिया था. लेकिन धोखे से उन्हें फिल्म से साइड लाइन किया गया. साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म ‘बाजीगर’ की शुरुआती चरण में शामिल थे, लेकिन वो फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाए और बाद में ये फिल्म ब्लॉकबस्टर बन गई. इंडिया टुडे के साथ बात करते हुए दीपक ने बताया था कि मैंने वास्तव में बाजीगर की कहानी अब्बास-मस्तान को सुनाई थी. वो इसका निर्देशन करने वाले थे, लेकिन बाद में वो शाहरुख खान के पास चले गए’. एक्टर ने बताया कि उन्हें इस बारे में कुछ अजीब ही तरीके से पता चला तो वह काफी उदास हुए.(Image: Instagram)

<br />समारा तिजोरी अपने पिता के नक्शे कदम पर चल रही हैं और मजा मा व बॉब बिस्वास जैसी फिल्मों में नजर आईं. उतार-चढ़ाव के बावजूद दीपक तिजोरी आज भी एक्टिंग और निर्देशन दोनों में एक सम्मानित नाम हैं. (Image: Instagram)
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October 15, 2025, 11:41 IST
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जैकी श्रॉफ का ‘भाई’, बनने आया हीरो, 1 धोखे ने चौपट किया लीड एक्टर बनने का सपना



