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प्राचीन दुनिया का ट्रैफिक सिस्टम कैसे चलता था, अब समझ आएगा, रोमन सड़कों का डिजिटल नक्शा तैयार

कभी रोमन साम्राज्य दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्यों में से एक हुआ करता था. अपने समय में यह करीब 50 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला था और इसमें करीब 6 करोड़ लोग रहते थे. इतने बड़े इलाकों को आपस में जोड़ने के लिए रोमनों ने सड़कों का एक ऐसा नेटवर्क बनाया था, जो आज भी इंजीनियरिंग की मिसाल माना जाता है.

कैसी थीं रोमन सड़कें?आधुनिक सड़कों की तुलना में रोमन सड़कें काफी ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनाई जाती थीं. कई जगह तो सड़क की परतें 1-2 मीटर तक जमीन के अंदर जाती थीं. इटली में ये सड़कें ज्वालामुखी पत्थर या चूना पत्थर से बनाई जाती थीं.

हर सड़क पर दूरी बताने वाले पत्थर (माइलस्टोन) लगाए जाते थे, जिनसे यह पता चलता था कि मंज़िल कितनी दूर है या कोई संदेश कितने दिन में पहुंचेगा.

अब बना 4 लाख वर्ग किलोमीटर का डिजिटल नक्शाडेनमार्क की आरहूस यूनिवर्सिटी के टॉम ब्रुगमन्स और उनकी टीम ने एक नया Itiner-e नाम का डिजिटल डेटासेट जारी किया है. इसमें लगभग 3 लाख किलोमीटर लंबी रोमन सड़कों का नक्शा तैयार किया गया है.

यह पहले मौजूद नक्शे से करीब 59% ज्यादा विस्तृत है. इसमें लगभग 15 हजार रोड सेक्शन दर्ज हैं, जिनमें से एक तिहाई मुख्य सड़कें हैं, जैसे कि मशहूर Via Appia, जो रोम को दक्षिण इटली से जोड़ती थी. बाकी छोटी और स्थानीय सड़कें हैं जिनके नाम अब अज्ञात हैं.

कितनी सटीक है यह जानकारी?शोधकर्ताओं ने साफ कहा है कि इस डेटासेट में मौजूद सड़कों में से सिर्फ 2.7% की लोकेशन बिल्कुल पक्की है. करीब 90% सड़कों का स्थान अनुमानित है, जबकि 7% तो ऐतिहासिक सबूतों पर आधारित अनुमान हैं. फिर भी यह अब तक का सबसे बड़ा और यथार्थवादी प्रयास है. इसमें अब स्पेन, ग्रीस और उत्तर अफ्रीका के हिस्सों को भी बेहतर तरीके से कवर किया गया है.

पुराने नक्शों से कैसे अलग है यह?पहले के नक्शों में सड़कों को सीधी रेखा में दिखाया जाता था. लेकिन अब शोधकर्ताओं ने पहाड़, घाटी और भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखकर रास्ते बनाए हैं, ताकि वे असल स्थिति के ज्यादा करीब हों. हालांकि, इसमें अभी भी स्थानीय स्तर की छोटी सड़कों का डेटा नहीं है, जो रोम शहर के आसपास और गांवों में मौजूद थीं.

क्या मिलेगा इस नक्शे से?यह नक्शा सिर्फ पुरातत्व की जानकारी नहीं देगा, बल्कि यह समझने में मदद करेगा कि रोमन साम्राज्य में लोग कैसे सफर करते थे, शहरों को कैसे जोड़ा गया था और सूचनाएं कितनी तेजी से पहुंचती थीं.

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के Orbis सिस्टम की मदद से शोधकर्ताओं ने यह भी अनुमान लगाया है कि उस समय कौन-कौन से जानवरों से सफर होता था–

पैदल इंसान: 4 किमी/घंटा
बैलगाड़ी: 2 किमी/घंटा
खच्चर या घोड़ा: 4-6 किमी/घंटा

हालांकि शोधकर्ताओं का कहना है कि इसमें खच्चर-गाड़ी (mule carriage) को शामिल नहीं किया गया है, जो असल में उस दौर का सबसे आम यातायात माध्यम था.

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