शोर नहीं, शिकार की आहट! न्यू ईयर पर जयपुर की सफारी बनी सैलानियों की पहली पसंद


झालाना और बीहड़ पापड़ सफारी के अलावा जयपुर में अरावली पर्वत श्रृंखला की पहाड़ियों में स्थित जयपुर की आमागढ़ लैपर्ड सफारी भी खास है. आमागढ़ लैपर्ड सफारी 1600 वर्ग यानी 1,524 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है, जहां पर्यटक सुबह और शाम सफारी के लिए पहुंचते हैं, झालाना लैपर्ड सफारी की तरह पर्यटक इस लैपर्ड सफारी में भी 20 लैपर्ड और अन्य जानवर हैं जिन्हें बिल्कुल पास से देख सकते हैं, आमागढ़ लैपर्ड सफारी भारत का दूसरा तेंदुआ रिजर्व है जहां पर्यटकों को अलग-अलग पशु-पक्षियों का दीदार होता है, आमागढ़ लैपर्ड सफारी में लोग लैपर्ड, आयना, नीलगाय, बिज्जू, खरगोश, लोमड़ी, सांभर, भारतीय सिवेट, जंगली बिल्लियाँ, धारीदार लकड़बग्घा, रेगिस्तानी बिल्लियाँ, रेगिस्तानी लोमड़ी, सियार, साही, जंगली चूहे, मॉनिटर छिपकली, नेवले, हिरण और कई प्रजातियों के सांप और 250 प्रजातियों के कई अलग-अलग पक्षी देख सकते हैं. आमागढ़ लैपर्ड सफारी में पर्यटक सफारी के लिए ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं, आमागढ़ लैपर्ड सफारी में भारतीय पर्यटकों के लिए प्रति व्यक्ति टिकट दर 834 रूपए हैं जबकि विदेशी पर्यटकों के लिए टिकट दर 1239 रूपए है वहीं स्टूडेंट्स के लिए सफारी में टिकट दर 744 रूपए है.



