Jaipur News : खरीदारी ही नहीं स्वाद का भी सफर, राजसखी मेले में GI टैग फूड ने खींची लोगों की भीड़

जयपुर. न्यू ईयर के मौके पर जयपुर में खरीदारी का माहौल पूरी तरह से गुलजार है. खासतौर पर शहर में अलग अलग जगहों पर चल रहे विंटर फेयर लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं. इन मेलों में वोकल फॉर लोकल की थीम पर आधारित उत्पादों की जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है. हर साल की तरह इस बार भी जयपुर के सबसे चर्चित राजसखी फेयर का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है, जहां देशभर के जीआई टैग प्रोडक्ट्स एक ही छत के नीचे खरीदने को मिलते हैं.
इस समय जयपुर के जवाहर कला केंद्र में राजसखी राष्ट्रीय मेला आयोजित किया जा रहा है. इस मेले में देशभर से आए ट्रेडिशनल और नेचुरल फूड प्रोडक्ट्स, परिधान, डेकोर आइटम्स, हैंडीक्राफ्ट, आर्टवर्क सहित कई तरह के उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं. मेले में देश के 24 राज्यों से दस्तकार, बुनकर, शिल्पकार, कुटीर उद्योग, गृह उद्योग और लघु व मंझोले उद्योगों से जुड़े कारीगर अपने स्थानीय और जीआई टैग प्रोडक्ट्स लेकर पहुंचे हैं. लोगों में इन उत्पादों को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है.
एक ही छत के नीचे 304 जीआई टैग प्रोडक्ट्सराजसखी फेयर में अलग अलग राज्यों से आए 304 खास प्रोडक्ट्स की डिस्प्ले लगाई गई है. इनमें से कई प्रोडक्ट्स ऐसे हैं जिन्हें जीआई टैग के साथ राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार भी मिल चुके हैं. मेले में कपड़े, फर्नीचर, पेंटिंग, कॉस्मेटिक, आयुर्वेदिक और हैंडीमेड उत्पादों की भरमार है. यह मेला उन लोगों के लिए खास है जो पारंपरिक और विशिष्ट हस्तशिल्प उत्पादों को खरीदना चाहते हैं.
जीआई टैग गैलरी और ट्री बना आकर्षणराजसखी फेयर में लोगों के लिए विशेष रूप से जीआई टैग गैलरी और जीआई टैग ट्री भी बनाया गया है. यहां 2025 तक भारत में मिले जीआई टैग प्रोडक्ट्स को एक ही जगह शोकेस किया गया है. बताया जा रहा है कि मेले में देश के कुल जीआई टैग प्रोडक्ट्स का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा शामिल है. कश्मीर से कन्याकुमारी तक के बेहतरीन जीआई टैग प्रोडक्ट्स जैसे कपड़े, बर्तन, ज्वैलरी, मीनाकारी गहने, फर्नीचर, मसाले, आयुर्वेदिक पेंटिंग और हस्तनिर्मित उत्पाद यहां उपलब्ध हैं. मध्यप्रदेश की बाटिका कला, उपाड़ा सिल्क, अजरख प्रिंट, कोवई कॉरा, भागलपुरी कला, पानीपत की दरियां, टसर सिल्क, बनारसी ब्रोकेट, बलरामपुर और बनारस की साड़ियां, टेराकोटा और ब्लू पॉटरी जैसे उत्पाद खास आकर्षण बने हुए हैं.
जीआई टैग फूड और संस्कृति की झलकमेले में शॉपिंग के साथ साथ विभिन्न राज्यों के जीआई टैग फूड का स्वाद लेने का भी मौका मिल रहा है. यहां महाराष्ट्र के सोलापुर की कड़ी पत्ता और तिल वाली चटनी, झारखंड की पारंपरिक धुस्का डिश, जम्मू कश्मीर की डोगरा स्पेशल कलाड़ी, बिहार का लिट्टी चोखा और राजस्थान का चूरमा बांटी जैसे फूड आइटम्स लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं. हर दिन हजारों लोग इस मेले में पहुंच रहे हैं और अब तक लाखों रुपये की खरीदारी हो चुकी है.
4 जनवरी तक चलेगा मेलाराजसखी राष्ट्रीय मेले में एंट्री पूरी तरह फ्री रखी गई है. यह मेला 4 जनवरी तक चलेगा और इसका समय सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक है. फेयर में पार्किंग सहित सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इन्हीं वजहों से राजसखी फेयर न्यू ईयर के मौके पर जयपुर के सबसे खास और पसंदीदा मेलों में शामिल हो गया है.



