जयपुर 1008 कुंडीय हनुमत महायज्ञ और रामकथा

Last Updated:January 09, 2026, 11:46 IST
Jaipur News: जयपुर के नींदड़ में जगदगुरु रामभद्राचार्य के सान्निध्य में 1008 कुंडीय हनुमत महायज्ञ शुरू हुआ है. 16 जनवरी तक चलने वाले इस अनुष्ठान में सवा लाख लोगों के बैठने और भव्य रामकथा का आयोजन किया गया है.
ख़बरें फटाफट
Jaipur News: अपनी कला और धार्मिक संस्कृति के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध जयपुर एक बार फिर बड़े आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बन रहा है. जयपुर के सीकर रोड स्थित नींदड़ आवासीय योजना में जगदगुरु रामभद्राचार्य के सान्निध्य में भव्य 1008 कुंडीय हनुमत महायज्ञ का आयोजन शुरू हो गया है. इस महायज्ञ के आगाज़ के लिए 4 किलोमीटर लंबी भव्य कलश यात्रा निकाली गई. जिसमें ऊंट. हाथी और घोड़ों के शाही लवाजमे के साथ हजारों महिलाएं शामिल हुईं. 16 जनवरी तक चलने वाले इस महायज्ञ में विश्व शांति. मानव कल्याण और राष्ट्र उत्थान की कामना के साथ एक करोड़ 51 लाख हनुमान नाम का जप किया जा रहा है.
इस महायज्ञ के लिए पिछले दो सप्ताह से युद्ध स्तर पर तैयारियां चल रही थीं. 350×450 मीटर के विशाल क्षेत्र में एक भव्य यज्ञशाला का निर्माण किया गया है. जो दूर से किसी महल की तरह नजर आती है. यहाँ 1008 यजमानों के लिए विशेष मिट्टी के कुंड और बांस की लकड़ियों से सुंदर पांडाल तैयार किए गए हैं. यज्ञ में मंत्रोच्चार के लिए देशभर से 1451 वैदिक विद्वान पंडित पहुंचे हैं. श्रद्धालुओं के बैठने के लिए कथा स्थल पर सवा लाख लोगों की व्यवस्था की गई है. वहीं बाहर से आने वाले संतों और यजमानों के लिए करीब 1600 कमरों का अस्थाई निर्माण किया गया है.
रामभद्राचार्य की मुखारविंद से राम कथा
यज्ञ के साथ-साथ इस आयोजन में आध्यात्मिक ऊर्जा भरने के लिए तुलसी पीठाधीश्वर जगदगुरु रामभद्राचार्य द्वारा हर दिन दोपहर 3 बजे से श्री राम कथा का वाचन किया जा रहा है. श्रद्धालु सुबह 8 बजे से 12 बजे तक हवन में शामिल हो रहे हैं और यज्ञशाला की परिक्रमा कर रहे हैं. आयोजन स्थल पर सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए पुलिस और मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है. भारी भीड़ को देखते हुए वालंटियर्स भी चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद हैं.
भोजन प्रसादी के लिए 111 हलवाई और भारी मात्रा में सामग्री
इस विराट अनुष्ठान के लिए सामग्री की व्यवस्था भी चौंकाने वाली है. यज्ञ के लिए 25 हजार लीटर शुद्ध घी. 2 लाख किलो लकड़ी और सवा लाख किलो हवन सामग्री की व्यवस्था की गई है. महायज्ञ में आने वाले करीब 50 हजार श्रद्धालुओं और संतों के लिए रोजाना लकड़ी के चूल्हों पर सात्विक भोजन तैयार हो रहा है. इसके लिए 111 हलवाई दिन-रात सेवा में जुटे हैं. इस भव्य आयोजन में जयपुर की धार्मिक संस्थाओं और स्थानीय निवासियों का भरपूर सहयोग मिला है. जिससे यह आयोजन भव्य रूप ले सका है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore is a multimedia journalist and digital content specialist with 8 years of experience in digital media, social media management, video production, editing, content writing, and graphic, A MAJMC gra…और पढ़ें
Location :
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
January 09, 2026, 11:46 IST
homerajasthan
भक्ति का महासंगम! 1008 कुंडों में एक साथ आहुति, जयपुर में अनोखा महायज्ञ…



