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Last Updated:January 04, 2026, 21:08 IST

Jaipur Transport Scam : जयपुर के परिवहन विभाग में सामने आए सेवन डिजिट VIP नंबर घोटाले ने प्रशासन को हिला दिया है. जयपुर RTO-1 की शिकायत पर गांधीनगर थाने में 39 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिनमें 32 विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और 7 निजी लोग शामिल हैं. आरोप है कि पुराने रजिस्टर्ड वाहनों के VIP नंबरों की बैकलॉग एंट्री, ट्रांसफर और वेरिफिकेशन नियमों के खिलाफ कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया.सेवन डिजिट VIP नंबर घोटाला! जयपुर परिवहन विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा, 39 पर FIRjaipur transport scam

जयपुर. राजस्थान के परिवहन विभाग में सामने आए सात अंकों (सेवन डिजिट) के बड़े घोटाले ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है. जयपुर RTO-1 कार्यालय की ओर से कराई गई शिकायत के आधार पर गांधीनगर थाने में 39 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इनमें 32 विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और 7 निजी व्यक्ति शामिल हैं. आरोप यह है कि इन लोगों ने गैर-कानूनी तरीके से पुराने वाहनों के VIP नंबर अलॉट कर सरकार को राजस्व हानि पहुंचाई.

जयपुर RTO-1 कार्यालय ने पुराने रजिस्टर्ड वाहनों की वेरिफिकेशन शुरू की थी. जांच के दौरान सामने आया कि बड़ी संख्या में वाहनों के नंबरों में बैकलॉग एंट्री, ट्रांसफर, रिन्यूअल और रिटेन्शन नियमों के खिलाफ किए गए हैं. वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद 39 लोगों को आरोपी बने और गांधीनगर थाने में FIR दर्ज कराई गई.

VIP नंबरों की अवैध बंदरबांट

जांच में खुलासा हुआ कि 1989 से पहले रजिस्टर्ड वाहनों के 7 अल्फा-न्यूमेरिक सीरीज वाले VIP नंबरों की अवैध रूप से बंदरबांट की गई. उस समय वाहनों के नंबरों में पहले 3 अंग्रेजी अक्षर और बाद में 4 अंक होते थे. बिना पुराने रजिस्टर्ड नंबरों के ही बैकलॉग के जरिए VIP नंबर जारी कर दिए गए. यहां तक कि निरस्त हो चुके नंबरों को भी दोबारा अलॉट किया गया.

पद के दुरुपयोग और राजस्व हानि के आरोप

FIR में अधिकारियों और कर्मचारियों पर पद के दुरुपयोग, सरकारी नियमों की अनदेखी और राज्य सरकार को राजस्व नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. कई कर्मचारियों ने सैकड़ों वाहनों के नंबरों की गैर-कानूनी बैकलॉग एंट्री की और उन्हीं अधिकारियों ने उन एंट्री को वेरिफाई भी कर दिया.

कई कर्मचारियों पर गंभीर आरोप

जांच में सामने आया कि कुछ कर्मचारियों ने दर्जनों बैकलॉग एंट्री और वेरिफिकेशन किए. किसी ने 80 से अधिक एंट्री तो किसी ने नियम विरुद्ध दर्जनों नंबरों को मंजूरी दी. इन सभी नामों का उल्लेख FIR में किया गया है और विस्तृत जांच जारी है.

पुलिस जुटी जांच में

पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है. विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं. यह घोटाला न सिर्फ सिस्टम में मौजूद खामियों को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि VIP नंबरों के लिए किस तरह नियमों की अनदेखी की गई. आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.

About the AuthorJagriti Dubey

With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें

Location :

Jaipur,Rajasthan

First Published :

January 04, 2026, 21:08 IST

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सेवन डिजिट VIP नंबर घोटाला! जयपुर परिवहन विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा, 39 पर FIR

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