अनसुलझी गुत्थी को सुलझा रहे जोधपुर के IG, फिल्मी अंदाज में अपराधियों की धरपकड़, एक से बढ़कर एक किस्से

जोधपुर:- राजस्थान पुलिस के इतिहास में ऐसे अपराध जो कभी सुलझ नहीं पाए या फिर ऐसे कहें कि जिनकी फाइल अनसुलझी गुत्थी बन दबकर रह गई, उन्ही सभी फाइलों को बाहर निकालना और अलग-अलग ऑपरेशन्स का नाम देकर उनको मिशन मोड पर लेकर उन अनसुलझी गुत्थी को सुलझाने का काम भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी और जोधपुर रेंज के आईजी विकास कुमार और उनकी साइक्लोनर टीम द्वारा करने का काम किया जा रहा है. एक-एक ऑपरेशन को फिल्मी अंदाज में उस अपराधी तक पहुंचकर उसको पकड़ने का काम यह टीम कर रही है और यही वजह है कि 60 से ज्यादा ऑपरेशन टीम ने पूरे कर लिए हैं.
एक साथ चलाए जा रहे 50 के करीब ऑपरेशनचाहे अपराधी देश के किसी भी कोने में क्यों न छिपा हो, उसको पकड़कर सलाखों के पीछे भेजने के बाद ही यह टीम सुकून का एहसास करती है. यह जानकर किसी को भी हैरानी हो सकती है कि दिनभर ड्यूटी देने के बाद भी रात को जब हर कोई सो रहा होता है, तब आई ऑफ साइक्लोनर टीम जागती है और एक के बाद धड़ाधड़ अपराधियों को गिरफ्त में लेती है.
आईजी विकास कुमार के निर्देशन में टीम ने 50 से अधिक ऑपरेशन एक साथ चलाए हैं, जिस पर काम करते हुए पहले रिसर्च, फिर उसकी प्लानिंग और बाद में ऑपरेशन मोड पर लेकर उनको इम्पलिमेंट करने का काम किया जाता है और उसी का नतीजा है कि एक के बाद एक ऑपरेाशन चलाकर ऐसे मामलों का खुलासा किया जाता है, जिसमें अपराधी चाहे राज्य से बाहर बैठा हो या फिर देश से बाहर, उनको पकड़कर सलाखों के पीछे भेजने का काम आईजी विकास कुमार और उनकी टीम कर रही है.
इस तरह पूरी टीम करती है कामइन्ही ऑपरेशन के बारे में जानने के लिए लोकल-18 की टीम आईजी विकास कुमार के निवास पर बनी इस साइक्लोनर टीम के पास पहुंच गई, जहां एक-एक ऑपरेशन का बारिकी से न केवल जानकारी ली, बल्कि आईजी विकास कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 50 ऑपरेशन चलाते हैं, जिसमें 10 रिसर्च मोड पर रहते हैं. 20 ऑपरेशन रॉ मेटेरियल बिल्डिंग मोड पर और 20 ऑपरेशन जिनको इम्प्लिटेशन मोड यानि ऑपरेशन मोड पर लेते हुए उसमें हमारी टीम अपराधियों की धर-पकड़ के लिए फील्ड में निकल जाती है.
आईजी विकास कुमार ने कहा कि इस तरह से 50 ऑपरेशन पर हमारी टीम काम करती है. धीरे-धीरे एक मामला पकता है, तो कार्यवाही करते हैं. इसमें गैंग को तोडना, कुख्यात अपराधी की गिरफ्तारी हो या फिर ऐसा नेटवर्क तोड़ना हो, जो लम्बे समय से अनसुलझा हो. कुख्यात और सक्रिय अपराधी जो बहुत दिनों से पुलिस की आंखो में धूल झोंक कर पकड़ में नही आ रहे हो या जिनकी धरपकड़ सामान्य तरीके से संभव नहीं हो पा रही, ऐसे अपराधियों को हम इस ऑपरेशन में लेते है.
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ऑपरेशन मोना : जोधपुर रेंज का टॉप मोस्ट वांटेड, फिल्मी अंदाज में घेरकर पकड़ाइस ऑपरेशन के जरिए पुलिस ने जुलाई में शातिर तस्कर जस्सा राम को गिरफ्तार किया था. उस पर एक लाख रुपए से अधिक का इनाम भी घोषित था. आरोपी कई साल से मादक पदार्थ की तस्करी में शामिल था और पुलिस से बचने के लिए मोबाइल फोन भी उपयोग में नहीं लेता था. पुलिस को शक था कि आरोपी बाड़मेर में कहीं अलग-अलग नाम बदलकर रहता है. इस पर पुलिस ने उसकी पत्नी का पड़ोसी बनकर कमरा किराए पर लिया और उसकी पत्नी की निगरानी शुरू की.
इसमें सामने आया कि उसकी पत्नी जैसा राम को खाना देने के लिए गैराज में जाती है. पुख्ता सूचना और सबूत मिलने के बाद पुलिस ने उसके गैराज की ड्रोन से निगरानी की. बाद में कमांडो टीम ने फिल्मी स्टाइल में गैराज में कूदकर आरोपी को घेरा और उसे अन्य साथियों के साथ पकड़ लिया. पुलिस ने बदमाशों के पास से अवैध हथियारों का जखीरा जब्त किया था. आरोपी 2005 से मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल था. तीन बार पुलिस पर फायरिंग भी कर चुका था.
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FIRST PUBLISHED : December 20, 2024, 10:29 IST