Rajasthan

Paatal Tod Baori Dholpur | Historical Stepwell of Rajasthan

Last Updated:November 06, 2025, 11:42 IST

Dharohar: धौलपुर की पाताल तोड़ बावड़ी रियासत काल की स्थापत्य कला का बेजोड़ उदाहरण है. सात मंजिला इस बावड़ी में चार मंजिल पानी में डूबी हैं और तीन ऊपर हैं. कभी जल का प्रमुख स्रोत रही यह धरोहर आज उपेक्षा की मार झेल रही है और संरक्षण की प्रतीक्षा में है.

धौलपुर. राजस्थान का धौलपुर शहर न सिर्फ अपने लाल पत्थर और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है, बल्कि यहां एक ऐसी बावड़ी भी मौजूद है जो स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण है. “पाताल तोड़ बावड़ी.” इस बावड़ी का निर्माण वर्ष 1875 के आसपास धौलपुर के महाराजा निहाल सिंह द्वारा करवाया गया था. यह बावड़ी शहर के बीचों-बीच स्थित है और अपने अनोखे स्वरूप के कारण आज भी इतिहास प्रेमियों को आकर्षित करती है.

स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूनाइतिहासकार अरविंद शर्मा बताते हैं कि यह बावड़ी सात मंजिल की है — जिनमें से चार मंजिल पानी के नीचे और तीन मंजिल ऊपर हैं. इसकी गहराई लगभग 135 मीटर है. बावड़ी गोलाकार आकार में बनी है और इसमें 16 आकर्षक दरवाजे हैं. इसकी खासियत यह है कि एक पत्थर से दूसरे पत्थर के बीच इतनी सटीक चुनाई की गई है कि दरार की कोई गुंजाइश नहीं दिखती. यही इसकी स्थापत्य सुंदरता को और भी अनोखा बनाती है. इसका नाम “पाताल तोड़” इसलिए पड़ा क्योंकि इसकी निचली मंजिलें पानी में डूबी रहती हैं.

पानी का प्रमुख स्रोत रही है यह बावड़ीरियासत काल में इस बावड़ी के पानी का उपयोग नरसिंह बाग पैलेस में पेयजल के रूप में किया जाता था. आज़ादी के बाद, वर्ष 1948 में, इस बावड़ी का पानी स्थानीय लोगों के पीने के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा. इसे शहर का प्रमुख जलस्रोत माना जाता था और यह उन दिनों की याद दिलाती है जब हर बूंद पानी के लिए लोग इन बावड़ियों पर निर्भर थे.

अब दयनीय स्थिति में है यह धरोहरआज यह ऐतिहासिक बावड़ी अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है. कभी जल का मुख्य स्रोत रही यह जगह अब कचरे का अड्डा बन चुकी है. बावड़ी से आज एकीकृत पार्क के लिए पानी की सप्लाई की जाती है, लेकिन खुद इसकी सफाई और संरक्षण की स्थिति बेहद खराब है. स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इस बावड़ी का पुनर्निर्माण और संरक्षण किया जाए तो यह न सिर्फ शहरवासियों के लिए पानी का स्रोत बन सकती है, बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में भी धौलपुर की पहचान बन सकती है. लाल बलुआ पत्थर से बनी यह बावड़ी राजस्थान की स्थापत्य परंपरा की गहराई को दर्शाती है.

Location :

Dhaulpur,Dhaulpur,Rajasthan

First Published :

November 06, 2025, 11:42 IST

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7 मंजिला बावड़ी, 4 मंजिल पानी के नीचे… धौलपुर की पाताल तोड़ बावड़ी का रहस्य

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