Jodhpur News : 93 साल पुराना जोधपुर का महात्मा गांधी हॉस्पिटल हुआ हाईटेक, जानें क्या-क्या बदला?

Last Updated:January 01, 2026, 19:47 IST
Jodhpur News : महात्मा गांधी हॉस्पिटल जोधपुर में 232 सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी शुरू हुई है, जिससे सुरक्षा और अनुशासन मजबूत हुआ है. मरीजों में भरोसा भी बढ़ा है. अस्पताल में वर्तमान में कुल 232 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इन कैमरों की मॉनिटरिंग तीन अलग-अलग कमांड सेंटरों से की जाती है.
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जोधपुर. जोधपुर का 93 साल पुराना महात्मा गांधी हॉस्पिटल अब बदलते दौर के साथ हाईटेक होता नजर आ रहा है. मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने अभय कमांड सेंटर की तर्ज पर अत्याधुनिक कैमरा कंट्रोल रूम की स्थापना की है. इस कंट्रोल रूम से पूरे अस्पताल परिसर की 24 घंटे निगरानी की जा रही है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ व्यवस्थागत अनुशासन भी बेहतर हुआ है.
अस्पताल में वर्तमान में कुल 232 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इन कैमरों की मॉनिटरिंग तीन अलग-अलग कमांड सेंटरों से की जाती है. नर्सिंग सुपरीटेंडेंट एवं कैमरा सेंटर इंचार्ज महिपाल सिंह के अनुसार, इन कैमरों के जरिए अस्पताल में आने वाली भीड़ नियंत्रण, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की मौजूदगी, मरीजों की गतिविधियों और परिसर की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है. किसी भी संदिग्ध गतिविधि के सामने आते ही सुरक्षा टीम तुरंत मौके पर पहुंचती है और जरूरत पड़ने पर पुलिस को भी सूचना दी जाती है.
कैमरा कमांड सेंटर से 24 घंटे निगरानीमीडिया से बातचीत करते हुए नर्सिंग सुपरीटेंडेंट और कैमरा सेंटर इंचार्ज महिपाल सिंह ने बताया कि अस्पताल में लगाए गए 232 कैमरों को 24 घंटे मॉनिटर किया जाता है. इसके लिए तीन अलग-अलग कमांड सेंटर बनाए गए हैं, जहां नर्सिंग अधिकारी राउंड द क्लॉक ड्यूटी करते हैं. कैमरा सिस्टम में 15 से 30 दिन तक की रिकॉर्डिंग स्टोरेज की सुविधा मौजूद है. इससे अस्पताल में डॉक्टरों की उपस्थिति, नर्सिंग स्टाफ की कार्यप्रणाली और अन्य व्यवस्थाओं पर भी निगरानी रखी जा रही है.
रात में सोने वाले परिजनों की सुरक्षा पर विशेष ध्यानअस्पताल परिसर में कई बार मरीजों के परिजन रात के समय बाहर या गलियारों में सोते हैं. ऐसे में उनके मोबाइल फोन या नकदी चोरी होने की घटनाएं पहले सामने आती रही हैं. कैमरा निगरानी व्यवस्था शुरू होने के बाद इन घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगी है. असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर भी 24 घंटे नजर रखी जा रही है. किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि के दिखने पर टीम मौके पर पहुंचकर पूछताछ करती है और संदेह होने पर पुलिस को सूचित किया जाता है.
प्रबंधन की पहल से मजबूत हुई सुरक्षा व्यवस्थाअस्पताल अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह भाटी ने बताया कि प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा के मार्गदर्शन में अस्पताल में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं. मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा अस्पताल प्रशासन की प्राथमिकता है. इसी उद्देश्य से कैमरा कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है, ताकि पूरे अस्पताल की प्रभावी मॉनिटरिंग की जा सके और किसी भी प्रकार की अवांछनीय घटना को रोका जा सके.
हाईटेक निगरानी से मरीजों में बढ़ा भरोसा1932 में स्थापित महात्मा गांधी हॉस्पिटल आज भी जोधपुर का प्रमुख चिकित्सा केंद्र है, जहां फिजिशियन, बर्न यूनिट सहित कई विशेष यूनिट संचालित हो रही हैं. आधुनिक कैमरा निगरानी व्यवस्था लागू होने के बाद अस्पताल में चोरी, अव्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों में कमी आई है. मरीजों और उनके परिजनों में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है और अस्पताल का माहौल पहले से अधिक अनुशासित नजर आने लगा है. प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में इस सिस्टम को और अधिक उन्नत किया जाएगा, ताकि महात्मा गांधी हॉस्पिटल चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था के मामले में भी प्रदेश के अग्रणी सरकारी अस्पतालों में शामिल हो सके.
About the AuthorAnand Pandey
नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
Location :
Jodhpur,Rajasthan
First Published :
January 01, 2026, 19:47 IST
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93 साल पुराना जोधपुर का महात्मा गांधी हॉस्पिटल हुआ हाईटेक,जानें क्या-क्या बदला



